मुजफ्फरपुर में मुहर्रम जुलूस के दौरान सुरक्षा में तैनात दरोगा जी खुद ही चलाने लगे तलवार, वीडियो वायरल होते ही एक्शन में आए बड़े अधिकारी!

Muzaffarpur News: बिहार के मुजफ्फरपुर में मुहर्रम जुलूस के दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक दरोगा का पुलिस वर्दी में तलवारबाजी करने का वीडियो वायरल हुआ है। अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं।

Jun 27, 2026 - 10:28
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मुजफ्फरपुर में मुहर्रम जुलूस के दौरान सुरक्षा में तैनात दरोगा जी खुद ही चलाने लगे तलवार, वीडियो वायरल होते ही एक्शन में आए बड़े अधिकारी!
मुजफ्फरपुर में मुहर्रम जुलूस के दौरान पुलिस की आधिकारिक वर्दी पहने एक सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) को हाथ में तलवार लेकर प्रदर्शन करते हुए दिखाया गया सोशल मीडिया वीडियो स्क्रीनशॉट।
  • Muzaffarpur Muhorram Video: मुजफ्फरपुर में मुहर्रम जुलूस के दौरान दरोगा ने वर्दी में चलाई तलवार, वीडियो वायरल होने पर जांच शुरू
  • Muzaffarpur Inspector Sword Fighting: मुजफ्फरपुर में ऑन-ड्यूटी सब इंस्पेक्टर की तलवारबाजी का वीडियो वायरल, वरिष्ठ अधिकारियों ने दिए जांच के आदेश
  • Muzaffarpur Police Controversy: बिहार के मुजफ्फरपुर में मुहर्रम ड्यूटी पर तैनात दरोगा का तलवारबाजी करते वीडियो वायरल, जांच शुरू

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मुहर्रम के जुलूस में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात एक सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) खुद ही तलवारबाजी करते नजर आए। पुलिस की आधिकारिक वर्दी में ऑन-ड्यूटी रहते हुए दरोगा द्वारा किए गए इस करतब का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना जिले के एक संवेदनशील इलाके की बताई जा रही है, जहां जुलूस की सुरक्षा की जिम्मेदारी उक्त अधिकारी को सौंपी गई थी। इस मामले का संज्ञान लेते हुए जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अनुशासनहीनता के इस कृत्य पर कड़ा रुख अपनाया है और मामले की आधिकारिक जांच के आदेश दे दिए हैं। विभागीय स्तर पर अब यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर ऐसा कदम क्यों उठाया गया।

मुजफ्फरपुर जिले में मुहर्रम के पारंपरिक जुलूस के दौरान कानून व्यवस्था की निगरानी के लिए विभिन्न चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसी सुरक्षा व्यवस्था के तहत एक पुलिस थाने के सब-इंस्पेक्टर को भी जवानों के साथ तैनात किया गया था। जुलूस के आगे बढ़ने के दौरान जब कुछ युवक पारंपरिक हथियारों और लाठियों से करतब दिखा रहे थे, तभी वहां मौजूद दरोगा भी खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने पुलिस की वर्दी पहने होने के बावजूद हाथ में चमचमाती हुई तलवार थाम ली और भीड़ के बीच हवा में तलवार लहराते हुए प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। वहां मौजूद कुछ स्थानीय नागरिकों और तमाशबीनों ने अपने मोबाइल कैमरों में इस पूरे वाकये को रिकॉर्ड कर लिया और इसे इंटरनेट पर साझा कर दिया।

प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मुहर्रम के शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। जुलूस के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए दरोगा जी को मुख्य चौक पर सुरक्षा का प्रभार दिया गया था। जुलूस जब अपने निर्धारित मार्ग से गुजर रहा था, तब स्थानीय अखाड़े के सदस्य तलवारबाजी और लाठी के पारंपरिक करतब दिखा रहे थे।

इसी बीच, ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर ने भी उत्साह में आकर या स्थानीय लोगों के अनुरोध पर एक युवक से तलवार ले ली। इसके बाद उन्होंने पुलिस यूनिफॉर्म, बेल्ट और टोपी पहने हुए ही भीड़ के सामने कई बार तलवार को हवा में लहराया और पैंतरे दिखाए। वहां मौजूद भीड़ ने इस पर खूब तालियां बजाईं, लेकिन कानून के रक्षक का यह रवैया प्रशासनिक नियमों के पूरी तरह खिलाफ माना जा रहा है। कुछ ही घंटों के भीतर यह वीडियो स्थानीय वॉट्सऐप ग्रुपों से होता हुआ फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर फैल गया, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

वीडियो के सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस के आला अधिकारियों ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया। जिला पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, एक लोक सेवक (Public Servant) और पुलिस अधिकारी होने के नाते ड्यूटी के दौरान इस प्रकार का आचरण स्वीकार्य नहीं है। वर्दी की एक गरिमा होती है और ऑन-ड्यूटी हथियारों का ऐसा सार्वजनिक प्रदर्शन पुलिस नियमावली का उल्लंघन है।

इस संबंध में जिले के पुलिस कप्तान (SP/SSP) ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए संबंधित अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) को वीडियो की सत्यता की जांच करने और पूरे घटनाक्रम पर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का एक वर्ग इसे केवल एक सामान्य उत्साह का क्षण मान रहा है, जबकि बुद्धिजीवियों का कहना है कि सुरक्षा में तैनात अधिकारी का ध्यान केवल कानून व्यवस्था पर होना चाहिए था।

इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली और ऑन-ड्यूटी अनुशासन को लेकर बहस छेड़ दी है। संवेदनशील त्योहारों के अवसर पर पुलिस कर्मियों से अत्यधिक सतर्क रहने और भीड़ नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित करने की अपेक्षा की जाती है। वर्दी में पुलिस अधिकारी द्वारा हथियार लहराए जाने से सुरक्षा व्यवस्था में चूक की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि उस दौरान उनका ध्यान अपनी मुख्य जिम्मेदारी से हट जाता है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के आने के बाद पुलिस की छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ा है, यही वजह है कि प्रशासनिक अमला तुरंत इस मामले में डैमेज कंट्रोल और जांच की प्रक्रिया में जुट गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बाद मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच अधिकारी सबसे पहले वायरल वीडियो की तकनीकी जांच करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। इसके साथ ही, मौके पर तैनात अन्य पुलिसकर्मियों और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। संबंधित दरोगा से भी इस आचरण को लेकर स्पष्टीकरण (Show Cause Notice) मांगा जा सकता है। उम्मीद की जा रही है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट जिला पुलिस अधीक्षक को सौंप दी जाएगी, जिसके आधार पर निलंबन या लाइन हाजिर करने जैसी दंडात्मक कार्रवाई की रूपरेखा तय होगी।

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