Youth Congress Mass Suspension - CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रैली से नदारद रहे 200+ पदाधिकारी सस्पेंड, मध्य प्रदेश से सर्वाधिक 60 पर गिरी गाज
इंडियन यूथ कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित रैली में न पहुंचने पर 7 राज्यों के 200 से अधिक पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

- IYC Chief Uday Bhanu Chib Action - 'हमारे कार्यकर्ता जंग के घोड़े हैं', 7 राज्यों के 200 से अधिक नेताओं पर यूथ कांग्रेस की बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई
- INDIA Bloc Rally Absenteeism - 'इंडिया' गठबंधन के प्रदर्शन में शामिल न होने पर यूथ कांग्रेस में हड़कंप, एमपी-गुजरात समेत 7 राज्यों में सामूहिक निलंबन
- Congress Disciplinary Action - राहुल गांधी के आह्वान पर नहीं आए तो नपे: यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बोले- इस समय नेता के साथ खड़े रहने का कड़ा संदेश
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को लेकर इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना करने और 1 नवंबर को आयोजित रैली में गैरहाजिर रहने के आरोप में 7 प्रमुख राज्यों के 200 से अधिक पदाधिकारियों को एक साथ निलंबित कर दिया गया है।
पार्टी के भीतर इस सामूहिक अनुशासनात्मक कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संगठन की समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि कई महत्वपूर्ण राज्य और जिला स्तर के पदाधिकारी इतने बड़े राष्ट्रीय मुद्दे के बावजूद जमीन पर नजर नहीं आए।
- किस राज्य से कितने पदाधिकारी हुए सस्पेंड?
निलंबन की इस सूची में सबसे बड़ा झटका मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस को लगा है। राज्यवार आंकड़े इस प्रकार हैं:
मध्य प्रदेश: सर्वाधिक 60 पदाधिकारी निलंबित
गुजरात: 49 पदाधिकारियों पर गिरी गाज
पश्चिम बंगाल: 26 पदाधिकारी सस्पेंड
तेलंगाना: 14 पदाधिकारियों पर कार्रवाई
उत्तर प्रदेश: 13 पदाधिकारी निलंबित
हिमाचल प्रदेश: 13 पदाधिकारी सस्पेंड
हरियाणा: 10 पदाधिकारियों पर गिरी कार्रवाई की गाज
- 'हमारे कार्यकर्ता जंग वाले घोड़े हैं' : उदय भानु चिब
इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने मीडिया से बातचीत में इस बड़े कदम की पुष्टि करते हुए संगठन की स्थिति स्पष्ट की। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, चिब ने कहा, "1 नवंबर की रैली में हमारे ज्यादातर पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरी ताकत से पहुंचे थे, लेकिन कुछ पदाधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के नदारद रहे। आज स्थिति यह है कि राहुल गांधी की आवाज और उनके आह्वान पर देश का आम युवा बिना किसी पद के भी सड़कों पर उतर रहा है। ऐसे में जो लोग संगठन के पदों पर बैठे हैं, वे घर पर नहीं बैठ सकते।"
चिब ने आगे कहा कि यह सख्त कदम इसलिए उठाया गया है ताकि पूरे संगठन में स्पष्ट संदेश जाए कि संकट और संघर्ष के इस दौर में सभी को अपने नेता के साथ डटकर खड़ा होना होगा। उन्होंने पदाधिकारियों को 'जंग के घोड़े' बताते हुए कहा, "हमारे कार्यकर्ता जंग वाले घोड़े हैं, जो मैदान में संघर्ष के लिए तैयार किए जाते हैं। अगर किसी अनुपस्थित पदाधिकारी के पास गैरहाजिरी की कोई ठोस और जायज वजह (बीमारी या आपात स्थिति) होगी, तो समीक्षा के बाद कुछ दिनों में उनका निलंबन वापस ले लिया जाएगा, लेकिन अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।"
What's Your Reaction?









