NEET UG 2027 Exam Mode - क्या ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में होगी नीट परीक्षा? जानिए सरकार की नई योजना

NEET UG 2027 को लेकर सरकार कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के साथ पेन-पेपर विकल्प बनाए रखने पर विचार कर रही है। जानिए दक्षिणी राज्यों के विरोध और नए प्लान की पूरी जानकारी।

Nov 2, 2026 - 13:14
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NEET UG 2027 Exam Mode - क्या ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में होगी नीट परीक्षा? जानिए सरकार की नई योजना
  • NEET UG CBT Transition - सीबीटी मोड के साथ पेन-पेपर विकल्प पर भी विचार, दक्षिणी राज्यों के विरोध के बीच बड़ा मंथन
  • Education Ministry NEET Update - नीट यूजी 2027 को लेकर हाइब्रिड मॉडल की चर्चा, ग्रामीण और गैर-तकनीकी छात्रों के हितों पर जोर
  • Medical Entrance Exam 2027 - सिर्फ कंप्यूटर आधारित टेस्ट या पेन-पेपर भी? जानिए नीट यूजी के संभावित बदलाव

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2027) के प्रारूप को लेकर नीतिगत स्तर पर व्यापक विचार-विमर्श चल रहा है। पूर्व में परीक्षा में शुचिता, पारदर्शिता और पेपर लीक की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से इसे पारंपरिक पेन-पेपर (ओएमआर शीट) से पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, अब सरकार और संबंधित प्राधिकरण इस बात पर भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं कि क्या छात्रों को ऑनलाइन (CBT) और ऑफलाइन (पेन-पेपर) दोनों में से किसी एक माध्यम को चुनने का विकल्प दिया जाना चाहिए।

यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो यह मेडिकल प्रवेश परीक्षा के इतिहास में एक बड़ा बदलाव होगा, जिससे अभ्यर्थियों को उनकी सुविधा और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार परीक्षा देने की छूट मिल सकेगी।

  • दक्षिणी राज्यों का विरोध और डिजिटल डिवाइड की चिंता

नीट यूजी को पूरी तरह ऑनलाइन यानी सीबीटी मोड में बदलने के प्रस्ताव को लेकर तमिलनाडु सहित कई दक्षिणी राज्यों और विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से आपत्तियां सामने आई हैं। इन राज्यों का तर्क है कि देश के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पर्याप्त कंप्यूटर और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पूरी तरह डिजिटल परीक्षा प्रणाली लागू करने से ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के उन छात्रों को नुकसान हो सकता है, जिन्हें कंप्यूटर के उपयोग का सीमित अनुभव है।

विशेषज्ञों और समितियों ने भी इस बात को रेखांकित किया है कि 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों वाली परीक्षा को केवल ऑनलाइन मोड में सीमित करने से पहले सभी राज्यों और हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श आवश्यक है। यही वजह है कि सरकार दोनों प्रारूपों (हाइब्रिड मॉडल) की संभावनाओं और उसके तकनीकी व लॉजिस्टिक पहलुओं का बारीकी से अध्ययन कर रही है।

  • परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम में बदलाव

प्रारूप में संभावित बदलाव के बावजूद अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के बुनियादी ढांचे, विषय और अंकन प्रणाली में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया जाएगा। भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान (वनस्पति विज्ञान व जंतु विज्ञान) से संबंधित 720 अंकों के 180 अनिवार्य प्रश्नों का प्रारूप यथावत रहने की संभावना है।

यदि परीक्षा को बहु-सत्रीय (मल्टीपल शिफ्ट्स) सीबीटी मोड में कराया जाता है, तो अंकों की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मानकीकरण (नॉर्मलाइजेशन) पद्धति का उपयोग किया जाएगा। हालांकि, जब तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय द्वारा औपचारिक सूचना बुलेटिन जारी नहीं किया जाता, तब तक अंतिम निर्णय को लेकर सभी विकल्पों पर विचार जारी है।

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