पश्चिम बंगाल: भ्रष्टाचार के आरोपों पर घिरे TMC नेता स्वपन सामंत, पहनाई जूतों की माला और कराई उठक-बैठक
पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता स्वपन सामंत के गले में जूतों की माला डाली गई और ग्रामीणों ने उनसे उठक-बैठक कराई।

बंगाल में बवाल: टीएमसी नेता स्वपन सामंत को ग्रामीणों ने जूतों की माला पहनाई, उठक-बैठक कराने का वीडियो वायरल
पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेता को ग्रामीणों ने दी अनोखी सजा, गले में डाले जूते और कराई उठक-बैठक
पश्चिम बंगाल: भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच घिरे टीएमसी नेता स्वपन सामंत, ग्रामीणों ने जूतों की माला पहनाकर कराई उठक-बैठक
पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय नेता स्वपन सामंत को भारी जनआक्रोश का सामना करना पड़ा है। हाल ही में राज्य के एक स्थानीय इलाके में ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार से नाराज होकर टीएमसी नेता के गले में जूतों की माला डाल दी और उनसे सरेआम उठक-बैठक कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वपन सामंत विभिन्न स्थानीय योजनाओं और वित्तीय कार्यों में कथित तौर पर भ्रष्टाचार में लिप्त थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जांच शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की उम्मीद है।
पश्चिम बंगाल से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां तृणमूल कांग्रेस के नेता स्वपन सामंत को स्थानीय लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर ग्रामीण लंबे समय से आक्रोशित थे। यह आक्रोश तब चरम पर पहुंच गया जब ग्रामीणों ने नेता को घेर लिया और उनके साथ दुर्व्यवहार करते हुए उनके गले में पुराने जूतों की माला पहना दी। इसके साथ ही उन्हें सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक करने पर भी मजबूर किया गया। लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी राजनीतिक प्रतिनिधि के साथ इस तरह के व्यवहार को लेकर अब कानूनी और सामाजिक स्तर पर बहस छिड़ गई है।
यह पूरा घटनाक्रम पश्चिम बंगाल के एक ग्रामीण अंचल का बताया जा रहा है, जहां स्वपन सामंत पार्टी के सांगठनिक कार्यों और स्थानीय स्तर पर दखल रखते हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, ग्रामीण काफी समय से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और फंड के आवंटन में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि स्वपन सामंत और उनके करीबियों ने विकास कार्यों के नाम पर आए पैसों का दुरुपयोग किया है।
घटना वाले दिन जब स्वपन सामंत इलाके के दौरे पर या किसी बैठक के सिलसिले में वहां पहुंचे, तो बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। शुरुआत में तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गई। उत्तेजित भीड़ में से कुछ लोगों ने जूतों की माला निकालकर उनके गले में डाल दी। खुद को घिरा देख और माहौल बिगड़ता देख टीएमसी नेता ने ग्रामीणों के सामने हाथ जोड़े, जिसके बाद भीड़ ने उनसे उठक-बैठक कराई। इस पूरी घटना को वहां मौजूद कुछ लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब इंटरनेट पर वायरल है।
इस घटना को लेकर राज्य के राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि यह घटना दर्शाती है कि बंगाल के जमीनी स्तर पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के प्रति जनता में कितना असंतोष और गुस्सा है। भ्रष्टाचार के कारण आम लोग अब खुद न्याय करने पर उतारू हो गए हैं।
वहीं दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व ने इस घटना की निंदा की है। पार्टी के प्रवक्ताओं का कहना है कि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून को अपना काम करना चाहिए, लेकिन किसी व्यक्ति को कानून हाथ में लेकर इस तरह अपमानित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। टीएमसी ने इसके पीछे विपक्ष की साजिश होने का भी अंदेशा जताया है। पीड़ित नेता स्वपन सामंत की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन उनके करीबियों का कहना है कि वे इस अपमान के खिलाफ कानूनी कदम उठा सकते हैं।
इस घटना का असर पश्चिम बंगाल की स्थानीय राजनीति पर व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। पंचायत स्तर के नेताओं में इस घटना के बाद से एक डर का माहौल है, वहीं आम जनता के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में तेजी आने की संभावना बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के आने के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि भीड़ द्वारा किसी नेता को इस तरह सरेआम सजा देना प्रशासनिक विफलता को भी दर्शाता है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके में गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की हिंसक झड़प को रोका जा सके।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। कानून को हाथ में लेने और एक राजनीतिक नेता के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं दूसरी तरफ, टीएमसी आलाकमान भी अपने स्तर पर स्वपन सामंत पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की आंतरिक जांच करवा सकता है, क्योंकि राज्य में आगामी चुनावों को देखते हुए पार्टी अपनी छवि को लेकर बेहद सतर्क है। आने वाले दिनों में कुछ स्थानीय चेहरों पर गाज गिर सकती है और पुलिस की कार्रवाई के बाद कुछ गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
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