राहुल गांधी को डरपोक बताने के बाद शकील अहमद का दावा, राष्ट्रीय नेतृत्व ने दिया बिहार कांग्रेस को आक्रमण का आदेश।
पूर्व कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व पर उनके पटना और मधुबनी स्थित आवासों पर हमले की साजिश

- पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद ने लगाया गंभीर आरोप, कहा- कांग्रेस करवा सकती है उनके पटना और मधुबनी आवास पर हमला
- पुतला दहन के बहाने घर पर हमले की साजिश का खुलासा, शकील अहमद ने साझा किए व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट और पोस्ट
पूर्व कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व पर उनके पटना और मधुबनी स्थित आवासों पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है और उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ सहयोगियों ने उन्हें गुप्त रूप से जानकारी दी है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने बिहार कांग्रेस तथा युवा कांग्रेस को आदेश दिया है कि 27 जनवरी को पुतला दहन के बहाने उनके आवासों पर आक्रमण किया जाए। शकील अहमद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह दावा किया कि यह आक्रमण जनतंत्र के सिद्धांत के खिलाफ है और उन्होंने व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट साझा किया जिसमें एक व्यक्ति राहुल गांधी के बारे में अपशब्द कहने के लिए उन्हें मारने की बात कर रहा है। इस दावे से पहले शकील अहमद ने राहुल गांधी को डरपोक और असुरक्षित व्यक्ति बताया था और आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ऐसे किसी भी व्यक्ति के साथ असहज हैं तथा इसलिए अधिनायकवादी हैं और लोकतांत्रिक नहीं हैं। शकील अहमद ने कहा कि राहुल गांधी केवल उन युवा नेताओं को बढ़ावा देते हैं जो पार्टी में उनका गुणगान और चापलूसी करते हैं तथा वे लोकप्रिय और अनुभवी नेताओं के साथ काम करने में असहज महसूस करते हैं। उन्होंने कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र न होने का दावा किया और कहा कि राहुल गांधी तानाशाही अपनाते हैं तथा वरिष्ठ सहयोगियों की बात नहीं सुनते और पार्टी की राष्ट्रीय मौजूदगी पर अहंकार करते हैं। शकील अहमद ने आगे कहा कि कांग्रेस में अब शीर्ष नेतृत्व सिर्फ राहुल गांधी तक सीमित रह गया है और पार्टी पर उनका पूर्ण नियंत्रण है तथा उन्होंने राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अमित शाह हर दिन राहुल गांधी पर बयान देते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती जबकि वे अब कांग्रेस में भी नहीं हैं। शकील अहमद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई को इसलिए आगे बढ़ा रहे हैं ताकि वरिष्ठ नेताओं को बाहर कर उनकी जगह ऐसे लोगों को लाया जाए जो उनकी तारीफ करें। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई को एकजुट कर वरिष्ठ और स्थापित नेताओं को पार्टी से बाहर करने की रणनीति बनाई है तथा नेहरू-गांधी परिवार से होने के कारण उनमें श्रेष्ठता का भाव है। शकील अहमद ने अपने बयान में जोर दिया कि उनका राहुल गांधी पर बयान गलत हो सकता है लेकिन उन्हें अपने विचार रखने का अधिकार है और उन्होंने कांग्रेस के कई सहयोगियों के फोन आने का जिक्र किया तथा सवाल उठाया कि क्या इसके पीछे राहुल गांधी का हाथ है। शकील अहमद ने दावा किया कि वे कांग्रेस के दुश्मन नहीं बल्कि शुभचिंतक हैं और उन्होंने किसी अन्य पार्टी में शामिल न होने का संकल्प लिया है तथा उनका अंतिम वोट भी कांग्रेस को ही जाएगा। इस मामले के बाद बिहार पुलिस ने शकील अहमद के पटना स्थित आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। शकील अहमद बिहार से तीन बार विधायक और दो बार सांसद रहे हैं तथा वे 2000 से 2003 तक बिहार प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भी थे और उन्होंने 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस छोड़ दी थी।
पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके पटना और मधुबनी आवासों पर हमले का आदेश दिया है जो पुतला दहन के बहाने अंजाम दिया जा सकता है और उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस के कुछ साथियों ने गुप्त रूप से उन्हें खबर दी है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने बिहार कांग्रेस और युवा कांग्रेस को यह आदेश दिया है कि 27 जनवरी को आक्रमण किया जाए। शकील अहमद ने इस साजिश को लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ बताया और व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट साझा किए जिसमें राहुल गांधी के बारे में अपशब्द कहने के लिए उन्हें मारने की बात की गई है। इस दावे का संदर्भ राहुल गांधी पर उनके हालिया बयानों से जुड़ा है जहां उन्होंने राहुल गांधी को डरपोक और असुरक्षित नेता करार दिया तथा आरोप लगाया कि राहुल गांधी केवल चापलूसों को प्रमोट करते हैं और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा करते