जब मुख्यमंत्री की 'चुटकी' पर बोले बीजेपी सांसद- "शिव ने मुझे खुशियां बांटने के लिए ही धरती पर भेजा है"

भारतीय राजनीति में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि एक बेहद सख्त, अनुशासित और कर्मठ नेता की रही है। 25 करोड़ की

Apr 7, 2026 - 12:08
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जब मुख्यमंत्री की 'चुटकी' पर बोले बीजेपी सांसद- "शिव ने मुझे खुशियां बांटने के लिए ही धरती पर भेजा है"
जब मुख्यमंत्री की 'चुटकी' पर बोले बीजेपी सांसद- "शिव ने मुझे खुशियां बांटने के लिए ही धरती पर भेजा है"
  • "महाराज जी मेरा आनंद लेते हैं, मैं उनका स्ट्रेस बस्टर हूँ", योगी आदित्यनाथ और रवि किशन की अनोखी बॉन्डिंग
  • सियासत और सिनेमा का अद्भुत मेल: रवि किशन ने सीएम योगी संग अपने रिश्तों पर किया बड़ा खुलासा, कहा- उनके चेहरे की मुस्कान मेरा इनाम

भारतीय राजनीति में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि एक बेहद सख्त, अनुशासित और कर्मठ नेता की रही है। 25 करोड़ की आबादी वाले विशाल राज्य की कमान संभालने वाले योगी आदित्यनाथ को अक्सर गंभीर मुद्रा में ही देखा जाता है। हालांकि, हाल ही में गोरखपुर के सांसद और प्रसिद्ध अभिनेता रवि किशन ने मुख्यमंत्री के साथ अपने संबंधों के मानवीय और हास्यपूर्ण पहलू पर विस्तार से चर्चा की है। रवि किशन के अनुसार, मुख्यमंत्री के साथ उनका रिश्ता केवल एक राजनेता और कार्यकर्ता का नहीं, बल्कि एक संरक्षक और स्नेहपात्र का है। उन्होंने एक विशेष बातचीत के दौरान यह स्वीकार किया कि उनके मजाकिया अंदाज और मौजूदगी से मुख्यमंत्री को अक्सर तनावपूर्ण माहौल में राहत मिलती है।

रवि किशन ने मुख्यमंत्री के साथ अपनी ट्यूनिंग को साझा करते हुए बताया कि वे सीएम योगी के लिए एक 'स्ट्रेस बस्टर' की तरह काम करते हैं। उत्तर प्रदेश जैसे चुनौतीपूर्ण राज्य को चलाना, जहां विकास और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी चौबीसों घंटे बनी रहती है, मुख्यमंत्री के लिए काफी थकान भरा हो सकता है। ऐसे में रवि किशन का मानना है कि यदि उनकी बातें या उनकी उपस्थिति मुख्यमंत्री के चेहरे पर एक पल की भी मुस्कान ला सकती है, तो वे इसे अपना सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि "महाराज जी मेरा आनंद लेते हैं," जिसका अर्थ है कि मुख्यमंत्री उनके साथ बातचीत के दौरान हल्के-फुल्के माहौल का लुत्फ उठाते हैं और अक्सर उनके फिल्मी अंदाज पर चुटकी भी लेते हैं।

सांसद ने मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक मंचों पर ली जाने वाली अपनी 'चुटकी' का भी स्वागत किया। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा था कि लोग अब रवि किशन से 'छुट्टी' चाहते हैं, जिस पर खूब ठहाके लगे थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रवि किशन ने कहा कि वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री उन्हें 'छेड़ें' और उनके साथ हंसी-मजाक करें। उनके अनुसार, एक संत हृदय वाले मुख्यमंत्री का इस तरह से उनके साथ पेश आना उनके प्रति विशेष प्रेम और लगाव को दर्शाता है। रवि किशन ने इस बात पर जोर दिया कि वे मुख्यमंत्री को अपना मार्गदर्शक मानते हैं और उनके साथ होने वाला यह हास्य-विनोद उनके कठिन परिश्रम के बीच एक ताज़गी भरने वाले तत्व के रूप में कार्य करता है।

अपने आध्यात्मिक विश्वास को इस चर्चा से जोड़ते हुए रवि किशन ने एक बहुत ही गहरी बात कही। उन्होंने खुद को भगवान शिव का अनन्य भक्त बताते हुए कहा कि महादेव ने उन्हें इस धरती पर लोगों के बीच खुशियां बांटने के लिए भेजा है। अभिनेता-सांसद का मानना है कि यदि उनके अभिनय, भाषण या व्यक्तित्व से किसी के चेहरे पर हंसी आती है, तो यह ईश्वरीय कृपा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी के द्वारा की गई प्रशंसा या उपहास से विचलित नहीं होते। उनका मुख्य लक्ष्य केवल सेवा और प्रसन्नता फैलाना है। रवि किशन ने अपनी जीवन यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वे एक पुजारी के बेटे हैं और उन्होंने मिट्टी के घर से निकलकर यहां तक पहुंचने के लिए बहुत संघर्ष किया है।

संघर्ष और सफलता की अनकही कहानी

रवि किशन ने अपनी सफलता के पीछे छिपे दर्द को बयां करते हुए कहा कि लोग आज का चकाचौंध भरा जीवन देखते हैं, लेकिन इसके पीछे की कड़वी सच्चाई कोई नहीं जानता। उन्होंने कहा, "लोग कहते हैं कि वे जीवन में चलकर आए हैं, लेकिन मैं रेंगकर यहां तक पहुंचा हूं।" इस सफर में उन्होंने अनगिनत घाव, अपमान और तानों का सामना किया है। उनके अनुसार, जब कोई रेंगकर ऊंचाई पर पहुंचता है, तो उसे जमीन की धूल, नमक और खून का असली अनुभव होता है। यही कारण है कि आज सफलता के शिखर पर होने के बावजूद वे खुद को एक 'साधारण मनुष्य' ही मानते हैं और अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलते।

राजनीतिक गलियारों में रवि किशन और सीएम योगी की यह केमिस्ट्री काफी पसंद की जाती है। गोरखपुर, जो मुख्यमंत्री का गढ़ और कार्यक्षेत्र रहा है, वहां से सांसद होने के नाते रवि किशन का मुख्यमंत्री से सीधा संपर्क रहता है। वे अक्सर मुख्यमंत्री के साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठकों या जनसभाओं में नज़र आते हैं। इन मुलाकातों के दौरान कई बार ऐसे क्षण आते हैं जब औपचारिक चर्चाओं के बीच हंसी-मजाक का दौर चलता है। रवि किशन ने बताया कि वे मुख्यमंत्री की कार्यशैली से अत्यंत प्रभावित हैं और उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश जिस तरह से बदल रहा है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है।

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति के बीच तालमेल बिठाने वाले रवि किशन ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का उन पर विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक 'संत' की संज्ञा देते हुए कहा कि उनके सानिध्य में रहना और उनके साथ काम करना किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। रवि किशन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके और मुख्यमंत्री के पुराने वीडियो और तस्वीरें फिर से चर्चा का विषय बन गए हैं, जिनमें दोनों को एक साथ मुस्कुराते हुए देखा जा सकता है। यह खबर यह भी दर्शाती है कि राजनीति की गंभीर दुनिया के पीछे भी मानवीय संवेदनाएं और मित्रता के गहरे रंग मौजूद होते हैं।

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