राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य; अपात्र लोगों के नाम कटने से वास्तविक गरीबों को मिलेगा योजना का दोगुना लाभ।

केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहतकारी घोषणा की है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न

Apr 7, 2026 - 12:12
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राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य; अपात्र लोगों के नाम कटने से वास्तविक गरीबों को मिलेगा योजना का दोगुना लाभ।
राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य; अपात्र लोगों के नाम कटने से वास्तविक गरीबों को मिलेगा योजना का दोगुना लाभ।
  • मोदी सरकार का बड़ा तोहफा: राशन कार्ड धारकों को अगले 5 वर्षों तक मिलता रहेगा मुफ्त अनाज, कैबिनेट ने लगाई मुहर।
  • वन नेशन वन राशन कार्ड योजना में हुए महत्वपूर्ण बदलाव; अब देश के किसी भी कोने से ले सकेंगे अपना राशन, पोर्टेबिलिटी हुई और भी आसान।

केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहतकारी घोषणा की है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को लेकर सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए इसे अगले पांच वर्षों के लिए विस्तारित करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के दायरे में आने वाले लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त अनाज (गेहूं या चावल) प्रदान किया जाता रहेगा। यह कदम देश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी नागरिक भूखा न सोए और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच आम जनता पर महंगाई का बोझ कम हो सके।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्राथमिकता वाले घरेलू (PHH) परिवारों को इस निरंतर विस्तार का सीधा लाभ मिलेगा। अंत्योदय कार्ड धारकों को हर महीने प्रति परिवार 35 किलो राशन मिलता रहेगा, जबकि प्राथमिकता वाले परिवारों को उनके सदस्यों की संख्या के आधार पर प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज की आपूर्ति की जाएगी। सरकार ने इस योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए राज्यों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि अनाज की गुणवत्ता और वितरण की पारदर्शिता में कोई कमी न आए। इस विशाल योजना पर होने वाला पूरा खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे राज्यों के वित्तीय बजट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा और लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के उनका हक मिलता रहेगा।

प्रशासनिक स्तर पर एक और बड़ा बदलाव 'वन नेशन वन राशन कार्ड' (ONORC) प्रणाली को लेकर किया गया है। अब इस योजना को और भी अधिक आधुनिक और लचीला बनाया गया है, जिससे प्रवासी मजदूरों और कामगारों को सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है। यदि कोई व्यक्ति रोजगार की तलाश में अपने मूल राज्य से दूसरे राज्य में जाता है, तो उसे अब नए राशन कार्ड के लिए भटकने की जरूरत नहीं होगी। वह अपने पुराने आधार-लिंक्ड राशन कार्ड का उपयोग करके देश की किसी भी उचित मूल्य की दुकान (FPS) से अपना कोटा प्राप्त कर सकता है। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की सुविधा ने इस प्रक्रिया को और भी सुरक्षित बना दिया है, जिससे राशन की चोरी और कालाबाजारी पर पूरी तरह से लगाम लग गई है। केंद्र सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14445 भी जारी किया है, जहां लाभार्थी राशन न मिलने या कोटेदार की मनमानी की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इन शिकायतों का निपटारा अब 72 घंटों के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है।

राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को अब अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने सभी कार्ड धारकों को निर्देश दिया है कि वे 30 जून 2026 तक अपने परिवार के सभी सदस्यों का आधार प्रमाणीकरण नजदीकी राशन की दुकान पर जाकर जरूर करवा लें। यह प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है और इसके माध्यम से उन फर्जी या अपात्र लोगों की पहचान की जा रही है जो गलत तरीके से सरकारी योजना का लाभ ले रहे थे। हालिया आंकड़ों के अनुसार, ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान लाखों ऐसे कार्ड मिले हैं जिनमें मृत व्यक्तियों या उन लोगों के नाम दर्ज थे जो अब उस पते पर नहीं रहते। ऐसे नामों को सूची से हटाकर सरकार अब नए पात्र परिवारों को जोड़ने की तैयारी कर रही है, जो लंबे समय से वेटिंग लिस्ट में थे।

डिजिटलीकरण की इस कड़ी में अब राशन कार्डों को 'स्मार्ट कार्ड' के रूप में अपडेट किया जा रहा है। कई राज्यों में अब क्यूआर कोड (QR Code) आधारित राशन कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिन्हें मोबाइल ऐप के माध्यम से भी एक्सेस किया जा सकता है। इससे लाभार्थियों को यह पता लगाने में आसानी होती है कि उनके हिस्से का कितना राशन गोदाम से निकल चुका है और कब उनकी नजदीकी दुकान पर उपलब्ध होगा। सरकार ने 'मेरा राशन' (Mera Ration) मोबाइल ऐप को भी नए फीचर्स के साथ अपडेट किया है, जहां लाभार्थी अपनी पात्रता, नजदीकी दुकान की लोकेशन और पिछले लेन-देन का पूरा विवरण देख सकते हैं। इस तकनीकी हस्तक्षेप ने सरकारी तंत्र में बिचौलियों की भूमिका को लगभग समाप्त कर दिया है। खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ सरकार अब पोषण पर भी विशेष ध्यान दे रही है। नई घोषणा के तहत, अब सामान्य चावल के स्थान पर 'फोर्टिफाइड चावल' (Fortified Rice) के वितरण को अनिवार्य कर दिया गया है। इस विशेष चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व शामिल होते हैं, जो विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों में एनीमिया (खून की कमी) और कुपोषण की समस्या से लड़ने में सहायक होते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि राशन कार्ड केवल पेट भरने का साधन न रहे, बल्कि यह गरीब परिवारों के बेहतर स्वास्थ्य का भी आधार बने। इसके लिए देश भर के राइस मिलों को आधुनिक मशीनों से लैस किया गया है ताकि फोर्टिफाइड चावल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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