देश- विदेश: 'ट्रंप (Trump) का व्हाइट हाउस (The White House) में ड्रामा, साउथ अफ्रीका के रामफोसा (Ramaphosa) ने दिया करारा जवाब, PM मोदी (Modi) का भी जिक्र'। 

व्हाइट हाउस (The White House) के ओवल ऑफिस में 21 मई 2025 को एक बार फिर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप...

May 23, 2025 - 15:07
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देश- विदेश: 'ट्रंप (Trump) का व्हाइट हाउस (The White House) में ड्रामा, साउथ अफ्रीका के रामफोसा (Ramaphosa) ने दिया करारा जवाब, PM मोदी (Modi) का भी जिक्र'। 

देश- विदेश: व्हाइट हाउस (The White House) के ओवल ऑफिस में 21 मई 2025 को एक बार फिर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Trump) और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा (Ramaphosa) के बीच तीखी बहस छिड़ गई। ट्रंप (Trump) ने रामफोसा (Ramaphosa) को एक वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि दक्षिण अफ्रीका में श्वेत किसानों का "नरसंहार" हो रहा है, और इस संदर्भ में उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Modi) का नाम भी लिया। जवाब में, रामफोसा (Ramaphosa) ने न केवल ट्रंप (Trump) के दावों को खारिज किया, बल्कि उनसे सबूत मांगते हुए उनकी बातों को गलत ठहराया।

  • व्हाइट हाउस (The White House) में क्या हुआ?

21 मई 2025 को व्हाइट हाउस (The White House) के ओवल ऑफिस में ट्रंप (Trump) और रामफोसा (Ramaphosa) की मुलाकात शुरू में दोस्ताना माहौल में हुई। रामफोसा (Ramaphosa) ने ट्रंप (Trump) के गोल्फ प्रेम को ध्यान में रखते हुए दक्षिण अफ्रीका के मशहूर गोल्फर अर्नी एल्स और रेटिफ गूसन को साथ लाया था और ट्रंप (Trump) को दक्षिण अफ्रीका के गोल्फ कोर्स पर आधारित एक 14 किलोग्राम की किताब भेंट की। लेकिन माहौल तब तनावपूर्ण हो गया, जब एक पत्रकार ने ट्रंप (Trump) से पूछा कि उन्हें यह यकीन दिलाने के लिए क्या चाहिए कि दक्षिण अफ्रीका में श्वेत किसानों का "नरसंहार" नहीं हो रहा है।

ट्रंप (Trump) ने तुरंत अपने कर्मचारियों से ओवल ऑफिस की लाइट्स कम करने और एक पांच मिनट का वीडियो चलाने को कहा। इस वीडियो में दक्षिण अफ्रीका के विपक्षी नेता जूलियस मालेमा को एक पुराना गाना "किल द बोअर" (जिसका अर्थ है "किसान को मारो") गाते दिखाया गया, साथ ही सड़क किनारे सफेद क्रॉस की तस्वीरें थीं, जिन्हें ट्रंप (Trump) ने श्वेत किसानों के कब्रिस्तान बताया। ट्रंप (Trump) ने दावा किया कि यह वीडियो दक्षिण अफ्रीका में श्वेत किसानों के खिलाफ हिंसा का सबूत है। उन्होंने रामफोसा (Ramaphosa) को कुछ समाचार लेख भी दिखाए, जिनमें कथित तौर पर श्वेत किसानों पर हमलों की खबरें थीं।

  • रामफोसा (Ramaphosa) का करारा जवाब

रामफोसा (Ramaphosa) ने ट्रंप (Trump) के दावों को सिरे से खारिज करते हुए शांत लेकिन दृढ़ अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "मैं यह जानना चाहूंगा कि यह वीडियो कहां का है, क्योंकि मैंने इसे पहले कभी नहीं देखा।" रामफोसा (Ramaphosa) ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाए गए दृश्य दक्षिण अफ्रीका की सरकारी नीति का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा, "हमारा देश एक बहुदलीय लोकतंत्र है, जहां लोग अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन यह वीडियो हमारी सरकार की नीति को नहीं दर्शाता।"

रामफोसा (Ramaphosa) ने यह भी बताया कि दक्षिण अफ्रीका में अपराध की समस्या है, लेकिन यह नस्ल-आधारित नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारे देश में अपराध होता है, और इसमें मरने वालों में ज्यादातर अश्वेत लोग हैं, न कि श्वेत।" उन्होंने ट्रंप (Trump) को यह भी याद दिलाया कि अगर श्वेत किसानों का नरसंहार हो रहा होता, तो उनके साथ आए श्वेत दक्षिण अफ्रीकी—जैसे गोल्फर अर्नी एल्स, रेटिफ गूसन, और कृषि मंत्री जॉन स्टीनहुइसेन—वहां मौजूद न होते।

रामफोसा (Ramaphosa) ने ट्रंप (Trump) से शांतिपूर्ण बातचीत की अपील करते हुए कहा, "हमें नेल्सन मंडेला ने सिखाया है कि समस्याओं का हल बातचीत से निकाला जाता है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि दक्षिण अफ्रीका का संविधान सभी नागरिकों की जमीन के स्वामित्व की रक्षा करता है, और कोई भी जमीन जबरन नहीं ली जा रही है।

  • PM मोदी (Modi) का जिक्र

इस मुलाकात के दौरान ट्रंप (Trump) ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Modi) का जिक्र किया, हालांकि इसका संदर्भ स्पष्ट नहीं था। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप (Trump) ने भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक तनाव को सुलझाने का दावा करते हुए कहा, "मैंने भारत और पाकिस्तान की जंग को व्यापार से खत्म कर दिया।" इस बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी, जहां कुछ यूजर्स ने इसे ट्रंप (Trump) की ओर से भारत को नीचा दिखाने की कोशिश बताया। हालांकि, रामफोसा (Ramaphosa) ने इस बयान का जवाब देते हुए कहा, "पीएम मोदी (Modi) हमारे म्युचुअल फ्रेंड हैं," जिसे एक कूटनीतिक जवाब माना गया।

  • "श्वेत नरसंहार" के दावे और तथ्य

ट्रंप (Trump) का "श्वेत नरसंहार" का दावा दक्षिण अफ्रीका में श्वेत किसानों के खिलाफ कथित तौर पर व्यवस्थित हिंसा और जमीन छीनने की साजिश पर आधारित है। यह दावा लंबे समय से दक्षिण अफ्रीका में दक्षिणपंथी समूहों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ दक्षिणपंथी हलकों, जैसे ट्रंप (Trump) के सहयोगी एलन मस्क और पूर्व फॉक्स न्यूज होस्ट टकर कार्लसन, द्वारा प्रचारित किया जाता रहा है।

हालांकि, तथ्य इस दावे का समर्थन नहीं करते। दक्षिण अफ्रीका पुलिस सेवा (SAPS) के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में देश में 26,232 हत्याएं हुईं, जिनमें से केवल 44 हत्याएं कृषि समुदाय से जुड़ी थीं। इनमें से 8 किसान थे, और बाकी में खेतिहर मजदूर और कर्मचारी शामिल थे, जो ज्यादातर अश्वेत थे। दक्षिण अफ्रीका में अपराध की दर अधिक है, लेकिन यह नस्ल-आधारित नहीं है। फरवरी 2025 में एक दक्षिण अफ्रीकी अदालत ने "श्वेत नरसंहार" के दावे को "काल्पनिक" और "अवास्तविक" करार दिया था।

ट्रंप (Trump) द्वारा दिखाए गए वीडियो में सफेद क्रॉस, जिन्हें उन्होंने कब्रें बताया, वास्तव में 2020 में क्वाजुलु-नटाल प्रांत में एक किसान दंपति की हत्या के विरोध में लगाए गए स्मारक थे। ये क्रॉस अस्थायी थे और बाद में हटा लिए गए। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि ये कोई कब्रिस्तान नहीं थे।

  • ट्रंप (Trump) की रणनीति और एलन मस्क की मौजूदगी

इस मुलाकात में दक्षिण अफ्रीका में जन्मे अरबपति एलन मस्क की मौजूदगी ने भी ध्यान खींचा। मस्क, जो ट्रंप (Trump) के सलाहकार हैं, ने पहले भी दक्षिण अफ्रीका में श्वेत किसानों के खिलाफ कथित उत्पीड़न के दावों को बढ़ावा दिया है। ट्रंप (Trump) ने मस्क का जिक्र करते हुए कहा, "यह वही है जो एलन चाहता था," हालांकि उन्होंने मस्क को बहस में शामिल नहीं किया। मस्क ने दक्षिण अफ्रीका की सकारात्मक कार्रवाई नीतियों को "नस्लवादी" बताया है और अपनी कंपनी स्टारलिंक को वहां लाइसेंस न मिलने का आरोप लगाया है।

ट्रंप (Trump) की यह मुलाकात सुनियोजित थी। व्हाइट हाउस (The White House) के कर्मचारियों ने पहले से ही दो बड़े टीवी स्क्रीन और समाचार लेख तैयार किए थे। वीडियो को व्हाइट हाउस (The White House) के आधिकारिक X अकाउंट पर "दक्षिण अफ्रीका में उत्पीड़न का सबूत" कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया, जिसे बाद में गलत जानकारी के रूप में चिह्नित किया गया।

  • दक्षिण अफ्रीका की नई जमीन नीति

ट्रंप (Trump) ने दक्षिण अफ्रीका की नई जमीन सुधार नीति पर भी सवाल उठाए, जिसका उद्देश्य रंगभेद के दौरान हुए ऐतिहासिक अन्याय को सुधारना है। इस कानून के तहत कुछ खास परिस्थितियों में बिना मुआवजे के जमीन अधिग्रहण की अनुमति है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई अधिग्रहण नहीं हुआ है। दक्षिण अफ्रीका में 7% श्वेत आबादी के पास 70% व्यावसायिक कृषि भूमि है, जो ऐतिहासिक असमानता को दर्शाता है। रामफोसा (Ramaphosa) ने स्पष्ट किया कि यह नीति सभी नागरिकों के हित में है और संविधान के तहत जमीन के स्वामित्व की रक्षा की जाती है।

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  • भारत-पाकिस्तान का जिक्र और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

ट्रंप (Trump) के भारत और पाकिस्तान के बीच "वॉर को व्यापार से खत्म करने" के दावे ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। X पर कई यूजर्स ने इसे भारत के खिलाफ अनुचित टिप्पणी माना, जबकि कुछ ने रामफोसा (Ramaphosa) के जवाब को सराहा। @AnahatSagar ने लिखा, "डोनाल्ड ट्रंप (Trump) तो मोदी (Modi) को हर देश के राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री के सामने बेइज्जत कर रहा है।" वहीं, @lalleshkumar ने रामफोसा (Ramaphosa) की तारीफ करते हुए कहा, "इसे कहते हैं दम, हर कोई ट्रंप (Trump) के आगे दुम नहीं हिलाता।"

  • दक्षिण अफ्रीका की कूटनीतिक रणनीति

रामफोसा (Ramaphosa) ने इस मुलाकात में संयम और कूटनीति का परिचय दिया। उन्होंने ट्रंप (Trump) के साथ तीखी बहस से बचते हुए व्यापार और निवेश पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की। दक्षिण अफ्रीका को अमेरिका से निर्यात पर 30% टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है, और रामफोसा (Ramaphosa) इस टैरिफ को कम करने के लिए ट्रंप (Trump) को मनाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, मुलाकात में कोई ठोस व्यापारिक समझौता नहीं हुआ।

व्हाइट हाउस (The White House) में ट्रंप (Trump) और रामफोसा (Ramaphosa) के बीच हुई यह मुलाकात न केवल दक्षिण अफ्रीका में कथित "श्वेत नरसंहार" के दावों को लेकर चर्चा में रही, बल्कि इसने भारत और PM मोदी (Modi) का जिक्र भी सुर्खियों में ला दिया। रामफोसा (Ramaphosa) ने ट्रंप (Trump) के गलत दावों का शांत लेकिन दृढ़ता से जवाब देकर अपनी कूटनीतिक क्षमता दिखाई।

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