पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पीएम मोदी को गाली देने के बाद से भड़का विवाद।

Bihar Politics: बिहार की राजधानी पटना में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। यह घटना तब हुई जब बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय

Aug 30, 2025 - 13:22
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पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पीएम मोदी को गाली देने के बाद से भड़का विवाद।
पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पीएम मोदी को गाली देने के बाद से भड़का विवाद।

बिहार की राजधानी पटना में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। यह घटना तब हुई जब बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय, सदाकत आश्रम, के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गया, जिसमें दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला किया। इस घटना ने बिहार की राजनीति में तनाव को और बढ़ा दिया है, खासकर तब जब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। यह विवाद 27 अगस्त 2025 को दरभंगा में शुरू हुआ, जब कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की संयुक्त ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान एक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। यह घटना दरभंगा के जाले विधानसभा क्षेत्र के सिमरी में हुई, जहां कांग्रेस नेता नौशाद आलम द्वारा आयोजित एक सभा में एक व्यक्ति, जिसकी पहचान रफीक उर्फ राजा के रूप में हुई, ने मंच से अपशब्द कहे। इस घटना का 33 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें मंच पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और तेजस्वी यादव के पोस्टर दिखाई दे रहे थे, हालांकि ये नेता उस समय वहां मौजूद नहीं थे। इस वीडियो ने बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं में आक्रोश पैदा किया, जिसके बाद उन्होंने इस टिप्पणी को न केवल प्रधानमंत्री का अपमान, बल्कि पूरे देश की मातृशक्ति का अपमान बताया।

29 अगस्त 2025 को बीजेपी ने इस टिप्पणी के विरोध में पटना में एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया। बीजेपी का युवा मोर्चा, जिसमें बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन, संजय सरावगी, और दीघा विधायक संजीव चौरसिया जैसे प्रमुख नेता शामिल थे, कुर्जी अस्पताल से सदाकत आश्रम तक विरोध मार्च निकाला। इस मार्च में बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल थे, जिनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था, “मां का अपमान, कांग्रेस की पहचान” और “मां का अपमान नहीं सहेगा बिहार”। प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण थी, लेकिन जैसे ही मार्च कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय, सदाकत आश्रम, के पास पहुंचा, स्थिति बिगड़ गई। कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के मुख्य गेट को तोड़कर परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई।

यह झड़प जल्द ही हिंसक हो गई, जिसमें दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों और झंडों के डंडों से एक-दूसरे पर हमला किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यालय के बाहर खड़ी कई गाड़ियों के शीशे तोड़े गए, और कार्यालय के गेट को भी नुकसान पहुंचाया गया। दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं, और कुछ को गंभीर चोटों के कारण कुर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थानीय लोगों और दुकानदारों में दहशत फैल गई, और कई दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और वाटर कैनन की गाड़ियां भी शामिल थीं। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को शांत कराया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दरभंगा में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति, रफीक उर्फ राजा, को 28 अगस्त 2025 को सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भोपुरा गांव से गिरफ्तार कर लिया। दरभंगा के सिमरी थाने में उसके खिलाफ कांड संख्या 243/25 दर्ज की गई थी। दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ रेड्डी ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की। इसके अलावा, पटना में हुई झड़प के संबंध में भी कई थानों में दोनों पक्षों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। बिहार राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया और दरभंगा के जिला मजिस्ट्रेट से इसकी रिपोर्ट मांगी है।

बीजेपी नेताओं ने इस घटना को लेकर कांग्रेस और राजद पर तीखा हमला बोला। बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन ने कहा, “प्रधानमंत्री और उनकी मां का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिहार का हर बेटा इसका जवाब देगा।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इस टिप्पणी के लिए माफी मांगने की मांग की। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसे “राजनीति का निम्नतम स्तर” बताया और कहा कि इसने अपमान और अश्लीलता की सभी सीमाएं पार कर दी हैं। बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को यात्रा में शामिल कर बिहारियों का अपमान किया है।

दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस घटना को बीजेपी द्वारा योजनाबद्ध हमला बताया। कांग्रेस कार्यकर्ता आशुतोष ने कहा, “यह सब सरकार की शह पर हुआ है। नीतीश कुमार गलत कर रहे हैं। हम इसका करारा जवाब देंगे।” कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की और पत्थरबाजी शुरू की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा, “सत्य और अहिंसा के आगे असत्य और हिंसा टिक नहीं सकते। हम सत्य और संविधान की रक्षा करते रहेंगे। सत्यमेव जयते।” यह बयान उनके कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर कृष्ण मुरारी प्रसाद ने कहा, “पथराव और हिंसा की घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत कार्रवाई की गई। आसपास के थानों को सूचित कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।” स्थानीय प्रशासन ने अब सदाकत आश्रम और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह घटना बिहार के पहले से ही गरमाए हुए चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बना रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद विधानसभा चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। बीजेपी इसे जनता की भावनाओं से जोड़कर प्रचार कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे बीजेपी की आक्रामकता और लोकतंत्र पर हमले के रूप में पेश कर रही है। इस घटना ने यह भी साफ कर दिया है कि बिहार में चुनावी माहौल और गर्म होने वाला है, और दोनों दल अपने कार्यकर्ताओं को संयम में रखने की चुनौती का सामना कर रहे हैं।

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