Assam Gujarat Flood Updates: असम और गुजरात में जलप्रलय, 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित, ट्रेनें रद्द और स्कूल बंद

असम और गुजरात में भारी बारिश से बाढ़ के हालात गंभीर हो गए हैं। इस आपदा में 47 लोगों की जान जा चुकी है और 40 लोग लापता हैं। दोनों राज्यों में सेना तैनात है।

Jul 25, 2026 - 13:07
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Assam Gujarat Flood Updates: असम और गुजरात में जलप्रलय, 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित, ट्रेनें रद्द और स्कूल बंद
  • असम और गुजरात में बाढ़ से भारी तबाही, 47 लोगों की मौत, 40 लापता, सेना ने संभाला मोर्चा
  • असम और गुजरात में बाढ़ से मची भीषण तबाही! 47 की मौत, 50 हजार लोग रेस्क्यू, सेना ने संभाला कमान
  • असम और गुजरात में बाढ़ का कहर, अब तक 47 की मौत और 40 लोग लापता, राहत कार्य में जुटी भारतीय सेना

देश के दो प्रमुख राज्यों असम और गुजरात में कुदरत का भीषण कहर देखने को मिल रहा है। मूसलाधार बारिश और नदियों में उफान के कारण आई बाढ़ ने दोनों राज्यों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 47 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 40 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। असम के 25 जिलों में 10.63 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं, वहीं गुजरात में लगातार तीन दिनों की बारिश से 50 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और रेल यातायात प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए दोनों ही राज्यों में भारतीय सेना को तैनात कर दिया गया है।

पूर्वोत्तर राज्य असम और पश्चिमी राज्य गुजरात में मानसून की भयावह बारिश के चलते जलप्रलय जैसे हालात पैदा हो गए हैं। असम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे राज्य के 25 जिले पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। दूसरी ओर, गुजरात में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को ठप्प कर दिया है। दोनों राज्यों को मिलाकर अब तक 47 मौतों की पुष्टि हो चुकी है और दर्जनों लोग बह जाने या लापता होने के कारण तलाशे जा रहे हैं। स्थिति यह है कि कई गांव पूरी तरह से टापू बन चुके हैं और मुख्य मार्गों का संपर्क कट गया है।

असम में मानसून की बारिश ने विकराल रूप ले लिया है। समाचार एजेंसी प्रेट्र के अनुसार, राज्य का शिवसागर जिला बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां अकेले 3.8 लाख लोग जलभराव और विस्थापन का सामना कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त चराइदेव जिले में लगभग 1.9 लाख और जोरहाट में 1.2 लाख से अधिक लोग पानी के तेज बहाव में फंसे हुए हैं। राज्य प्रशासन ने अब तक 28,912 लोगों को अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया है। नदियों का पानी बस्तियों में प्रवेश कर जाने से हजारों घर ढह गए हैं और कृषि योग्य भूमि जलमग्न हो चुकी है।

वहीं पश्चिमी तट पर स्थित गुजरात में भी स्थिति बेहद चिंताजनक है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। निचले इलाकों में पानी भर जाने और नदियां उफान पर होने के कारण सैकड़ों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से पूरी तरह टूट गया है। प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए 50,000 से अधिक लोगों को जोखिम वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है। सुरक्षा के मद्देनजर बाढ़ प्रभावित जिलों में सभी निजी व सरकारी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। जलभराव के कारण मुंबई-गुजरात रेल मार्ग भी प्रभावित हुआ है, जिसके चलते मुंबई जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है या उनके मार्ग में परिवर्तन किया गया है।

आपदा की इस घड़ी में केंद्र और राज्य सरकारें पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रही हैं। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आपातकालीन समीक्षा बैठकें कर अधिकारियों को राहत सामग्री वितरण और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। असम के मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों से लगातार संपर्क बनाकर त्वरित सहायता पहुंचाने को कहा है। वहीं, राहत कार्यों में सिविल प्रशासन की मदद के लिए भारतीय सेना की टुकड़ियों को मैदान में उतारा गया है। सेना के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें बोट्स और आधुनिक उपकरणों की मदद से फंसे हुए लोगों को निकालने के कार्य में दिन-रात जुटी हुई हैं।

इस भीषण प्राकृतिक आपदा का व्यापक और गंभीर प्रभाव दोनों राज्यों की सामाजिक व आर्थिक व्यवस्था पर पड़ा है। लाखों लोग अपने घरों को छोड़कर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं, जिससे पीने के पानी, भोजन और दवाइयों की किल्लत उत्पन्न होने लगी है। गुजरात में रेल यातायात ठप्प होने से दैनिक यात्रियों और माल ढुलाई पर बुरा असर पड़ा है। इसके अलावा, हजारों एकड़ में लगी फसलें पानी में डूब जाने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। सडकों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से बुनियादी ढांचे को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है, जिसकी बहाली में काफी समय लगने की आशंका है।

मौसम विभाग (IMD) ने असम और गुजरात के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है। ऐसे में राहत एजेंसियों के लिए आने वाले कुछ दिन और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। सेना और एनडीआरएफ का ध्यान फिलहाल लापता 40 लोगों की तलाश करने और दूरदराज के कटे हुए गांवों तक सूखा राशन व दवाइयां पहुंचाने पर केंद्रित है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों और नदियों के किनारे जाने से बचें तथा केवल आधिकारिक चेतावनियों पर ही भरोसा करें।

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