राष्ट्रीय मनरेगा श्रमिक सम्मेलन में राहुल गांधी का अनोखा अंदाज, सिर पर गमछा और हाथ में कुदाल लेकर मजदूरों के बीच खड़े हुए।
राष्ट्रीय मनरेगा श्रमिक सम्मेलन 22 जनवरी 2026 को दिल्ली के जवाहरलाल भवन में आयोजित किया गया। यह सम्मेलन रचनात्मक
- VB-G RAM G एक्ट पर राहुल गांधी का हमला, बोले- G-RAM-G क्या है मुझे नहीं पता, मनरेगा मजदूरों से दिल्ली में की एकजुटता की अपील
- किसानों के आंदोलन की तरह मनरेगा बचाओ संघर्ष की जरूरत, राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सम्मेलन में VB-G RAM G एक्ट को बताया गरीबों के अधिकारों पर प्रहार
राष्ट्रीय मनरेगा श्रमिक सम्मेलन 22 जनवरी 2026 को दिल्ली के जवाहरलाल भवन में आयोजित किया गया। यह सम्मेलन रचनात्मक कांग्रेस के बैनर तले हुआ जिसमें देशभर से मनरेगा मजदूर शामिल हुए। राहुल गांधी ने सम्मेलन को संबोधित किया और VB-G RAM G एक्ट की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों को काम का अधिकार देता है और इसे पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से चलाया जाता है। VB-G RAM G एक्ट से केंद्र सरकार काम और फंड के आवंटन का फैसला करेगी और भाजपा शासित राज्यों को प्राथमिकता मिलेगी। राहुल गांधी ने कहा कि इससे गरीबों का अधिकार छिन जाएगा और लाभ ठेकेदारों तथा नौकरशाही को मिलेगा। उन्होंने तीन कृषि कानूनों का जिक्र किया और कहा कि किसानों ने एकजुट होकर दबाव बनाया जिससे कानून वापस हुए। मजदूरों से अपील की कि इसी तरह एकजुट होकर VB-G RAM G एक्ट वापस करवाएं। सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे। मजदूरों ने अपने कार्यस्थलों से मिट्टी लाकर पौधों में डाली जो प्रतीकात्मक इशारा था।
राहुल गांधी सम्मेलन में सिर पर गमछा बांधकर और कंधे पर कुदाल रखकर पहुंचे। वे मजदूरों के बीच खड़े होकर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य गरीबों को काम मांगने का अधिकार देना था और इसे सम्मान के साथ प्रदान करना था। VB-G RAM G एक्ट से यह अधिकार छिन जाएगा और केंद्र सरकार सब तय करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा पंचायती राज को खत्म करना चाहती है और ऐसी व्यवस्था बनाना चाहती है जहां सब कुछ दिल्ली से तय हो। राहुल गांधी ने कहा कि नया कानून मनरेगा की आत्मा को नष्ट कर देगा और गरीबों को अडानी-अंबानी जैसे लोगों पर निर्भर बनाएगा। उन्होंने मजदूरों से कहा कि किसानों ने दिखाया कि एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है। कांग्रेस ने 10 जनवरी से 45 दिनों की 'मनरेगा बचाओ संघर्ष' मुहिम शुरू की है जिसमें VB-G RAM G एक्ट की वापसी और मनरेगा को मूल रूप में बहाल करने की मांग है। सम्मेलन में मजदूरों ने अपने अनुभव साझा किए और VB-G RAM G एक्ट के खिलाफ आवाज उठाई।
VB-G RAM G एक्ट को विकसित भारत- रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी एक्ट कहा जाता है। यह मनरेगा की जगह लेने वाला कानून है जो दिसंबर 2025 में पारित हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा में गरीब काम मांग सकता था लेकिन नए कानून में केंद्र तय करेगा कि काम क्या होगा और फंड कहां जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे ग्राम पंचायतों की भूमिका खत्म हो जाएगी और सत्ता केंद्रित हो जाएगी। राहुल गांधी ने भाषण के दौरान नए कानून का नाम भूल गए और दर्शकों से पूछा कि इसका नाम क्या है। उन्होंने कहा कि G-RAM-G क्या है मुझे नहीं पता। दर्शकों ने VB-G RAM G बताया। राहुल गांधी ने कहा कि नाम चाहे जो हो लेकिन यह गरीबों के अधिकारों पर हमला है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में मजदूरी का अधिकार था लेकिन अब वह छिन जाएगा। कांग्रेस की मुहिम में देशभर में चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सम्मेलन में मजदूरों ने मिट्टी का प्रतीकात्मक उपयोग किया जो उनके कार्यस्थलों से लाई गई थी।
