लॉस एंजिल्स मेयर चुनाव में बड़ा उलटफेर: भारत में जन्मी नित्या रमन ने मौजूदा मेयर करेन बैस को हराया
भारत में जन्मी नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स मेयर चुनाव में मौजूदा मेयर करेन बैस को हराकर इतिहास रच दिया है। वह शहर की पहली दक्षिण एशियाई मेयर बनी हैं।

- केरल में जन्मी नित्या रमन बनीं लॉस एंजिल्स की पहली दक्षिण एशियाई मेयर, करेन बैस ने स्वीकार की हार
- अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल की महिला का ऐतिहासिक मुकाम, नित्या रमन चुनी गईं लॉस एंजिल्स की नई मेयर
- डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट नित्या रमन की ऐतिहासिक जीत: 20 साल बाद लॉस एंजिल्स में हारीं मौजूदा मेयर
लॉस एंजिल्स/नई दिल्ली: अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर लॉस एंजिल्स के मेयर चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है। भारत में जन्मी नगर योजनाकार (अर्बन प्लानर) और लॉस एंजिल्स नगर परिषद की सदस्य नित्या रमन ने मौजूदा मेयर करेन बैस को चुनाव में पराजित कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इसके साथ ही नित्या रमन लॉस एंजिल्स की पहली दक्षिण एशियाई और पहली एशियाई-अमेरिकी मेयर बन गई हैं।
चुनाव नतीजों में बढ़त स्पष्ट होने के बाद मौजूदा मेयर करेन बैस ने अपनी हार स्वीकार करते हुए नित्या रमन को फोन कर बधाई दी और सत्ता के सुचारू हस्तांतरण की प्रतिबद्धता जताई। दो दशकों में यह पहला मौका है जब लॉस एंजिल्स में किसी सिटिंग मेयर को दोबारा चुने जाने के प्रयास में शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
- बेहद कड़े मुकाबले में हासिल की बढ़त
प्रारंभिक चुनावी अनुमानों और मतगणना के आंकड़ों के अनुसार, नित्या रमन को करीब 51.1 प्रतिशत वोट मिले, जबकि करेन बैस को लगभग 48.33 प्रतिशत वोट हासिल हुए। इस मुकाबले में नित्या रमन को वामपंथी और प्रगतिशील मतदाताओं के साथ-साथ युवाओं (विशेषकर 30 से 39 वर्ष वर्ग) का मजबूत समर्थन मिला।
नित्या रमन 'डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका' (DSA) से जुड़ी रही हैं और उन्होंने आवास संकट, किराएदारों के अधिकार, बेघर लोगों (होमलेसनेस) की समस्या और सार्वजनिक सेवाओं के सुधार को अपना प्रमुख चुनावी एजेंडा बनाया था।
- केरल से हार्वर्ड और एमआईटी तक का सफर
नित्या रमन का जन्म 1981 में भारत के केरल राज्य (तिरुवनंतपुरम) में हुआ था। जब वह छह वर्ष की थीं, तब उनका परिवार अमेरिका चला गया था। उन्होंने 22 वर्ष की आयु में अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की।
शिक्षा के क्षेत्र में नित्या रमन का मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री ली और बाद में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारत लौटकर चेन्नई में शहरी स्वच्छता पर केंद्रित संस्था 'ट्रांसपेरेंट चेन्नई' की स्थापना भी की थी।
साल 2013 में लॉस एंजिल्स आने के बाद उन्होंने नगर प्रशासन के साथ काम किया और बेघर लोगों की मदद के लिए संस्थागत प्रयास शुरू किए। वर्ष 2020 में उन्होंने पहली बार लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल के चौथे जिले से चुनाव जीतकर नगर परिषद में प्रवेश किया था।
- कैसे बना हार-जीत का समीकरण?
शुरुआती दौर में नित्या रमन ने करेन बैस का समर्थन किया था, लेकिन शहर में गहराते आवास संकट, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और पालीसेड्स आग जैसी घटनाओं के बाद जनता के असंतोष को देखते हुए उन्होंने अंतिम समय में चुनावी दौड़ में उतरने का फैसला किया। प्राइमरी चुनाव के बाद मुख्य मुकाबले में उन्होंने शहर के बुनियादी ढांचे और जनहित से जुड़े मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाया, जिससे उन्हें स्थापित राजनीतिक ढांचे के खिलाफ एक बड़ा जनादेश मिला।
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