Jamui News: नाबालिग छात्रा से अभद्रता और छात्र की पिटाई पर तनाव, पुलिस ने 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया

बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से अभद्रता और छात्र के साथ मारपीट मामले में पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

Sep 22, 2026 - 11:09
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Jamui News: नाबालिग छात्रा से अभद्रता और छात्र की पिटाई पर तनाव, पुलिस ने 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया

जमुई/पटना। बिहार के जमुई जिले में एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न (छेड़छाड़) और उसके साथ मौजूद नाबालिग छात्र के साथ मारपीट की घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और त्वरित छापेमारी करते हुए तीन संदिग्ध युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। इस संवेदनशील घटना के सामने आते ही राज्य की राजनीति भी गरमा गई है, जहां सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर तीखे आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों नाबालिग छात्र-छात्रा जब अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे, तभी सुनसान इलाके में कुछ असमाजिक तत्वों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि आरोपियों ने पहले छात्र के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की, जिसके बाद छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ की कोशिश की गई। विरोध करने पर दोनों को धमकाया गया। घटना के बाद घबराए पीड़ित बच्चों ने परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: पॉक्सो एक्ट के तहत केस, तीन हिरासत में

मामले की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय थाने में सुसंगत कानूनी धाराओं, जिसमें बीएनएस की गंभीर धाराएं और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम शामिल हैं, के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर संभावित ठिकानों पर दबिश देकर तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।

जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए तीनों व्यक्तियों से गहन पूछताछ की जा रही है। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और चश्मदीदों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का स्पष्ट रुख है कि पीड़िता की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखते हुए विधिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

घटना पर तेज हुई सियासी बयानबाजी

नाबालिग बच्चों से जुड़ी इस वारदात के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार को घेरते हुए प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में आपराधिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं और स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राएं तक सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। विपक्षी प्रवक्ताओं ने मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने की मांग की है।

दूसरी ओर, सत्तापक्ष की ओर से विपक्षी आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया है कि सरकार कानून के राज से कोई समझौता नहीं करती। सत्तापक्ष के नेताओं का तर्क है कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना किसी दबाव के चंद घंटों के भीतर संदिग्धों को दबोच लिया है। सरकार का दावा है कि प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा रही है।

इलाके में सतर्कता और शांति की अपील

संवेदनशील प्रकृति का मामला होने के चलते स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में एहतियातन पुलिस गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी प्रकार का सामाजिक तनाव या अफवाह न फैल सके। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

पुलिस प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की असत्यापित खबर या भ्रामक वीडियो साझा न करें। कानून को अपना काम करने दिया जाए। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले में ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित कर जल्द से जल्द अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया जाएगा ताकि पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके।

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