देश- विदेश: केरल तट के पास अरब सागर में मालवाहक जहाज में भीषण आग, INS विक्रांत के नेतृत्व में भारतीय नौसेना का त्वरित बचाव अभियान। 

9 जून 2025 को सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज MV Wan Hai 503 में केरल के बेपोर तट से 88 नॉटिकल मील दूर विस्फोट के बाद भीषण आग लगी....

Jun 10, 2025 - 11:19
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देश- विदेश: केरल तट के पास अरब सागर में मालवाहक जहाज में भीषण आग, INS विक्रांत के नेतृत्व में भारतीय नौसेना का त्वरित बचाव अभियान। 

हाइलाइट्स:

  • भारतीय नौसेना ने INS विक्रांत और INS सूरत को तैनात किया; तटरक्षक बल के साथ मिलकर 22 में से 18 चालक दल के सदस्यों को बचाया गया, 4 लापता।
  • जहाज पर 650 कंटेनर थे, जिनमें से कुछ में खतरनाक सामग्री होने की आशंका; 40 कंटेनर समुद्र में गिरे।
  • आग के कारण जहाज बह रहा है; पर्यावरणीय खतरे की आशंका के बीच तटरक्षक बल और नौसेना स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
  • जहाज के मालिकों को विशेषज्ञ सैल्वर और अग्निशमन विशेषज्ञ नियुक्त करने के निर्देश; DG शिपिंग और केरल प्रशासन सक्रिय।
  • सोशल मीडिया पर भारतीय नौसेना की त्वरित कार्रवाई की सराहना, लेकिन लापता चालक दल के लिए चिंता।

9 जून 2025 की सुबह केरल के बेपोर तट से करीब 88 नॉटिकल मील (लगभग 163 किलोमीटर) दूर अरब सागर में सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज MV Wan Hai 503 में एक जोरदार विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई। यह जहाज श्रीलंका के कोलंबो से मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट की ओर जा रहा था, और इसके 22 चालक दल के सदस्यों में से 18 को भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने बचा लिया, जबकि 4 अभी भी लापता हैं। भारतीय नौसेना ने अपने स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत और युद्धपोत INS सूरत को तत्काल घटनास्थल पर भेजा, जिसने इस बचाव अभियान को और प्रभावी बनाया। यह घटना न केवल समुद्री सुरक्षा के लिए एक चुनौती है, बल्कि पर्यावरणीय जोखिमों को भी उजागर करती है। 

9 जून 2025 को सुबह करीब 9:30 बजे, MV Wan Hai 503 ने एक संकट सिग्नल भेजा, जिसमें बताया गया कि जहाज के एक कंटेनर में विस्फोट के बाद आग लग गई है। यह 270 मीटर लंबा कंटेनर जहाज, जो सिंगापुर का झंडा लिए हुए था, कोलंबो से मुंबई जा रहा था। जहाज पर 650 कंटेनर लदे थे, जिनमें से कुछ में खतरनाक सामग्री होने की आशंका है। विस्फोट के बाद आग तेजी से फैली, और दोपहर 12:40 बजे तक यह अन्य कंटेनरों तक पहुंच गई। आग की तीव्रता इतनी थी कि चालक दल को जहाज छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। 18 चालक दल के सदस्य समुद्र में कूद गए और लाइफबोट में सवार हो गए, जबकि 4 सदस्य—जिनमें ताइवान, इंडोनेशिया, और म्यांमार के नागरिक शामिल हैं—लापता हैं।

भारतीय तटरक्षक बल (ICG) को संकट सिग्नल मिलते ही तुरंत कार्रवाई में जुट गया। तटरक्षक बल ने कोच्चि से तीन इंटरसेप्टर नौकाएं और बेपोर से अतिरिक्त इकाइयां भेजीं। भारतीय नौसेना ने भी त्वरित प्रतिक्रिया दी और INS सूरत, जो कोच्चि में प्रवेश करने वाली थी, को बचाव और अग्निशमन कार्यों के लिए मोड़ दिया। इसके साथ ही, नौसेना ने अपने सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत INS विक्रांत को घटनास्थल पर तैनात किया, जो इस अभियान का नेतृत्व कर रहा है।

  • INS विक्रांत की भूमिका

INS विक्रांत, भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत, जिसे 2022 में कमीशन किया गया था, इस बचाव अभियान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 262 मीटर लंबा और 40,000 टन विस्थापन वाला यह युद्धपोत कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित है और इसे आत्मनिर्भर भारत पहल का प्रतीक माना जाता है। विक्रांत में 30 विमान और हेलीकॉप्टर, बाराक-8 मिसाइलें, और EL/M-2248 MF-STAR रडार जैसे अत्याधुनिक हथियार और सेंसर हैं। इसकी तैनाती ने न केवल बचाव अभियान को बल दिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि जहाज से उत्पन्न होने वाले किसी भी खतरे को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।

