सीरीज खत्म होते ही वह विशाखापट्टनम के सिंहाचलम मंदिर में दर्शन करने पहुंचे विराट कोहली, साउथ अफ्रीका ODI सीरीज में 302 रनों की धमाकेदार पारी के बाद लिया आशीर्वाद। 

भारतीय क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर खेली गई तीन मैचों की ODI सीरीज को 2-1 से जीत लिया, जिसमें विराट कोहली

Dec 8, 2025 - 13:23
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सीरीज खत्म होते ही वह विशाखापट्टनम के सिंहाचलम मंदिर में दर्शन करने पहुंचे विराट कोहली, साउथ अफ्रीका ODI सीरीज में 302 रनों की धमाकेदार पारी के बाद लिया आशीर्वाद। 
सीरीज खत्म होते ही वह विशाखापट्टनम के सिंहाचलम मंदिर में दर्शन करने पहुंचे विराट कोहली, साउथ अफ्रीका ODI सीरीज में 302 रनों की धमाकेदार पारी के बाद लिया आशीर्वाद। 

भारतीय क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर खेली गई तीन मैचों की ODI सीरीज को 2-1 से जीत लिया, जिसमें विराट कोहली ने शानदार प्रदर्शन किया। कोहली ने पूरे सीरीज में 302 रन बनाए, जो उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दिलाने वाला साबित हुआ। सीरीज का अंतिम मैच 6 दिसंबर 2025 को विशाखापट्टनम के एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया, जहां भारत ने नौ विकेट से आसान जीत दर्ज की। इस जीत के ठीक बाद कोहली ने 7 दिसंबर को विशाखापट्टनम के प्रसिद्ध सिंहाचलम मंदिर पहुंचकर भगवान वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी के दर्शन किए, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। कोहली ने सफेद कुर्ता पहनकर मंदिर में पूजा-अर्चना की और विशेष दर्शन प्राप्त किया।

सीरीज का पहला मैच 1 दिसंबर 2025 को रांची के जेसीएनएस स्टेडियम में खेला गया, जहां साउथ अफ्रीका ने भारत को 7 विकेट से हराकर 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 233 रन का स्कोर बनाया, जिसमें कोहली ने 135 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। उनकी यह पारी 122 गेंदों पर खेली गई, जिसमें 12 चौके और 4 छक्के शामिल थे। कोहली ने ओपनर यशस्वी जायसवाल के साथ 150 रनों की साझेदारी की, लेकिन बाकी बल्लेबाजों का प्रदर्शन कमजोर रहने के कारण भारत का स्कोर सीमित रहा। साउथ अफ्रीका की ओर से क्विंटन डी कॉक ने 78 और टेंबा बावुमा ने 52 रनों की पारी खेली, जबकि चेज में डेविड मिलर ने 64 रनों की नाबाद पारी खेलकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस मैच में कोहली की पारी ने भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन टीम हार गई। दूसरा मैच 4 दिसंबर 2025 को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में हुआ, जहां भारत ने 78 रनों से शानदार जीत दर्ज कर सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया। साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और 192 रन पर सिमट गया। भारत की ओर से कुलदीप यादव ने 4 विकेट लिए, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 सफलताएं हासिल कीं। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 36.3 ओवर में 193 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। कोहली ने इस मैच में 102 रनों की शतकीय पारी खेली, जो 98 गेंदों पर 9 चौकों और 3 छक्कों से सजी। उनकी यह पारी रोहित शर्मा के 52 रनों के साथ मिलकर भारत को आसान जीत दिलाई। कोहली की दो लगातार शतक की बदौलत भारत ने सीरीज में वापसी की, और यह मैच निर्णायक साबित हुआ।

तीसरा और अंतिम मैच 6 दिसंबर 2025 को विशाखापट्टनम में खेला गया, जहां भारत ने साउथ अफ्रीका को 270 रनों का लक्ष्य दिया। साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 47.5 ओवर में 270 रन बनाए, जिसमें क्विंटन डी कॉक ने 106 रनों की शतकीय पारी खेली। टेंबा बावुमा ने 48 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से कुलदीप यादव ने 4 विकेट लिए, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने 4 सफलताएं हासिल कीं। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 39.5 ओवर में 271 रन बनाकर नौ विकेट से जीत हासिल की। यशस्वी जायसवाल ने नाबाद 116 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, जो उनकी पहली ODI शतक थी। रोहित शर्मा ने 75 रनों का योगदान दिया, जबकि कोहली ने 45 गेंदों पर नाबाद 65 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 3 छक्के शामिल थे। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज 2-1 से जीत ली।