सम्मेलन में राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा भारत को ऐसी दिशा में ले जाना चाहती है जहां राजा सब तय करे। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए सशक्तिकरण का साधन था लेकिन VB-G RAM G एक्ट से यह बदल जाएगा। राहुल गांधी ने मजदूरों से अपील की कि वे किसानों की तरह दिल्ली में आकर दबाव बनाएं। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों को वापस करवाने में एकजुटता की भूमिका थी और अब मजदूरों को भी वैसा ही करना होगा। कांग्रेस ने कहा कि VB-G RAM G एक्ट से मनरेगा की मूल भावना नष्ट हो जाएगी और गरीबों का हक छिन जाएगा। सम्मेलन में मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी संबोधित किया और कहा कि कांग्रेस मनरेगा बचाने के लिए लड़ाई जारी रखेगी। मजदूरों ने अपने कार्यस्थलों से मिट्टी लाकर पौधों में डाली जो VB-G RAM G एक्ट के खिलाफ प्रतीक था। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा में काम का अधिकार था जो अब केंद्र के हाथ में चला जाएगा।
VB-G RAM G एक्ट 2025 में पारित हुआ जो मनरेगा को बदलता है। राहुल गांधी ने कहा कि यह कानून गरीबों को ठेकेदारों और नौकरशाही के भरोसे छोड़ देगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा पंचायती राज से जुड़ा था लेकिन अब सारी शक्ति दिल्ली में केंद्रित होगी। राहुल गांधी ने भाषण में नाम भूलने पर दर्शकों से पूछा और कहा कि G-RAM-G क्या है मुझे नहीं पता। उन्होंने कहा कि नाम से फर्क नहीं पड़ता लेकिन यह गरीबों के खिलाफ है। कांग्रेस की 'मनरेगा बचाओ संघर्ष' मुहिम 45 दिनों की है जिसमें VB-G RAM G एक्ट की वापसी की मांग है। सम्मेलन में देशभर से मजदूर आए और अपने अनुभव साझा किए। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा संपत्ति कुछ हाथों में केंद्रित करना चाहती है ताकि गरीब निर्भर रहें। उन्होंने कहा कि मनरेगा ने गरीबों को सम्मान दिया लेकिन नया कानून इसे छीन लेगा।
सम्मेलन में राहुल गांधी ने मजदूरों के बीच खड़े होकर संबोधित किया। उन्होंने सिर पर गमछा और हाथ में कुदाल लेकर खुद को मजदूरों से जोड़ा। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य गरीबों को काम का हक देना था लेकिन VB-G RAM G एक्ट से यह बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों की तरह यह भी वापस होगा अगर एकजुटता दिखाई गई। कांग्रेस ने कहा कि VB-G RAM G एक्ट से ग्राम स्वराज की अवधारणा खत्म हो जाएगी। मजदूरों ने मिट्टी का प्रतीकात्मक उपयोग किया। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा में मजदूरी का अधिकार था जो अब केंद्र तय करेगा। उन्होंने नाम भूलने पर कहा कि G-RAM-G क्या है मुझे नहीं पता लेकिन यह गरीबों के खिलाफ साजिश है। मुहिम में रायबरेली में भी चoupal हुआ।
VB-G RAM G एक्ट को राहुल गांधी ने गरीबों के अधिकारों पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून मनरेगा की जगह लेगा और केंद्र को सारी शक्ति देगा। राहुल गांधी ने मजदूरों से अपील की कि वे एकजुट होकर लड़ें। सम्मेलन 22 जनवरी 2026 को हुआ और इसमें प्रतीकात्मक मिट्टी का उपयोग किया गया। राहुल गांधी ने भाषण में नाम पूछा और कहा कि G-RAM-G क्या है मुझे नहीं पता। कांग्रेस की मुहिम जारी है और VB-G RAM G एक्ट की वापसी की मांग है।
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