INS विक्रांत ने दोपहर 4:30 बजे तक 18 चालक दल के सदस्यों को लाइफबोट से सुरक्षित निकाल लिया। इनमें से दो सदस्य गंभीर रूप से घायल थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद न्यू मंगलौर पोर्ट की ओर ले जाया गया। विक्रांत की मौजूदगी ने समुद्री क्षेत्र में समन्वय को मजबूत किया, और इसके डोर्नियर विमान ने हवाई निगरानी और लापता चालक दल की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • बचाव अभियान और चुनौतियां

भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना का संयुक्त अभियान ग्लोबल मैरीटाइम सेफ्टी सिस्टम के तहत संचालित किया गया, जिसमें VHF डिजिटल सेलेक्टिव कॉलिंग और COSPAS-SARSAT सिस्टम का उपयोग किया गया। संकट सिग्नल को MV Cape Valencia ने रिले किया, जिसके बाद MRCC मुंबई ने इंटरनेशनल सेफ्टी नेट (ISN) को सक्रिय किया। पास के व्यापारिक जहाजों MV AMBRA और MV ONE MARVEL ने भी सहायता के लिए अपनी दिशा बदली।

बचाव अभियान की सबसे बड़ी चुनौती आग की तीव्रता और जहाज पर खतरनाक सामग्री की मौजूदगी थी। तटरक्षक बल के अनुसार, जहाज का मालवाह पूरी तरह से जांचा नहीं गया है, और कुछ कंटेनरों में खतरनाक रसायन हो सकते हैं। 40 कंटेनर समुद्र में गिर चुके हैं, जिससे समुद्री प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है। जहाज वर्तमान में बह रहा है, और इसे तट के करीब आने से रोकने के लिए तटरक्षक बल प्रयासरत है।

  • पर्यावरणीय और सुरक्षा चिंताएं

यह घटना हाल ही में 25 मई 2025 को केरल तट पर डूबे MSC Elsa 3 जहाज की घटना के बाद आई है, जिसमें 640 कंटेनरों में से 13 में खतरनाक सामग्री थी। MV Wan Hai 503 पर भी खतरनाक सामग्री की मौजूदगी की आशंका ने केरल सरकार को हाई अलर्ट पर ला दिया है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने तटीय क्षेत्रों में सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। जहाज के मालिक, बर्नहार्ड शुल्टे शिपमैनेजमेंट (BSM), को SMIT सैल्वेज जैसे विशेषज्ञ सैल्वर और अग्निशमन विशेषज्ञ नियुक्त करने के लिए कहा गया है।

DG शिपिंग, केरल प्रशासन, और तटरक्षक बल मिलकर स्थिति का आकलन कर रहे हैं। जहाज पर डीजल और फर्नेस ऑयल की मौजूदगी समुद्री जीवन और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा पैदा कर सकती है। तटरक्षक बल ने प्रदूषण नियंत्रण जहाजों को तैनात किया है, और पर्यावरण मंत्रालय स्थिति पर नजर रख रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना ने व्यापक चर्चा छेड़ दी है। कई यूजर्स ने भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। एक यूजर ने लिखा, “INS विक्रांत की तैनाती ने दिखा दिया कि भारत समुद्री आपदाओं से निपटने में सक्षम है।” हालांकि, लापता चालक दल के सदस्यों को लेकर चिंता भी जताई गई।

विपक्षी दलों ने केंद्र और केरल सरकार से समुद्री सुरक्षा और खतरनाक कार्गो की निगरानी बढ़ाने की मांग की है। कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने कहा, “MSC Elsa 3 के बाद यह दूसरी बड़ी घटना है। सरकार को तटीय सुरक्षा और कार्गो निगरानी के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।”

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  • पिछली घटनाएं और सबक

25 मई 2025 को MSC Elsa 3 के डूबने की घटना ने केरल में समुद्री सुरक्षा को लेकर अलार्म बजा दिया था। उस जहाज में कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक रसायन थे, जिनसे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा। MV Wan Hai 503 की घटना ने एक बार फिर समुद्री कार्गो की सुरक्षा और निगरानी पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खतरनाक सामग्री ले जाने वाले जहाजों के लिए सख्त नियम और रीयल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम लागू करना जरूरी है।

MV Wan Hai 503 में लगी आग ने भारत की समुद्री बचाव क्षमताओं को परखा, और भारतीय नौसेना ने INS विक्रांत के नेतृत्व में इस चुनौती का डटकर सामना किया। 18 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन 4 लापता सदस्यों की खोज और पर्यावरणीय जोखिमों को नियंत्रित करना अभी भी एक चुनौती है।

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