हैं। शकील अहमद ने कहा कि राहुल गांधी पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं और वे अधिनायकवादी हैं तथा लोकतांत्रिक नहीं हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई को वरिष्ठ नेताओं को बाहर करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं और नेहरू-गांधी परिवार से होने के कारण श्रेष्ठता का भाव रखते हैं। शकील अहमद ने दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कहा कि अमित शाह राहुल गांधी पर रोज बयान देते हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती जबकि वे अब पार्टी में नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस में शीर्ष नेतृत्व के सिर्फ राहुल गांधी तक सीमित होने का दावा किया और पार्टी पर उनके पूर्ण नियंत्रण का जिक्र किया। शकील अहमद ने अपने विचार रखने के अधिकार पर जोर दिया और कहा कि उनका बयान गलत हो सकता है लेकिन उन्हें बोलने का हक है तथा उन्होंने कांग्रेस सहयोगियों के फोन आने का उल्लेख किया और सवाल किया कि क्या यह सब राहुल गांधी के आदेश के बिना हो रहा है। शकील अहमद ने खुद को कांग्रेस का शुभचिंतक बताया और कहा कि वे किसी अन्य पार्टी में नहीं जाएंगे तथा उनका अंतिम वोट कांग्रेस को ही जाएगा। इस आरोप के बाद बिहार पुलिस ने उनके पटना आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति की निगरानी कर रही है। शकील अहमद तीन बार बिहार से विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं तथा 2000 से 2003 तक बिहार प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष थे और 2025 बिहार चुनाव के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ी थी।
शकील अहमद ने दावा किया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उनके घरों पर हमले का आदेश दिया है और उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि कुछ साथियों ने गुप्त रूप से खबर दी है कि 27 जनवरी को पुतला दहन के बहाने पटना और मधुबनी आवास पर आक्रमण होगा जो जनतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट शेयर किया जिसमें उन्हें मारने की बात है और कहा कि अब उनकी जानकारी सही साबित हुई है तथा पुराने दोस्त काम आते हैं। यह दावा राहुल गांधी को डरपोक कहने के बाद आया जहां शकील अहमद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी असुरक्षित हैं और वरिष्ठ नेताओं के साथ असहज हैं तथा अधिनायकवादी हैं। शकील अहमद ने कहा कि राहुल गांधी चापलूसी करने वालों को प्रमोट करते हैं और पार्टी में आधार न रखने वालों को आगे बढ़ाते हैं तथा वरिष्ठ सहयोगियों को नहीं सुनते। उन्होंने कांग्रेस की राष्ट्रीय स्थिति पर राहुल गांधी के अहंकार का जिक्र किया और कहा कि पार्टी दूसरे स्थान से नीचे नहीं गिर सकती। शकील अहमद ने राहुल गांधी पर यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई को वरिष्ठ नेताओं को हटाने के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और नेहरू-गांधी परिवार से श्रेष्ठता का भाव होने का दावा किया। उन्होंने दोहरे मापदंड पर सवाल उठाया कि अमित शाह के बयानों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती और वे अब पार्टी से बाहर हैं। शकील अहमद ने अपने बयान को गलत होने की संभावना मानी लेकिन विचार रखने के अधिकार पर जोर दिया और कांग्रेस सहयोगियों के संपर्क का उल्लेख किया तथा राहुल गांधी के आदेश की संभावना पर सवाल किया। उन्होंने खुद को कांग्रेस का शुभचिंतक बताया और अन्य पार्टी न加入ने तथा कांग्रेस को वोट देने का संकल्प जताया। इस मामले में बिहार पुलिस ने उनके आवास पर सुरक्षा कड़ी की है और निगरानी कर रही है। शकील अहमद बिहार के पूर्व विधायक और सांसद हैं तथा बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और 2025 चुनाव के बाद कांग्रेस छोड़ी।
शकील अहमद ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने हमले का आदेश दिया है और एक्स पोस्ट में कहा कि 27 जनवरी को पुतला दहन के बहाने आक्रमण होगा जो लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने स्क्रीनशॉट साझा किया जिसमें मारने की बात है और पुराने साथियों का धन्यवाद किया। यह राहुल गांधी को डरपोक कहने के संदर्भ में है जहां उन्होंने असुरक्षा और अधिनायकवाद का आरोप लगाया। शकील अहमद ने चापलूसी और आधारहीन नेताओं को प्रमोट करने का दावा किया तथा वरिष्ठों को अनसुना करने का जिक्र किया। उन्होंने पार्टी की स्थिति पर अहंकार और यूथ संगठनों के इस्तेमाल का आरोप लगाया। शकील अहमद ने श्रेष्ठता भाव और दोहरे मापदंड पर सवाल उठाया। उन्होंने विचार रखने के अधिकार और सहयोगियों के संपर्क का उल्लेख किया तथा राहुल गांधी के आदेश पर संदेह जताया। शकील अहमद ने शुभचिंतक होने और कांग्रेस को वोट देने का कहा। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई है। वे पूर्व नेता हैं जिन्होंने पार्टी छोड़ी।
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