Parliament Monsoon Session: काले कपड़ों में कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल की मांगों पर धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार

मॉनसून सत्र के तीसरे दिन नीट मुद्दे पर कांग्रेस सांसदों ने काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया। राहुल गांधी की 5 मांगों पर शिक्षा मंत्री ने पलटवार किया है।

Jul 22, 2026 - 12:47
Jul 22, 2026 - 12:52
 0  2
Parliament Monsoon Session: काले कपड़ों में कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल की मांगों पर धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार
NEET paper leak Parliament row
  • संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा दिन: नीट मुद्दे पर विपक्ष का जोरदार विरोध, शिक्षा मंत्री बोले- 'चर्चा के लिए तैयार'
  • काले कपड़ों में संसद पहुंचे कांग्रेस सांसद, राहुल गांधी की 5 मांगों पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तीखा प्रहार
  • मॉनसून सत्र का तीसरा दिन: काले कपड़े पहनकर संसद में विपक्ष का प्रदर्शन, NEET मामले पर थमा नहीं सियासी घमासान

संसद के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन यानी बुधवार को नीट (NEET) पेपर लीक और अभ्यर्थियों की समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है। नई दिल्ली स्थित संसद परिसर में कांग्रेस के सांसद काले कपड़े पहनकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ पुरजोर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इससे एक दिन पहले मंगलवार को संसद में भारी हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई थी, जिसके बाद विपक्ष के प्रमुख नेताओं—राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव समेत कई सांसदों ने पीएम आवास की ओर रुख कर विरोध दर्ज कराया था। इस गतिरोध के बीच राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। वहीं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार नीट विषय पर सदन में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और छात्रों के हित में प्रतिबद्ध है।

संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही नीट-यूजी परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक का मुद्दा छाया हुआ है। सत्र के तीसरे दिन विपक्षी दलों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सांकेतिक रूप से काले कपड़े पहनकर संसद भवन में प्रवेश किया।

मंगलवार को सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राजनीतिक हलचल उस समय बढ़ गई जब विपक्षी नेताओं ने पीएम आवास के समीप धरना दिया। पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें वहां से हटाए जाने के बाद विपक्ष ने सरकार से पांच बिंदु वाली मांग सूची जारी की, जिसमें शिक्षा मंत्री का त्यागपत्र और गृह मंत्री का बयान शामिल है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर छात्रों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।

संसद सत्र के तीसरे दिन की शुरुआत से ही कांग्रेस और सहयोगी दलों के तेवर आक्रामक रहे। कांग्रेस सांसद संसद परिसर में काले कपड़ों में एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करने लगे। इससे पूर्व मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में नीट मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ था, जिसके चलते बार-बार व्यवधान पड़ा और अंततः कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा। सदन स्थगित होने के तुरंत बाद विपक्षी सांसदों का एक दल प्रधानमंत्री आवास की दिशा में आगे बढ़ा और धरना देने बैठ गया। वहां पुलिस के साथ तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने सभी नेताओं को वहां से हटाया।

घटनाक्रम के बाद राहुल गांधी ने मीडिया के सामने आकर पांच प्रमुख मांगें रखीं:

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल प्रभाव से इस्तीफा।

नीट मामले पर गृह मंत्री द्वारा संसद में आधिकारिक बयान।

प्रभावित छात्रों के लिए मुआवजा और पुनर्परीक्षा की पारदर्शी व्यवस्था।

परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की निष्पक्ष जांच।

छात्रों के भविष्य को लेकर तत्काल सदन में पूर्णकालिक चर्चा।

इस पूरे मामले पर शिक्षा मंत्रालय और सत्ता पक्ष का बयान भी सामने आया है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार नीट मामले पर किसी भी नियम के तहत सदन के भीतर विस्तार से चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार हर छात्र के साथ खड़ी है और समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन राहुल गांधी और विपक्ष इस संवेदनशील विषय को हल करने के बजाय केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए छात्रों का इस्तेमाल कर रहे हैं।"

विपक्ष का रुख: कांग्रेस और विपक्षी सहयोगियों का तर्क है कि लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेने के बजाय टालमटोल की नीति अपना रही है।

संसद में लगातार हो रहे हंगामे और विरोध प्रदर्शनों के कारण बजटीय और विधायी कार्यों पर प्रभाव पड़ रहा है। काले कपड़े पहनकर किए गए प्रदर्शन और पीएम आवास के पास हुए घटनाक्रम के बाद संसद के दोनों सदनों में गतिरोध गहरा गया है। आम जनता और देश भर के प्रतियोगी परीक्षार्थी संसद की ओर देख रहे हैं कि क्या इस गतिरोध के बीच छात्रों के हित में कोई ठोस समाधान निकल पाएगा।

मॉनसून सत्र के आगामी दिनों में भी इस मुद्दे पर घमासान जारी रहने के आसार हैं। विपक्ष अपने रुख पर अड़ा हुआ है और सरकार से तुरंत चर्चा कराने तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहरा रहा है। वहीं, सरकार की कोशिश होगी कि नियम के तहत चर्चा कराकर विधायी कार्यों को गति दी जाए। देखना होगा कि आने वाले घंटों में क्या लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा सभापति की पहल पर दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति बन पाती है या नहीं।

Also Read- जंतर-मंतर पर CJP का उग्र प्रदर्शन: संसद मार्च को लेकर गरमाई सियासत, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow