अमेरिका टैरिफ वॉर के बीच रूस के राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा, NSA डोभाल ने मॉस्को में की पुष्टि, दुनिया भर में मची खलबली।
International: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत की यात्रा पर आएंगे। यह जानकारी भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने...
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत की यात्रा पर आएंगे। यह जानकारी भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने 7 अगस्त 2025 को मॉस्को में दी। डोभाल ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से मुलाकात के दौरान इस दौरे की पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने यात्रा की तारीखों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया, लेकिन रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स के अनुसार, यह दौरा अगस्त 2025 के अंत में हो सकता है। यह यात्रा 2022 में यूक्रेन-रूस युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन की पहली भारत यात्रा होगी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के रूसी तेल आयात पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह यात्रा भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
- डोभाल की मॉस्को यात्रा
अजीत डोभाल 5 अगस्त 2025 को मॉस्को पहुंचे थे। उनकी यह यात्रा भारत और रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा, और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने के उद्देश्य से थी। मॉस्को में डोभाल ने रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु और राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की। क्रेमलिन प्रेस सर्विस के अनुसार, इन बैठकों में दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। डोभाल ने कहा, "भारत और रूस के बीच एक विशेष और दीर्घकालिक संबंध है, जिसे हम बहुत महत्व देते हैं। राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा को लेकर हम उत्साहित हैं।"
डोभाल ने रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स से बातचीत में कहा, "हमें खुशी है कि राष्ट्रपति पुतिन जल्द ही भारत आने वाले हैं। इस यात्रा से हमें कई सकारात्मक परिणामों की उम्मीद है।" हालांकि, कुछ सूत्रों ने स्पष्ट किया कि अगस्त के अंत की तारीख गलत हो सकती है, और यात्रा की तारीखें अभी अंतिम रूप से तय की जा रही हैं। भारत सरकार के सूत्रों ने भी कहा कि इस दौरे की तारीखों पर काम चल रहा है।
- भारत-रूस संबंधों का महत्व
भारत और रूस के बीच दशकों पुरानी दोस्ती है, जो रक्षा, ऊर्जा, और व्यापार पर आधारित है। यह यात्रा 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन का हिस्सा होगी, जिसमें दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। पुतिन का पिछला भारत दौरा दिसंबर 2021 में हुआ था, जब उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उस दौरान दोनों देशों ने रक्षा और व्यापार से जुड़े कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे।
2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने दो बार रूस का दौरा किया था। जुलाई 2024 में वे 22वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए मॉस्को गए, जहां पुतिन ने उन्हें रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ प्रदान किया। अक्टूबर 2024 में मोदी ने कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और पुतिन से फिर मुलाकात की। इन मुलाकातों के दौरान मोदी ने पुतिन को भारत आने का निमंत्रण दिया था।
- अमेरिका-भारत तनाव और टैरिफ विवाद
पुतिन की भारत यात्रा की घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के रूसी तेल आयात को लेकर 7 अगस्त 2025 को 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की, जिसके साथ कुल टैरिफ 50% हो गया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रूथ सोशल पर भारत पर आरोप लगाया कि वह रू8848सी तेल खरीदकर रूस की युद्ध मशीन को समर्थन दे रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रूस शुक्रवार तक यूक्रेन युद्ध समाप्त नहीं करता, तो रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर और सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
भारत ने इस टैरिफ को अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगा। मंत्रालय ने यह भी बताया कि 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने पर अमेरिका ने ही भारत को सस्ता रूसी तेल खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया था, ताकि वैश्विक ऊर्जा की कीमतें स्थिर रहें।
भारत ने अमेरिका के दोहरे मापदंडों पर भी सवाल उठाए, क्योंकि अमेरिका खुद रूसी यूरेनियम, पैलेडियम, और उर्वरक आयात करता है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, "भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के तहत काम करता है और अपने व्यापारिक साझेदारों को चुनने का हक रखता है।" जयशंकर भी इस महीने के अंत में रूस की यात्रा कर सकते हैं, जो भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक और कदम होगा।
- पुतिन की भारत यात्रा के संभावित एजेंडे
पुतिन की भारत यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इनमें शामिल हैं:
रक्षा सहयोग: भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग लंबे समय से मजबूत है। भारत ने रूस से S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदी है, और अब अतिरिक्त S-400 इकाइयों और Su-57 लड़ाकू विमानों की खरीद पर विचार कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की सफलता के बाद भारत इस दिशा में और कदम उठा सकता है।
ऊर्जा सहयोग: भारत रूस से कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का बड़ा आयातक है। अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत ने रूसी तेल खरीदना जारी रखने का फैसला किया है। इस यात्रा में ऊर्जा आपूर्ति को और सुरक्षित करने पर चर्चा होगी।
यूक्रेन युद्ध: भारत ने यूक्रेन युद्ध में तटस्थ रुख अपनाया है और शांति के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। डोभाल की मॉस्को यात्रा में भी इस मुद्दे पर बात हुई। पुतिन की भारत यात्रा में इस पर और चर्चा हो सकती है।
भू-राजनीतिक स्थिति: दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता, आतंकवाद विरोधी सहयोग, और वैश्विक चुनौतियों पर संयुक्त रुख पर बात करेंगे।
रूस ने भी भारत के साथ अपनी दोस्ती को समय की कसौटी पर खरा बताया है। सर्गेई शोइगु ने कहा, "भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी रूस की प्राथमिकता है। यह आपसी सम्मान, विश्वास, और साझा हितों पर आधारित है।" रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) के CEO ने सोशल मीडिया मंच X पर पुतिन के भारत दौरे की पुष्टि की और इसे ऐतिहासिक बताया।
पुतिन की भारत यात्रा पर वैश्विक समुदाय की नजर होगी, खासकर अमेरिका की। मार्च 2023 में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ने यूक्रेन में बच्चों के अपहरण और निर्वासन के आरोपों में पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। हालांकि, भारत ICC का सदस्य नहीं है और इस वारंट को मान्यता नहीं देता। फिर भी, यह यात्रा भू-राजनीतिक दृष्टिकोण से संवेदनशील मानी जा रही है। राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगी। डोभाल की मॉस्को यात्रा और पुतिन के साथ उनकी मुलाकात ने इस दौरे की जमीन तैयार की है।
What's Your Reaction?