Patna Property Tax: पटना नगर निगम का बकायेदारों पर बड़ा एक्शन, जारी की टॉप टैक्सपेयर्स और डिफॉल्टर्स की लिस्ट
पटना नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए विशेष अभियान तेज किया है। बिना पेनल्टी टैक्स भुगतान की अंतिम तिथि पास आते ही टॉप टैक्सपेयर्स और बड़े बकायेदारों की लिस्ट जारी की गई।

बिहार की राजधानी पटना में नागरिक सुविधाओं के विकास और आंतरिक राजस्व में वृद्धि को लेकर पटना नगर निगम (PMC) ने प्रॉपर्टी टैक्स (होल्डिंग टैक्स) वसूली के लिए अपना विशेष अभियान तेज कर दिया है। चालू वित्तीय वर्ष में बिना किसी विलंब शुल्क (पेनल्टी) के टैक्स जमा करने की निर्धारित समय-सीमा करीब आते ही नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। नगर आयुक्त के निर्देश पर निगम ने शहर के सभी अंचलों में सबसे अधिक टैक्स चुकाने वाले जिम्मेदार नागरिकों व व्यावसायिक संस्थानों के साथ-साथ वर्षों से टैक्स दबाकर बैठे बड़े बकायेदारों के आंकड़े भी सार्वजनिक कर दिए हैं।
निगम प्रशासन का यह कदम एक तरफ समय पर टैक्स चुकाने वाले करदाताओं को प्रोत्साहित करने और दूसरी तरफ बार-बार नोटिस के बाद भी होल्डिंग टैक्स न जमा करने वाले डिफॉल्टरों पर सामाजिक व प्रशासनिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। नगर निगम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अंतिम तिथि तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो नियमों के तहत भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील करने और संपत्तियों की कुर्की-जब्ती जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अंचलवार जारी किए गए आंकड़े, बकायेदारों पर कसा शिकंजा
पटना नगर निगम के सभी छह प्रमुख अंचलों नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी में राजस्व अधिकारियों की विशेष टीमें घर-घर और व्यावसायिक परिसरों में जाकर सर्वे व वसूली अभियान चला रही हैं।
निगम द्वारा जारी आंकड़ों में कई बड़े निजी संस्थान, व्यावसायिक मॉल, अस्पताल, होटल और बहुमंजिला आवासीय अपार्टमेंट्स के नाम बकायेदारों की सूची में प्रमुखता से दर्ज पाए गए हैं। इनमें से कई प्रतिष्ठानों पर लाखों रुपये का होल्डिंग टैक्स वर्षों से लंबित है। निगम अधिकारियों के अनुसार, इन बड़े बकायेदारों को पूर्व में मांग पत्र (डिमांड नोटिस) जारी किए जा चुके हैं। अब अंतिम अवसर देते हुए सूची सार्वजनिक की गई है ताकि वे तय समय में अपने बकाये का निपटारा कर सकें।
दूसरी ओर, निगम ने उन जागरूक नागरिकों और संस्थानों की सूची भी साझा की है जिन्होंने वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पूरा टैक्स जमा कर दिया है। नगर निगम ऐसे करदाताओं को विभिन्न मौकों पर सम्मानित करने की योजना भी बना रहा है, जिससे अन्य शहरवासियों में भी समय पर टैक्स भरने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिले।
ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान की व्यापक व्यवस्था
शहरवासियों को टैक्स भुगतान में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पटना नगर निगम ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों स्तरों पर व्यापक प्रबंध किए हैं:
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डिजिटल भुगतान सुविधा: करदाता पटना नगर निगम के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर अपनी प्रॉपर्टी आईडी या होल्डिंग नंबर दर्ज कर नेट बैंकिंग, यूपीआई (UPI), क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के जरिए घर बैठे टैक्स का भुगतान कर सकते हैं।
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डोर-टू-डोर टैक्स कलेक्टर: निगम के अधिकृत टैक्स कलेक्टर पीओएस (POS) मशीनों के साथ विभिन्न मोहल्लों में तैनात हैं, जो रसीद काटकर मौके पर ही डिजिटल या नकद भुगतान स्वीकार कर रहे हैं।
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विशेष नागरिक सुविधा केंद्र: सभी अंचल कार्यालयों और मुख्य स्थानों पर विशेष काउंटर खोले गए हैं, जो अवकाश के दिनों में भी नागरिकों की सुविधा के लिए संचालित किए जा रहे हैं।
बिना पेनल्टी भुगतान का आखिरी मौका, आगे होगी सख्त कार्रवाई
नगर निगम के राजस्व शाखा के अनुसार, तय अंतिम तिथि के बाद टैक्स जमा करने पर नियमानुसार मासिक ब्याज और दंडात्मक शुल्क जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त जो बड़े बकायेदार जानबूझकर नोटिस की अनदेखी कर रहे हैं, उनके खिलाफ बिहार नगरपालिका अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बकायेदारों के बैंक खाते अटैच करने, पानी और सीवरेज कनेक्शन काटने तथा संपत्तियों के पंजीकरण पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजा जाएगा। निगम के अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम समय की आपाधापी और दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए समय रहते अपने होल्डिंग टैक्स का भुगतान करें, क्योंकि इसी राजस्व से शहर की सफाई, स्ट्रीट लाइट्स, सड़कों की मरम्मत और जल निकासी जैसी बुनियादी जनसुविधाओं का संचालन होता है।
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