पूरी सीरीज में कोहली ने तीन पारियों में 302 रन बनाए, जिसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल था। उनका औसत 151 का रहा और स्ट्राइक रेट 117 से अधिक था। उन्होंने सीरीज में कुल 12 छक्के लगाए, जो किसी भी बल्लेबाज से सबसे अधिक थे। यह उनका ODI में 12वां प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड था, जो उन्हें इस फॉर्मेट में दूसरे सबसे अधिक प्राप्तकर्ता के रूप में स्थापित करता है। कोहली ने मैच के बाद कहा कि यह सीरीज उनके लिए पिछले 2-3 वर्षों में सबसे संतोषजनक रही, क्योंकि वे मानसिक रूप से स्वतंत्र महसूस कर रहे थे। 2025 में कोहली ने कुल 13 ODI मैचों में 651 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और चार अर्धशतक शामिल थे। उनका औसत 65.10 का रहा। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद ODI पर फोकस ने उनके प्रदर्शन को नई ऊंचाई दी। सीरीज समाप्ति के तुरंत बाद कोहली विशाखापट्टनम के सिंहाचलम मंदिर पहुंचे, जो शहर से लगभग 18 किलोमीटर दूर सिमहाचलम पहाड़ियों पर स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु के वराह अवतार को समर्पित है और नरसिंह स्वरूप में पूजा जाता है। मंदिर की स्थापना 11वीं शताब्दी में चोल राजा कुलोतुंग चोल प्रथम ने की थी। मंदिर में विशेष रूप से चंदन की परत से ढकी मूर्ति प्रसिद्ध है, जो साल में केवल एक बार चांद्रायण उत्सव के दौरान हटाई जाती है। कोहली ने मंदिर पहुंचकर काप्पा स्तंभ को आलिंगन किया, जो भक्तों के लिए पवित्र माना जाता है। उसके बाद उन्होंने गर्भगृह में विशेष दर्शन किया और पूजा-अर्चना की। मंदिर अधिकारियों ने उन्हें पूर्ण कुम्भम से स्वागत किया और वेदों के आशीर्वाद के साथ तीर्थ प्रसाद तथा देवता की तस्वीर भेंट की।

कोहली के साथ वॉशिंगटन सुंदर और फील्डिंग कोच दिलीप भी मंदिर पहुंचे। कोहली ने सफेद कुर्ता पहनकर माथे पर तिलक लगाया और फूलों की माला लेकर पूजा की। वीडियो में दिखाया गया कि वे मंदिर के पुजारियों के साथ बातचीत कर रहे थे और भक्तों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जहां लाखों व्यूज मिले। मंदिर के अधिकारियों ने बताया कि कोहली ने शांतिपूर्वक दर्शन किए और कोई विशेष अनुरोध नहीं किया। सिंहाचलम मंदिर वार्षिक रूप से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, और क्रिकेटरों का यहां आगमन आम है। कोहली का यह दौरा सीरीज जीत के बाद की परंपरा का हिस्सा लगा, जहां खिलाड़ी स्थानीय धार्मिक स्थलों पर जाकर आशीर्वाद लेते हैं। भारतीय टीम की इस सीरीज में समग्र प्रदर्शन मजबूत रहा। गेंदबाजी में कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि बल्लेबाजी में जायसवाल और रोहित ने मजबूत शुरुआत दी। साउथ अफ्रीका की टीम ने पहला मैच जीतकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन बाद के मैचों में संघर्ष किया। डी कॉक की शतकीय पारी तीसरे मैच में उल्लेखनीय रही, लेकिन भारत की गेंदबाजी ने उन्हें रोक दिया। सीरीज के दौरान मौसम सामान्य रहा, और विशाखापट्टनम में मैच के बाद बारिश की कोई संभावना नहीं थी। कोहली की 302 रनों की पारी ने न केवल सीरीज जीत दिलाई, बल्कि उनके ODI करियर में एक नया अध्याय जोड़ा। यह सीरीज 2025 की अंतिम ODI सीरीज थी, और भारत ने घरेलू मैदान पर 11 में से 10 सीरीज जीतीं।

कोहली का सिंहाचलम मंदिर दौरा उनके व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा रहा। वे परिवार के साथ विशाखापट्टनम में रुके, और मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया। मंदिर के वेद पाठ और नादस्वरम वादन के बीच पूजा संपन्न हुई। कोहली ने मंदिर से प्रसाद लेकर टीम के अन्य सदस्यों को भी वितरित किया। यह घटना क्रिकेट और आध्यात्मिकता के मेल को दर्शाती है, जहां खिलाड़ी सफलता के बाद धार्मिक स्थलों पर जाते हैं। वीडियो में कोहली का शांत स्वरूप दिखा, जो सीरीज की थकान के बावजूद भक्ति में लीन था। मंदिर के पुजारी ने बताया कि कोहली ने देवता से देश और टीम की भलाई के लिए प्रार्थना की। सीरीज के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोहली ने ODI में 53 शतक पूरे किए, जो किसी भी बल्लेबाज के रिकॉर्ड से अधिक है। उनके 20 प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे अधिक हैं। सिंहाचलम मंदिर का इतिहास समृद्ध है, जहां हर साल चांद्रायण उत्सव में मूर्ति का चंदन हटाया जाता है। कोहली का दौरा मंदिर की लोकप्रियता को बढ़ाने वाला रहा। भारत की अगली ODI सीरीज जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ होगी, जहां कोहली की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। सीरीज समाप्ति पर बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को बधाई दी, और विशाखापट्टनम ने मेजबानी के लिए सराहना प्राप्त की। कोहली की पारी और मंदिर दौरा इस सीरीज के प्रमुख बिंदु बने।

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