पटना के चर्चित शिक्षक और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रोशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत, इलाके में पसरा सन्नाटा

बिहार की राजधानी पटना के सबसे प्रमुख और व्यस्त शैक्षणिक हब मुसल्लहपुर हाट और कदमकुआन इलाके से जुड़े एक बेहद ही हाई-प्रोफाइल

Jun 15, 2026 - 11:10
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पटना के चर्चित शिक्षक और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रोशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत, इलाके में पसरा सन्नाटा
पटना के चर्चित शिक्षक और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रोशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत, इलाके में पसरा सन्नाटा
  • विराट नगर के एक होटल के कमरे में मिला फरार चल रहे आरोपी प्रिंस यादव का शव, मौत की खबर से बिहार के शिक्षा और कोचिंग जगत में मची भारी हलचल
  • खान ग्लोबल स्टडीज बवाल मामले में नामजद था मृतक, नेपाल पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लेकर गहन तकनीकी जांच और पूछताछ का सिलसिला किया शुरू

बिहार की राजधानी पटना के सबसे प्रमुख और व्यस्त शैक्षणिक हब मुसल्लहपुर हाट और कदमकुआन इलाके से जुड़े एक बेहद ही हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मोड़ सामने आया है। पटना के सुप्रसिद्ध शिक्षक और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के मुख्य संचालक रोशन आनंद के सगे छोटे भाई प्रिंस यादव का शव पड़ोसी देश नेपाल के मोरंग जिले के अंतर्गत आने वाले विराट नगर के एक होटल से अत्यंत संदेहास्पद परिस्थितियों में बरामद किया गया है। प्रिंस यादव पिछले कुछ दिनों से पटना के एक अन्य बेहद लोकप्रिय और बड़े कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज के परिसर में हुए हिंसक बवाल, तोड़फोड़ और गोलीबारी के हाई-प्रोफाइल मामले में नामजद आरोपी था और पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था। उसकी संदेहास्पद मौत की खबर जैसे ही सीमा पार कर बिहार की राजधानी पटना और उसके गृह जिले सहरसा तक पहुंची, पूरे कोचिंग जगत, छात्रों और प्रशासनिक गलियारों में तीव्र गति से सनसनी और गहरे हड़कंप का माहौल व्याप्त हो गया।

इस पूरे सनसनीखेज घटनाक्रम की पृष्ठभूमि बीते 2 जून को पटना के कदमकुआन थाना क्षेत्र के मुसल्लहपुर हाट में स्थित मशहूर शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर के कोचिंग संस्थान, खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुए एक भयानक विवाद और हिंसक झड़प से गहराई से जुड़ी हुई है। उस दिन दो बड़े कोचिंग दिग्गजों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के चलते भारी संख्या में उपद्रवियों ने संस्थान के मुख्य परिसर में घुसकर जबरन तोड़फोड़ की थी, साइनबोर्ड उखाड़ दिए थे और वहां तैनात निजी सुरक्षा कर्मियों के साथ गंभीर रूप से मारपीट की थी। इस हिंसक झड़प के दौरान सुरक्षा गार्डों की तरफ से कथित रूप से हवाई फायरिंग भी की गई थी, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। इस मुख्य मामले में ज्ञान बिंदु एकेडमी के मुख्य संचालक रोशन आनंद को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर बेउर जेल भेज चुकी है, जबकि उनके सगे छोटे भाई प्रिंस यादव की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार पटना से लेकर कई अन्य जिलों में छापेमारी कर रही थीं।

