Drishyam Movie House: नॉर्थ गोवा में आज भी मौजूद है 'दृश्यम' वाले विजय सालगांवकर का घर, 100 साल पुरानी हेरिटेज हवेली देखने पहुंच रहे पर्यटक

अजय देवगन की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'दृश्यम' में दिखाया गया विजय सालगांवकर का घर नॉर्थ गोवा में मौजूद है। 100 साल पुरानी यह पुर्तगाली हवेली अब पर्यटकों का पसंदीदा स्पॉट बन चुकी है।

Oct 9, 2026 - 12:14
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Drishyam Movie House: नॉर्थ गोवा में आज भी मौजूद है 'दृश्यम' वाले विजय सालगांवकर का घर, 100 साल पुरानी हेरिटेज हवेली देखने पहुंच रहे पर्यटक
  • गोवा में 'दृश्यम' का असली ठिकाना: जानिए कहां स्थित है अजय देवगन का रील होम, फिल्म प्रेमियों के लिए क्यों बन गया खास टूरिस्ट स्पॉट
  • Drishyam Shooting Location: 2 और 3 अक्टूबर की यादें ताजा करने गोवा पहुंच रहे फैंस, 100 साल पुराने पुर्तगाली विला में हुई थी शूटिंग
  • Bollywood Tourism: नॉर्थ गोवा की यह हेरिटेज हवेली बनी पर्यटकों की पसंद, 'दृश्यम' में बना था विजय सालगांवकर का परिवारिक घर

पणजी: भारतीय सिनेमा में सस्पेंस और क्राइम थ्रिलर जॉनर की जब भी चर्चा होती है, निर्देशक निशिकांत कामत और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम' (Drishyam) का नाम शीर्ष पर आता है। फिल्म में 2 और 3 अक्टूबर की तारीख, स्वामी चिन्मयानंद का सत्संग, पणजी का होटल और सबसे अहम—केबल ऑपरेटर विजय सालगांवकर का शांत और खूबसूरत घर दर्शकों के जेहन में हमेशा के लिए दर्ज हो चुका है। अब सिनेमा प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक दिलचस्प खबर सामने आई है कि पर्दे पर दिखाया गया विजय सालगांवकर का यह पुश्तैनी घर कोई कृत्रिम स्टूडियो सेट नहीं, बल्कि नॉर्थ गोवा के एक शांत गांव में मौजूद वास्तविक और लगभग 100 साल पुरानी हेरिटेज हवेली है।

सिनेमाई पर्दे पर फिल्म की भारी सफलता के बाद अब यह लोकेशन गोवा आने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सैलानियों के बीच एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गई है। गोवा के समुद्री तटों, नाइटलाइफ और चर्चों के अलावा कई पर्यटक विशेष रूप से इस हेरिटेज विला को देखने और इसके बाहर तस्वीरें खिंचवाने के लिए नॉर्थ गोवा के भीतरी अंचलों का रुख कर रहे हैं।

  • नॉर्थ गोवा के किस गांव में स्थित है यह ऐतिहासिक हवेली?

फिल्म 'दृश्यम' (भाग 1 और भाग 2) में दिखाए गए इस घर की वास्तविक भौगोलिक स्थिति नॉर्थ गोवा जिले के शांत और हरियाली से भरे इलाके में है। यह संपत्ति मुख्य शहरी हलचल से दूर, पारंपरिक गोवा की ग्रामीण जीवनशैली को दर्शाती है।

पुर्तगाली और स्थानीय स्थापत्य का संगम: यह विला लगभग एक शताब्दी पुराना है और इसमें गोअन-पुर्तगाली वास्तुकला (Indo-Portuguese Architecture) की स्पष्ट छाप देखने को मिलती है।

बनावट की खासियत: ऊंची छतें, लाल मंगलोरियन टाइलों की ढलवां छत, चौड़ा बरामदा (Balcão), लकड़ी के नक्काशीदार खंभे और चारों ओर फैली सुपारी व नारियल के पेड़ों की हरियाली इसे एक विशिष्ट पहचान देती है।

शांत वातावरण: फिल्म में जिस तरह से एक सीधे-सादे, मध्यमवर्गीय परिवार के निवास को दर्शाया गया था, यह हवेली उस किरदार की सादगी और गोपनीयता के ताने-बाने में पूरी तरह सटीक बैठती है।

  • फिल्म देखने वालों के लिए क्यों बन गया खास आकर्षण?

