Aviation Turbine Fuel - दिवाली और छठ से पहले विमान ईंधन के दाम बढ़े, हवाई सफर हो सकता है महंगा
त्योहारी सीजन में तेल कंपनियों ने विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी की है। दिवाली और छठ पर यूपी और बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए हवाई सफर महंगा होने के आसार हैं।

दिवाली और छठ महापर्व के मौके पर घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों को इस बार यात्रा के लिए अतिरिक्त बजट रखना पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव और मजबूती के बीच तेल विपणन कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम में बढ़ोतरी कर दी है। ईंधन की लागत बढ़ने का सीधा दबाव विमानन कंपनियों पर पड़ेगा, जिससे त्योहारी सीजन में उड़ानों के टिकट और महंगे होने के आसार बन रहे हैं।
विशेष रूप से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न हवाई अड्डों के लिए टिकटों की मांग इस समय चरम पर रहती है। ऐसे में ईंधन महंगा होने से बेस फेयर और फ्यूल सरचार्ज में इजाफा देखने को मिल सकता है।
- एयरलाइंस की परिचालन लागत में बड़ा हिस्सा ईंधन का
विमानन क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, किसी भी एयरलाइन कंपनी की कुल परिचालन लागत (ऑपरेटिंग कॉस्ट) में लगभग 40 प्रतिशत तक हिस्सेदारी केवल एविएशन टर्बाइन फ्यूल की होती है। ऐसे में एटीएफ की दरों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का सीधा असर एयरलाइंस के मुनाफे और टिकटों के किराए पर पड़ता है।
कंपनियां आमतौर पर बढ़ी हुई ईंधन लागत का भार यात्रियों पर ट्रांसफर करती हैं। त्योहारों के दौरान पटना, दरभंगा, गोरखपुर, वाराणसी और लखनऊ जैसे गंतव्यों की उड़ानों में पहले से ही सीमित सीटें बची हैं, जिससे डायनामिक प्राइसिंग के तहत किराए पहले ही बढ़े हुए स्तर पर चल रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबाव
वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल के भाव में हालिया मजबूती देखी गई है, जिसका असर घरेलू स्तर पर रिफाइन होने वाले विमान ईंधन पर भी पड़ा है। तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख या पाक्षिक आधार पर अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों की समीक्षा के आधार पर एटीएफ के दामों में संशोधन करती हैं। इस ताजा संशोधन के बाद एयरलाइंस अपनी किराया नीतियों की समीक्षा कर सकती हैं।
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