विराट नगर पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों से प्राप्त आधिकारिक सूचनाओं के अनुसार, गिरफ्तारी के भारी कानूनी डर से बचने के लिए प्रिंस यादव चुपके से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर नेपाल भाग गया था और वहां अपने कुछ नजदीकी सहयोगियों के साथ एक स्थानीय गेस्ट हाउस में छिपकर पहचान बदलकर रह रहा था। शनिवार की देर रात अचानक होटल के कमरे में उसकी तबीयत बेहद गंभीर रूप से बिगड़ने की बात सामने आई, जिसके बाद उसके साथ ठहरे कुछ लोग और उसका एक ममेरा भाई, जो नेपाल के सप्तरी जिले का रहने वाला है, उसे आनन-फानन में बेहोशी की हालत में विराट नगर के न्यूरो अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल के डॉक्टरों ने गहन चिकित्सीय परीक्षण के बाद प्रिंस यादव को मृत घोषित कर दिया और इस अप्रत्याशित घटना की सूचना तुरंत स्थानीय मोरंग जिला पुलिस प्रशासन को दी। नेपाल पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए शव को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित रखवा दिया और पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी। नेपाल पुलिस की शुरुआती जांच रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के मुताबिक, मृतक प्रिंस यादव के सिर पर एक मामूली चोट का निशान पाया गया है, साथ ही कमरे से कुछ दवाइयां भी बरामद हुई हैं। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि मौत अत्यधिक अस्वस्थता, किसी दवा के ओवरडोज़ या फिर किसी गहरी आपराधिक साज़िश का परिणाम है।

इस सनसनीखेज मौत की खबर मिलते ही मृतका के सहरसा और सुपौल स्थित पैतृक आवास से उसके शोकाकुल और बदहवास परिजन तुरंत नेपाल के विराट नगर के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वे स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर शव का पोस्टमार्टम कराने और उसे वापस भारत लाने की कानूनी प्रक्रियाओं में जुटे हुए हैं। दूसरी तरफ, नेपाल पुलिस ने इस मामले की गुत्थी को सुलझाने के लिए होटल के उस कमरे को पूरी तरह से सील कर दिया है जहां प्रिंस ठहरा हुआ था और वहां से कई वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने प्रिंस के साथ होटल में ठहरे और उसे अस्पताल ले जाने वाले कुल 5 संदिग्ध व्यक्तियों को अपनी हिरासत में ले लिया है और उनसे एक अज्ञात और सुरक्षित स्थान पर बेहद कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की रात के सिलसिलेवार घटनाक्रम और असली सच्चाई का पता लगाया जा सके।

प्रिंस यादव का आपराधिक इतिहास और पटना के कोचिंग विवादों से उसका पुराना नाता भी अब पुलिस की जांच के रडार पर प्रमुखता से आ गया है, क्योंकि कदमकुआन थाने में दर्ज मुख्य प्राथमिकी में उसका नाम मुख्य आरोपियों की सूची में शामिल था। दर्ज मुकदमे के अनुसार, प्रिंस यादव पर आरोप था कि उसने अपने कई दर्जन सहयोगियों के साथ मिलकर खान ग्लोबल स्टडीज के मुख्य द्वार पर लगे सुरक्षा घेरे को तोड़ा था और वहां के गार्डों पर जानलेवा हमला बोला था। इससे पहले भी साल 2021 में इसी प्रकार के एक कोचिंग वर्चस्व विवाद और हमले के मामले में प्रिंस यादव को मुख्य रूप से नामजद किया गया था, जिसके कारण पुलिस उसे इस पूरे विवाद की एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील कड़ी मानकर तलाश कर रही थी। उसकी इस संदेहास्पद मौत ने अब पटना के पूरे कोचिंग विवाद और कानूनी जांच के समीकरणों को अत्यंत उलझाकर और पेचीदा बनाकर रख दिया है।

इस बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल घटनाक्रम के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोड़ने के बाद पटना जिला प्रशासन और पुलिस मुख्यालय पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर आ गए हैं, और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए विशेष रणनीतियां अपनाई जा रही हैं। मुसल्लहपुर हाट, कदमकुआन और नया टोला जैसे भारी छात्र आबादी वाले प्रमुख शैक्षणिक इलाकों में किसी भी संभावित हिंसक प्रतिक्रिया, विरोध प्रदर्शन या कानून व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका को देखते हुए व्यापक पैमाने पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। खान ग्लोबल स्टडीज के मुख्य कार्यालय, कोचिंग परिसरों और उससे जुड़े संवेदनशील स्थानों के चारों तरफ पुलिस की गाड़ियों द्वारा लगातार गश्त की जा रही है और दंगा नियंत्रण वाहनों को भी मुस्तैद रखा गया है ताकि छात्रों के किसी भी उग्र गुट को अशांति फैलाने से तुरंत रोका जा सके।

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