जिला अदालत ने नेहा शर्मा और आयुष कुमार को जीवन कारावास की सजा सुनाई, बेटी ने कंबल से छिपकर देखी जहर देने की घटना बताई
पुलिस ने जांच के दौरान नेहा, प्रतीक और आयुष के मोबाइल फोन की निगरानी की। आयुष द्वारा प्रतीक के फोन का इस्तेमाल होने से लोकेशन ट्रेस हुई और साजिश का खुलासा हुआ। बच्ची ने पू
- कानपुर में पति प्रतीक शर्मा हत्या मामले में पत्नी नेहा और प्रेमी आयुष को उम्रकैद, 7 साल की बेटी की गवाही पर आधारित फैसला
- प्रतीक कुमार शर्मा हत्या केस में पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद, बच्ची की चश्मदीद गवाही से साबित हुई सुनियोजित साजिश
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक सनसनीखेज हत्या के मामले में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पति प्रतीक कुमार शर्मा की हत्या के आरोप में उनकी पत्नी नेहा शर्मा और उसके प्रेमी आयुष कुमार को उम्रकैद की सजा दी गई है। दोनों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। घटना मार्च 2024 की है, जब प्रतीक को लखनऊ के एक होटल में जहर देकर मार डाला गया और अंतिम संस्कार भी वहीं कर दिया गया। मामले की सुनवाई में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका उनकी 7 साल की बेटी की रही, जिसने कोर्ट में कंबल में छिपकर देखी गई घटना की गवाही दी। बच्ची ने बताया कि मां और आयुष अंकल ने पिता को पानी में कुछ सफेद पदार्थ मिलाकर पिलाया, जिसके बाद पिता के खर्राटे बंद हो गए और उनकी हालत बिगड़ गई।
घटना मार्च 2024 की है, जब प्रतीक कुमार शर्मा, जो किदवई नगर क्षेत्र में मेडिकल स्टोर चलाते थे, अपनी पत्नी नेहा (35 वर्ष) और दो बच्चों के साथ लखनऊ और अन्य स्थानों की यात्रा पर निकले। नेहा और आयुष कुमार (21 वर्ष) के बीच अवैध संबंध थे, जो प्रतीक के दोस्त आयुष के रूप में घर आना-जाना होने से शुरू हुए थे। दोनों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत प्रतीक को लखनऊ के एक होटल में ले जाकर जहर दिया। नेहा ने प्रतीक को पानी में कुछ जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाया, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। प्रतीक को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। नेहा और आयुष ने वहीं अंतिम संस्कार कर दिया और परिवार को गुमराह करने की कोशिश की। 16 मार्च को नेहा बच्चों के साथ घर लौटी और दावा किया कि वाहन में खराबी आई थी और प्रतीक बाद में आएंगे। जब नेहा फिर से बच्चों के साथ दवाइयां लेने के बहाने घर से निकली और नहीं लौटी, तो प्रतीक के पिता पुनीत शर्मा ने नौबस्ता थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच के दौरान नेहा, प्रतीक और आयुष के मोबाइल फोन की निगरानी की। आयुष द्वारा प्रतीक के फोन का इस्तेमाल होने से लोकेशन ट्रेस हुई और साजिश का खुलासा हुआ। बच्ची ने पूछताछ में बताया कि मां ने पिता को पानी में कुछ सफेद पदार्थ मिलाकर पिलाया, जिसके बाद पिता की हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय मां ने कहा कि पापा अस्पताल में हैं और जल्द लौटेंगे। बच्ची ने कोर्ट में कंबल में छिपकर देखी घटना का बयान दिया कि आयुष अंकल और मां ने मिलकर पिता को जहर दिया। कोर्ट ने बच्ची की गवाही को प्राथमिक सबूत माना, क्योंकि उस समय वह कक्षा 2 में थी। इसके अलावा होटल स्टाफ के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, पंचनामा और अन्य साक्ष्य भी पेश किए गए। अदालत ने इसे सुनियोजित हत्या माना और दोनों को दोषी ठहराया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीलांजना की अदालत ने 17 जनवरी 2026 को फैसला सुनाया। बच्ची की गवाही के अलावा सात गवाहों के बयान दर्ज किए गए। बच्ची को मानसिक परीक्षण के बाद गवाही देने की अनुमति दी गई। कोर्ट ने माना कि नेहा और आयुष ने साक्ष्य नष्ट करने के लिए अंतिम संस्कार कर दिया और परिवार को गुमराह किया। नेहा ने बच्ची को धमकाया था कि पापा के बारे में पूछने पर काटकर बाहर फेंक देंगी। बच्ची ने कोर्ट में यह भी बताया कि मां ने कहा था कि गाड़ी खराब हो गई थी और पापा चार दिन बाद आएंगे। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों से साजिश साबित की।
फैसले में अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। यह सजा हत्या की सुनियोजित प्रकृति और साक्ष्य नष्ट करने के प्रयास को देखते हुए दी गई। बच्ची की गवाही मुख्य आधार बनी, जिसने घटना को स्पष्ट किया। आरोपी जेल में हैं और फैसले के बाद बचाव पक्ष ने अपील दायर करने की बात कही है। पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष जताया।
घटना के बाद पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस और लोकेशन ट्रेसिंग से आयुष की भूमिका उजागर की। नेहा ने प्रतीक के फोन से परिवार को मैसेज भेजे ताकि संदेह न हो। बच्ची ने बताया कि जहर देने के बाद पिता के खर्राटे बंद हो गए। कोर्ट ने सात गवाहों के बयानों को भी महत्वपूर्ण माना। यह मामला प्रेम संबंधों से जुड़ी सुनियोजित हत्या का है, जहां अंतिम संस्कार कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई। अदालत ने फैसले में कहा कि ऐसे मामले सामाजिक व्यवस्था के लिए घातक हैं, क्योंकि पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास पर टिका होता है। नेहा और आयुष को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद सुनाई गई। बच्ची की गवाही ने मामले को निर्णायक बनाया।
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