भारतीय फौज ने उतारे अपने अत्याधुनिक वाहन, ATOR N1200 वाहन से फंसे लोगों का सुरक्षित बचाया।
Punjab: पंजाब में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ ने अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट और तरनतारन जैसे जिलों में भारी तबाही मचाई है। सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान पर आने से कई
पंजाब में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ ने अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट और तरनतारन जैसे जिलों में भारी तबाही मचाई है। सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान पर आने से कई गांव और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। हजारों लोग अपने घरों में फंस गए हैं, और सड़कें व पुल टूटने से कई क्षेत्रों का संपर्क कट गया है। इस संकट की घड़ी में भारतीय सेना ने अपने अत्याधुनिक एम्फीबियस ऑल-टेरेन वाहन ATOR N1200 को तैनात किया है। यह वाहन गहरे पानी और कठिन भूभाग में आसानी से चल सकता है, जिसकी मदद से सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस वाहन के बचाव कार्यों का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग सेना की तारीफ कर रहे हैं।
यह घटना बुधवार और गुरुवार को अमृतसर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में देखने को मिली। अमृतसर के रामदास, घोनेवाला, मच्छीवाला, मंगु नारु और शहजादा जैसे गांवों में पानी भरने से लोग अपने घरों की छतों पर या ऊंचे स्थानों पर फंस गए थे। गुरदासपुर के जवाहर नवोदय विद्यालय में करीब 400 छात्र और कर्मचारी पानी के कारण फंस गए थे। स्कूल के भूतल पर चार फीट से अधिक पानी भर गया था, जिसके कारण छात्रों को ऊपरी मंजिलों पर ले जाया गया। भारतीय सेना ने ATOR N1200 वाहन की मदद से इन छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला। इस वाहन की खासियत है कि यह पानी, कीचड़, बर्फ और उबड़-खाबड़ रास्तों पर आसानी से चल सकता है। इसकी मदद से सेना ने न केवल लोगों को सुरक्षित निकाला, बल्कि भोजन, पानी और दवाइयां जैसी जरूरी चीजें भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाईं।
ATOR N1200 एक भारतीय निर्मित वाहन है, जिसे जेएसडब्ल्यू गecko मोटर्स ने यूके की कंपनी कोपाटो के सहयोग से बनाया है। यह वाहन मेक इन इंडिया पहल का हिस्सा है और इसे 2024 के गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार प्रदर्शित किया गया था। रक्षा मंत्रालय ने 250 करोड़ रुपये की लागत से 96 ऐसे वाहनों का ऑर्डर दिया था। यह वाहन 3.98 मीटर लंबा, 2.57 मीटर चौड़ा और 2.846 मीटर ऊंचा है। इसमें 1.5 लीटर का तीन-सिलिंडर डीजल इंजन है, जो 55 हॉर्सपावर और 190 न्यूटन मीटर टॉर्क पैदा करता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसके 1.8 मीटर ऊंचे टायर हैं, जो पानी में तैरने और कठिन रास्तों पर चलने में मदद करते हैं। यह वाहन 1200 किलोग्राम सामान ले जा सकता है और इसमें आठ यात्रियों के साथ एक ड्राइवर के लिए जगह है। यह 2350 किलोग्राम तक वजन खींच सकता है। जमीन पर इसकी रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा और पानी में 6 किलोमीटर प्रति घंटा है। 232 लीटर के ईंधन टैंक के साथ यह 61 घंटे तक लगातार चल सकता है।
इस वाहन की मजबूती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसका ढांचा डोकोल उच्च-शक्ति स्टील से बना है, जो इसे टिकाऊ बनाता है। जिंक कोटिंग के कारण यह 30 साल तक बिना खराब हुए काम कर सकता है। इसके बॉडी पैनल коррозन-रोधी पॉलीयूरेथेन से बने हैं और जरूरत पड़ने पर इसे केव्लर या कम्पोजिट कवच से लैस किया जा सकता है। यह वाहन -40 डिग्री सेल्सियस से +45 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में काम कर सकता है और कोहरा, तूफान, भारी बारिश या बर्फबारी में भी प्रभावी रहता है। इसकी यह खूबियां इसे बाढ़ जैसे आपदा क्षेत्रों के साथ-साथ सिक्किम जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी उपयोगी बनाती हैं।
पंजाब में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, फाजिल्का और फिरोजपुर जैसे जिलों में हालात बेकाबू हो गए हैं। फाजिल्का में सतलुज नदी पर बने कावनवाली पुल के टूटने से 10 गांवों का संपर्क कट गया है। पठानकोट के मधोपुर हेडवर्क्स के पास 22 सीआरपीएफ कर्मी और तीन नागरिक फंस गए थे, जिन्हें सेना ने हेलीकॉप्टर की मदद से बचाया। इसके अलावा, सेना ने 28 टुकड़ियां, चिकित्सा दल और संचार संसाधन तैनात किए हैं। सेना के हेलीकॉप्टर, जिसमें तीन ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और नौ चीता हेलीकॉप्टर शामिल हैं, छतों पर फंसे लोगों को बचाने के लिए काम कर रहे हैं। नावों और सुरक्षा रस्सियों की मदद से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पठानकोट और गुरदासपुर का हवाई सर्वेक्षण किया और अपना हेलीकॉप्टर बचाव कार्यों के लिए ब्रह्मपुर में छोड़ दिया। उन्होंने सभी मंत्रियों को प्रभावित क्षेत्रों में रहकर बचाव और राहत कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया है। पंजाब सरकार ने स्कूलों को 30 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया है। स्थानीय प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) मिलकर राहत कार्यों में जुटे हैं। अब तक 1211 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिसमें मधोपुर बैराज पर फंसे 11 पंजाब सरकार के अधिकारी और 180 पैरामिलिट्री कर्मी शामिल हैं। सेना ने 2300 किलोग्राम से अधिक भोजन, पानी और दवाइयां प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई हैं।
सोशल मीडिया पर लोग ATOR N1200 की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि यह वाहन न केवल एक मशीन है, बल्कि आपदा के समय में लोगों की जिंदगी बचाने वाला सच्चा हीरो है। इस वाहन ने न केवल अमृतसर में, बल्कि सुल्तानपुर लोधी जैसे अन्य क्षेत्रों में भी बचाव कार्यों को आसान बनाया है। जेएसडब्ल्यू गecko मोटर्स ने बताया कि चार ऐसे वाहन अमृतसर और सुल्तानपुर लोधी में तैनात किए गए हैं, जो जिला प्रशासन के निर्देश पर काम कर रहे हैं।
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