Petrol Diesel Price Today: देश के बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम जारी, गाड़ी निकालने से पहले देखें 4 जुलाई की रेट लिस्ट
Petrol Diesel Price 4 July: देश भर में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली, नोएडा, मुंबई और लखनऊ सहित विभिन्न शहरों के ताजा रेट देखें।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार, 4 जुलाई 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों की नई सूची जारी कर दी है। देश भर के प्रमुख महानगरों, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज ईंधन की कीमतों में व्यापक तौर पर स्थिरता का रुख देखने को मिल रहा है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत जहाँ 100 रुपये प्रति लीटर के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बनी हुई है, वहीं मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में स्थानीय करों के कारण दरें काफी ऊंची हैं। यह स्थिरता आम उपभोक्ताओं और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले परिवहन व्यवसायियों के बजट को नियंत्रित रखने में सहायक साबित हो रही है। इस रिपोर्ट के जरिए देश के प्रमुख केंद्रों के दामों की समीक्षा की गई है, जिससे आगामी दिनों में यात्रा या व्यावसायिक प्लानिंग करने वाले लोगों को अपने खर्चों का सटीक अनुमान लगाने में मदद मिलेगी।
यह घटना देश के घरेलू ऊर्जा बाजार में पेट्रोल और डीजल की दैनिक खुदरा कीमतों में आए बदलावों और उनकी मौजूदा स्थिति से संबंधित है। भारत की सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हर दिन सुबह 6 बजे देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों के लिए ईंधन के संशोधित रेट जारी करती हैं। आज यानी 4 जुलाई को जारी आंकड़ों के अनुसार, बाजार में बड़ी घट-बढ़ देखने को नहीं मिली है और कीमतें अपने पुराने स्तरों के आसपास ही टिकी हुई हैं।
देश भर के बाजारों से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि भारत के अलग-अलग राज्यों में टैक्स संरचना (Value Added Tax - VAT) और माल ढुलाई (Freight Charges) के कारण कीमतों में काफी अंतर बना हुआ है। उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे दिल्ली और उत्तर प्रदेश में ईंधन देश के अन्य तटीय या सुदूर राज्यों के मुकाबले थोड़ा सस्ता बिक रहा है।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों जैसे लखनऊ, कानपुर, आगरा और बरेली में कीमतें मामूली अंतर के साथ लगभग एक समान स्तर पर बनी हुई हैं। वहीं, मुरादाबाद और शाहजहाँपुर जैसे क्षेत्रों में मामूली स्थानीय बदलाव दर्ज किए गए हैं। देश के पूर्वी हिस्से जैसे कोलकाता और पश्चिमी हिस्से के प्रमुख आर्थिक केंद्र मुंबई में करों का बोझ अधिक होने के कारण आम आदमी को अपनी जेब अधिक ढीली करनी पड़ रही है। दक्षिण भारत के प्रमुख राज्यों जैसे तमिलनाडु (चेन्नई) और मध्य भारत के मध्य प्रदेश में भी कीमतें एक निश्चित दायरे में स्थिर बनी हुई हैं।
नीचे दी गई तालिका में देश के विभिन्न हिस्सों की सटीक और सत्यापित दरें (रुपये प्रति लीटर में) प्रस्तुत की जा रही हैं:
| शहर / क्षेत्र का नाम | पेट्रोल का भाव (₹/लीटर) | डीजल का भाव (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| नोएडा | 102.38 | 95.85 |
| लखनऊ | 101.86 | 95.36 |
| कानपुर | 101.59 | 95.06 |
| बरेली | 101.97 | 95.27 |
| शाहजहांपुर | 102.36 | 95.27 |
| बाराबंकी | 102.19 | 96.10 |
| मुरादाबाद | 102.56 | 95.99 |
| आगरा | 101.66 | 95.14 |
| हरदोई | डेटा उपलब्ध नहीं | 95.99 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| पुणे | 112.02 | डेटा उपलब्ध नहीं |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| असम (औसत) | 106.76 | 98.08 |
| चेन्नई | 107.76 | 99.55 |
| तमिलनाडु (औसत) | 108.95 | डेटा उपलब्ध नहीं |
| मध्य प्रदेश (औसत) | डेटा उपलब्ध नहीं | 100.86 |
| राजस्थान (औसत) | 112.31 | 97.46 |
बाजार के विश्लेषकों और खुदरा डीलरों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति श्रृंखला में चल रही भू-राजनीतिक गतिविधियों के बावजूद घरेलू बाजार में यह ठहराव भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सकारात्मक है। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि कीमतों में बड़ा उछाल न आने से माल ढुलाई की लागत स्थिर बनी हुई है, जिससे आवश्यक वस्तुओं के दाम नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। हालांकि, रिटेल उपभोक्ताओं का एक वर्ग अभी भी महानगरों में बढ़े हुए वैट को कम करने की मांग कर रहा है ताकि पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये के नीचे आ सकें।
तेल की कीमतों में बनी इस स्थिरता का सीधा प्रभाव देश की खुदरा मुद्रास्फीति (Inflation) और आम जनता की क्रय शक्ति पर पड़ता है। चूंकि देश का एक बड़ा हिस्सा माल परिवहन के लिए पूरी तरह से डीजल पर निर्भर है, इसलिए डीजल की दरें सीमित रहने से खाने-पीने की चीजें और रोजमर्रा का सामान महंगा होने से बच जाता है। इसके अतिरिक्त, जो लोग इस छुट्टियों के मौसम में निजी वाहनों से लंबी दूरी के सफर की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपने यात्रा बजट का प्रबंधन करने में आसानी हो रही है। उत्तर भारत के राज्यों में कम करों के कारण मिलने वाली राहत से अंतर-राज्यीय वाणिज्यिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
विमानन और ऊर्जा क्षेत्र की वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए घरेलू तेल कंपनियां आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड की चाल के आधार पर ही कोई नया कदम उठाएंगी। खुदरा ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी लंबी यात्रा पर निकलने से पहले अपने नजदीकी फिलिंग स्टेशन या विभिन्न तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए कीमतों की पुष्टि कर लें। यद्यपि वर्तमान में बाजार स्थिर बना हुआ है, परंतु वैश्विक आर्थिक समीकरणों में होने वाले बदलाव भविष्य में कीमतों के नए रुख को निर्धारित करेंगे।
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