Faridabad Crime News: बल्लभगढ़ की मुकेश कॉलोनी में पुलिस का छापा, 2496 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद; हाथरस से जुड़ा नेटवर्क
हरियाणा के फरीदाबाद अंतर्गत बल्लभगढ़ की मुकेश कॉलोनी में पुलिस ने छापेमारी कर 2496 किलोग्राम अवैध विस्फोटक सामग्री (पोटेशियम नाइट्रेट) बरामद की है। इस खेप का संबंध यूपी के हाथरस से सामने आया है।

- फरीदाबाद में विस्फोटक का जखीरा पकड़ा गया: घनी आबादी के बीच छिपाया गया था पोटेशियम नाइट्रेट, आरोपी गिरफ्तार
- Ballabgarh Explosive Haul: मुकेश कॉलोनी में अवैध गोदाम का भंडाफोड़, यूपी के हाथरस से जुड़े अवैध केमिकल तस्करी के तार
- हरियाणा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: फरीदाबाद में 2496 Kg विस्फोटक सामग्री जब्त, त्योहारों से पहले टला बड़ा खतरा
फरीदाबाद (हरियाणा)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे हरियाणा के औद्योगिक नगर फरीदाबाद में पुलिस ने एक बड़े अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की है। फरीदाबाद पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बल्लभगढ़ की घनी आबादी वाली मुकेश कॉलोनी में अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान एक रिहायशी मकान के भीतर अवैध रूप से छिपाकर रखी गई 2496 किलोग्राम (लगभग 2.5 टन) विस्फोटक रासायनिक सामग्री बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में यह रसायन पोटेशियम नाइट्रेट पाया गया है, जिसका उपयोग बड़े पैमाने पर बारूद, अवैध आतिशबाजी और अन्य विस्फोटक तैयार करने में किया जाता है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके तार उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से जुड़े बताए जा रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आगामी त्योहारी सीजन और पटाखों पर लागू प्रतिबंधों के मद्देनजर अवैध आतिशबाजी और ज्वलनशील केमिकल के भंडारण पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली कि बल्लभगढ़ के रिहायशी क्षेत्र में भारी मात्रा में प्रतिबंधित और संवेदनशील रासायनिक पदार्थों की डंपिंग की गई है। टीम ने बिना किसी देरी के बताए गए पते पर दबिश दी और मकान के एक हिस्से को गोदाम के रूप में इस्तेमाल करते हुए पाया, जहां दर्जनों बोरियों में यह खतरनाक सामग्री ठूंस-ठूंस कर रखी गई थी।
- रिहायशी बस्ती में मंडरा रहा था बड़ा खतरा
जिस इलाके से यह रासायनिक जखीरा पकड़ा गया है, वह बल्लभगढ़ की घनी आबादी वाली मुकेश कॉलोनी है। यहां सैकड़ों परिवार तंग गलियों और आपस में सटे मकानों में निवास करते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पोटेशियम नाइट्रेट एक अत्यंत संवेदनशील ऑक्सीडाइजर होता है। यदि किसी कारणवश इस गोदाम में मामूली सी चिंगारी या आग लग जाती, तो न केवल संबंधित इमारत जमींदोज हो जाती, बल्कि आसपास के दर्जनों मकानों में भीषण तबाही मच सकती थी।
स्थानीय निवासियों को जब इस बात की भनक लगी कि उनके पड़ोस में पिछले कई दिनों से बारूद बनाने वाला भारी केमिकल छिपाकर रखा गया था, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। नागरिकों ने राहत की सांस ली कि समय रहते पुलिस ने इस अवैध गोदाम का भंडाफोड़ कर दिया और एक संभावित बड़ा औद्योगिक अथवा मानवीय हादसा टल गया।
- यूपी के हाथरस से जुड़े सप्लायर और खरीदार के तार
गिरफ्तार किए गए आरोपी से जब पुलिस और तकनीकी शाखा के अधिकारियों ने गहन पूछताछ की, तो इस अवैध खेप का अंतरराज्यीय नेटवर्क सामने आया। आरोपी ने स्वीकार किया कि यह भारी खेप उत्तर प्रदेश के हाथरस से मंगवाई गई थी। हाथरस और आसपास के जिलों में पारंपरिक रूप से आतिशबाजी और रंग-गुलाल से जुड़े कुटीर उद्योगों की आड़ में कई अवैध रासायनिक निर्माण इकाइयां संचालित होने की सूचनाएं पहले भी आती रही हैं।
पूछताछ में यह भी पता चला है कि इस खेप को स्थानीय स्तर पर एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में अवैध पटाखे बनाने वालों और औद्योगिक प्रक्रियाओं में अवैध रूप से केमिकल इस्तेमाल करने वालों को ऊंचे दामों पर खपाने की योजना थी। पुलिस अब हाथरस स्थित उस मुख्य सप्लायर की पहचान में जुट गई है, जिसने बिना किसी आधिकारिक लाइसेंस, परमिट या सुरक्षा मानकों के इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री की लोडिंग और अंतरराज्यीय परिवहन करवाया।
- विस्फोटक अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
फरीदाबाद पुलिस के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में संबंधित थाने में विस्फोटक अधिनियम (Explosive Substances Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ज्वलनशील या विस्फोटक रासायनिक पदार्थ का 50 किलोग्राम से अधिक भंडारण करने के लिए पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) और स्थानीय जिला प्रशासन से सख्त अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और भंडारण लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है। आरोपी के पास इस सामग्री की खरीद-फरोख्त, बिलिंग या सुरक्षित भंडारण से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं था।
- नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी क्राइम ब्रांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को सक्षम न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है। रिमांड अवधि के दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच केंद्रित रहेगी:
हाथरस से फरीदाबाद तक इस खेप को लाने में किन वाहनों और ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत रही?
क्या चेकपोस्ट और अंतरराज्यीय सीमाओं पर जांच में किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई?
फरीदाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली के किन-किन व्यक्तियों को यह केमिकल सप्लाई किया जाना था?
क्या इस नेटवर्क के पीछे कोई संगठित सिंडिकेट सक्रिय है जो दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण नियमों और अदालती प्रतिबंधों की अनदेखी कर अवैध बारूद का कारोबार कर रहा है?
जिला पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी भी रिहायशी इलाके में किसी संदिग्ध गोदाम, अनधिकृत केमिकल ड्रम या अवैध आतिशबाजी निर्माण की गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कानूनी कदम उठाए जा सकें।
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