'जिस जमीन पर पिता उगाते थे अन्न, वहीं से भरकर आई हूं उड़ान': मुख्यमंत्री से मिलकर जेवर के किसान की बेटी ने व्यक्त की अपनी भावनाएं
उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। नोएडा इंटरनेशनल
- जेवर से लखनऊ तक की ऐतिहासिक उड़ान: अपनी ही जमीन से आसमान छूने वाले किसानों की आंखों में छलके खुशी और गर्व के आंसू
- खेतों से रनवे तक का अभूतपूर्व सफर: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले अन्नदाताओं ने पहली बार तय की हवाई यात्रा
By Vijay Laxmi Singh(Editor- In- Chief)
उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन देने वाले जेवर के किसानों ने जब पहली बार हवाई जहाज में बैठकर देश के सबसे बड़े राज्य की राजधानी लखनऊ के लिए उड़ान भरी, तो नजारा देखने लायक था। इस अनूठी और भावुक कर देने वाली यात्रा के दौरान किसानों के चेहरों पर एक अजीब सी चमक, आंखों में असीम खुशी, मन में अपनी मातृभूमि के प्रति गर्व और अपनों से बिछड़ने की भावुकता एक साथ साफ देखी जा सकती थी। यह सिर्फ एक हवाई सफर नहीं था, बल्कि उन अन्नदाताओं के त्याग, समर्पण और आधुनिकता के साथ कदमताल करने के उनके हौसले का एक जीवंत उत्सव था, जिन्होंने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अपने सुनहरे भविष्य की नींव रखी है।
इस ऐतिहासिक हवाई सफर का हिस्सा बनने वाले जेवर के किसानों के परिवारों में एक नया जोश और उत्साह देखने को मिला। इसी उड़ान में शामिल होकर लखनऊ पहुंची जेवर के एक स्थानीय किसान की बेटी डॉ. हिरा राशिद ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए इस पल को अपने जीवन का सबसे स्वर्णिम क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उनके और उनके पूरे परिवार के लिए जेवर से लखनऊ तक की यह पहली हवाई यात्रा किसी बेहद खूबसूरत और अकल्पनीय सपने के सच होने जैसी महसूस हो रही है। अपनी ही आंखों के सामने जिस जमीन का स्वरूप बदलते देखा, आज उसी जमीन से आसमान की ऊंचाइयों को छूना एक ऐसा अहसास है जिसे शब्दों में पूरी तरह बयां कर पाना बेहद मुश्किल है। इस सफर ने किसानों के बच्चों को यह विश्वास दिलाया है कि सही दिशा में किया गया विकास उनके जीवन के स्तर को कितनी तेजी से बदल सकता है।
डॉ. हिरा राशिद ने इस बड़ी और अभूतपूर्व उपलब्धि का पूरा श्रेय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और उनकी समावेशी नीतियों को दिया। उन्होंने बेहद गर्व और सम्मान के साथ इस बात पर जोर दिया कि उन्हें यह कहते हुए आंतरिक रूप से बहुत ज्यादा गौरव की अनुभूति हो रही है कि जिस पावन भूमि पर उनके पिता दिन-रात पसीना बहाकर देश का पेट भरने के लिए अन्न उगाया करते थे, आज उसी गौरवशाली भूमि से अत्याधुनिक हवाई जहाज के जरिए उड़ान भरकर वे राज्य के मुखिया से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने आई हैं। यह बदलाव इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि अगर सरकार की नीयत साफ हो और विकास की सोच में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का हित शामिल हो, तो बड़े से बड़े सपनों को भी धरातल पर उतारा जा सकता है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से लेकर इसके धरातल पर उतरने तक का सफर देश के इतिहास में भूमि अधिग्रहण के सबसे सफल और अनुकरणीय मॉडलों में से एक माना जा रहा है। आमतौर पर बड़ी विकास परियोजनाओं के लिए जमीन लेने के दौरान किसानों के विरोध और लंबे समय तक चलने वाले कानूनी विवादों की खबरें सामने आती हैं, लेकिन जेवर के मामले में प्रशासन और स्थानीय किसानों के बीच आपसी समन्वय और संवाद की एक नई मिसाल कायम की गई। सरकार ने किसानों की मांगों को बेहद संवेदनशीलता के साथ सुना, उन्हें उचित मुआवजा दिया और उनके पुनर्वास के लिए सभी आधुनिक सुख-सुविधाओं से युक्त टाउनशिप विकसित की, जिससे किसानों के मन में सरकार और इस परियोजना के प्रति एक गहरा विश्वास पैदा हुआ।
इस हवाई यात्रा के दौरान विमान के अंदर का माहौल बेहद अनूठा और जज्बातों से भरा हुआ था। कई बुजुर्ग किसान ऐसे थे जिन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी हवाई जहाज को नजदीक से भी नहीं देखा था, वे आज उसी विमान की खिड़की से नीचे अपनी उन जमीनों को निहार रहे थे जिन्हें कभी उन्होंने अपने हाथों से सींचा था। किसानों ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि उनके द्वारा दी गई जमीन का उपयोग देश के विकास के लिए एक विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण में हो रहा है। इस पूरी यात्रा ने यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ अपने नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें आधुनिक सुविधाओं का सीधा लाभ पहुंचाने की दिशा में कितनी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता और अगाध श्रद्धा व्यक्त करते हुए डॉ. हिरा राशिद ने अपने मन की एक बड़ी इच्छा को भी साझा किया। उन्होंने देश के राजनीतिक परिदृश्य और वर्तमान नेतृत्व की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि राज्य को एक नए मुकाम पर ले जाने वाले और कानून-व्यवस्था के साथ-साथ विकास को नई रफ्तार देने वाले मुख्यमंत्री को वे भविष्य में देश के सर्वोच्च पद पर आसीन देखना चाहती हैं। उनका मानना है कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और जटिल राज्य की तस्वीर को प्रशासनिक दृढ़ता और स्पष्ट नीतियों के बल पर बदला गया है, उसी तरह की नेतृत्व क्षमता की आवश्यकता आने वाले समय में देश को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए होगी।
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