Chhatarpur Lightning Strike: छतरपुर के पाली गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो किसानों की मौत, खरीफ की फसल बचाने के प्रयास में हुआ हादसा
Chhatarpur News: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के पाली गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो किसानों की मौत हो गई। दोनों मूसलाधार बारिश में खरीफ के बीज बचा रहे थे।

- Madhya Pradesh Farmers Death: मध्य प्रदेश के छतरपुर में आकाशीय बिजली का कहर, बीज ढक रहे दो किसानों की दर्दनाक मौत
- अन्नदाता पर कुदरत की मार: छतरपुर में मूसलाधार बारिश के बीच खरीफ के बीजों को बचाते समय गिरी आकाशीय बिजली, 2 किसानों की मौत
- छतरपुर में बड़ा हादसा: आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो किसानों की गई जान, गांव में पसरा मातम
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक घटना सामने आई है। जिले के पाली गांव में मूसलाधार बारिश के दौरान आकाशीय बिजली (गाज) गिरने की चपेट में आने से दो स्थानीय किसानों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुखद हादसा हाल ही में तब हुआ जब दोनों किसान अपने खेतों में खुले में रखे खरीफ फसलों के बीजों को भीगने से बचाने का अथक प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम और खराब हुआ और तेज गर्जना के साथ आसमानी बिजली सीधे उनके ऊपर गिर गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है, और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश की चेतावनियों के बीच बुंदेलखंड अंचल के छतरपुर जिले में आकाशीय बिजली का कहर देखने को मिला है। पाली गांव में खेतों पर काम कर रहे दो किसान प्राकृतिक आपदा का शिकार हो गए। खेती-किसानी के सीजन में अपनी मेहनत की कमाई और बुआई के लिए तैयार किए गए खरीफ के बीजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने या ढकने के प्रयास के दौरान यह जानलेवा हादसा हुआ। ग्रामीण इलाकों में इस तरह आकाशीय बिजली गिरने से पहले भी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन फसलों और बीजों को बचाने के चक्कर में जान गंवाने की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्राम प्रधान से मिली जानकारी के अनुसार, पाली गांव में सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए हुए थे और कुछ ही समय बाद मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। खेतों में बुआई के लिए खरीफ के काफी बीज खुले में रखे हुए थे। बारिश को तेज होते देख दोनों किसान हड़बड़ाहट में अपने खेतों की तरफ भागे ताकि बीजों को तिरपाल या प्लास्टिक से ढककर भीगने और बर्बाद होने से बचाया जा सके।
वे दोनों खेत में काम कर ही रहे थे कि अचानक आसमान में एक तेज कौंध उठी और गड़गड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली ठीक उसी स्थान पर गिरी जहां दोनों किसान खड़े थे। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे वहीं अचेत होकर गिर पड़े। आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण जब तक मदद के लिए दौड़कर वहां पहुंचे, तब तक दोनों दम तोड़ चुके थे। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और तहसील प्रशासन को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों का पंचनामा बनाकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।
इस घटना के बाद पाली गांव समेत पूरे छतरपुर जिले के किसान परिवारों में शोक की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों और किसान संगठनों ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि मृतक किसानों के परिवारों को आपदा राहत कोष से तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए, क्योंकि वे अपनी आजीविका और अगली फसल के लिए संघर्ष करते हुए शहीद हुए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस संबंध में बताया कि राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर नुकसान और घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों के मुताबिक, आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौत के मामलों में शासकीय प्रावधानों के तहत पीड़ित परिवारों को आपदा प्रबंधन के नियमों के अंतर्गत सहायता राशि स्वीकृत की जाएगी। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।
इस दुखद हादसे का सबसे बड़ा प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था और वहां के माहौल पर पड़ा है। खेती के मुख्य सीजन में दो कमाऊ सदस्यों को खोने से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण भारत में आज भी किसान मौसम की अनिश्चितताओं और प्राकृतिक आपदाओं के सामने कितने असहाय हैं। इसके अलावा, खरीफ सीजन की शुरुआत में ही इस तरह की घटना से गांव के अन्य किसानों में भी डर का माहौल बन गया है, जिससे खेतों में काम प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग ने छतरपुर सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों में आगामी 48 घंटों के लिए भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का 'येलो अलर्ट' जारी रखा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या खुले खेतों में जाने से बचें। पीड़ित परिवारों के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा और सहायता राशि के कागजात को जल्द से जल्द प्रोसेस करने का आश्वासन दिया गया है।
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