'दृश्यम' में इस घर की भूमिका केवल एक बैकड्रॉप की नहीं, बल्कि कहानी के केंद्र बिंदु की रही है। फिल्म के कई निर्णायक और बेहद सस्पेंस भरे दृश्य इसी परिसर में फिल्माए गए थे:

घटनास्थल का केंद्र: आईजी मीरा देशमुख के बेटे की रहस्यमयी गुमशुदगी और उसके बाद परिवार द्वारा उठाए गए सुरक्षात्मक कदमों से जुड़े प्रमुख दृश्य इसी घर के पिछले हिस्से और कंपाउंड में शूट किए गए थे।

पुलिसिया पूछताछ के दृश्य: तब्बू (आईजी मीरा देशमुख) और कमलेश सावंत (सब-इंस्पेक्टर गायतोंडे) द्वारा विजय के परिवार से की गई कड़ी पूछताछ वाले रोंगटे खड़े कर देने वाले सीन इसी हवेली के लिविंग रूम और आंगन में तैयार हुए थे।

'दृश्यम 2' में निरंतरता: निर्देशक अभिषेक पाठक ने जब फिल्म के सीक्वल 'दृश्यम 2' का निर्माण किया, तो सिनेमाई निरंतरता बनाए रखने के लिए दोबारा इसी हेरिटेज विला में शूटिंग की, जिससे दर्शकों का इस स्थान से जुड़ाव और गहरा हो गया।

  • गोवा में 'सिनेमाई पर्यटन' (Film Tourism) का नया ट्रेंड

गोवा हमेशा से बॉलीवुड फिल्ममेकर्स की पहली पसंद रहा है। इससे पहले 'दिल चाहता है' के बाद चापोरा फोर्ट और 'सिंघम' के बाद डोना पाउला जेटी पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुए थे। अब इसी फेहरिस्त में 'दृश्यम' की यह हवेली भी शामिल हो चुकी है।

स्थानीय टूर गाइडों और टैक्सी चालकों का कहना है कि खासकर मानसून और सर्दियों के सीजन में, जब पर्यटक गोवा के ग्रामीण और शांत हिस्सों की सैर करते हैं, तो वे 'दृश्यम वाले घर' का पता जरूर पूछते हैं। हालांकि, यह एक निजी संपत्ति है और इसके भीतर आम जनता का बेरोकटोक प्रवेश प्रतिबंधित रहता है, फिर भी पर्यटक बाहर से इसकी वास्तुकला को निहारने, सेल्फी लेने और सोशल मीडिया पर रील बनाने के लिए यहां पहुंचते हैं।

गोवा में कई ऐसी पुरानी पुर्तगाली हवेलियां हैं जिनका रखरखाव उनके मूल मालिकों द्वारा हेरिटेज होमस्टे, बुटीक होटल या फिर शूटिंग लोकेशंस के रूप में किया जा रहा है। फिल्मों में ऐसी वास्तविक लोकेशंस के इस्तेमाल से न केवल कहानियों में प्रामाणिकता आती है, बल्कि राज्य की समृद्ध स्थापत्य विरासत को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलती है।

विजय सालगांवकर के इस रील होम ने यह साबित कर दिया है कि एक दमदार कहानी और यादगार सिनेमाई किरदार किसी साधारण ग्रामीण विला को भी एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल में तब्दील कर सकते हैं।

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