अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट में नेपाल ने रचा स्वर्णिम इतिहास, चीन को 221 रनों के विशाल अंतर से रौंदकर दर्ज की ऐतिहासिक जीत।
अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट के इतिहास में 31 मई 2026 का दिन एक अभूतपूर्व और स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है
- सलामी बल्लेबाज कुशल भुर्तेल का मैदान पर आया भयंकर तूफान, एक ओवर में जड़े लगातार 6 छक्के और ठोक डाला सबसे तेज शतक
- सिंगापुर के मैदान पर नेपाल का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन, 20 ओवर में बना दिया 313 रनों का विशाल पहाड़, गेंदबाजी में भी ढाया कहर
अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट के इतिहास में 31 मई 2026 का दिन एक अभूतपूर्व और स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। सिंगापुर के नेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए एशियाई खेल पुरुष क्रिकेट क्वालिफायर (Asian Games Men's Cricket Qualifier) के शुरुआती मुकाबले में नेपाल की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने अद्भुत खेल का प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। इस रोमांचक और एकतरफा मुकाबले में नेपाल ने विरोधी टीम को हर मोर्चे पर पछाड़ते हुए 221 रनों के एक बेहद विशाल अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। खेल के इस सबसे छोटे प्रारूप में रनों के लिहाज से मिली यह जीत न केवल नेपाल क्रिकेट के बढ़ते कद को प्रदर्शित करती है, बल्कि यह विश्व क्रिकेट के दिग्गजों को भी अपनी ताकत का एहसास कराने के लिए काफी है।
इस मुकाबले की शुरुआत में टॉस की प्रक्रिया संपन्न हुई, जिसमें विपक्षी टीम के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। हालांकि, पिच की परिस्थितियों को भांपने में उनसे एक बड़ी रणनीतिक चूक हो गई और नेपाल के बल्लेबाजों ने इस फैसले को पूरी तरह से गलत साबित करने में जरा भी देर नहीं लगाई। पहली ही गेंद से नेपाली बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया और मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात शुरू कर दी। निर्धारित 20 ओवरों का खेल समाप्त होने तक नेपाल की टीम ने विपक्षी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए मात्र दो विकेट के नुकसान पर 313 रनों का एक ऐसा विशालकाय स्कोर खड़ा कर दिया, जिसे पार करना किसी भी विरोधी टीम के लिए लगभग असंभव काम था।
नेपाल की इस ऐतिहासिक और विशाल पारी के असली सूत्रधार रहे उनके स्टार सलामी बल्लेबाज कुशल भुर्तेल, जिन्होंने मैदान पर आते ही अपने आक्रामक इरादे साफ कर दिए थे। उन्होंने विपक्षी टीम के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह से तहस-नहस करते हुए मात्र 43 गेंदों का सामना किया और 129 रनों की एक बेहद आतिशी और यादगार पारी खेल डाली। अपनी इस जादुई पारी के दौरान उन्होंने मात्र 35 गेंदों में ही अपना तूफानी शतक पूरा कर लिया, जो अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट के सबसे तेज शतकों में से एक है। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी के आगे विरोधी टीम का कोई भी रणनीतिक प्लान काम नहीं कर रहा था और उनके प्रमुख गेंदबाज लाचार नजर आ रहे थे। इस ऐतिहासिक मुकाबले के नौवें ओवर में एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसने पूरे स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कुशल भुर्तेल ने विरोधी टीम के बाएं हाथ के स्पिनर चेन झुओ यू के एक ही ओवर में लगातार छह गेंदों पर छह गगनचुंबी छक्के जड़कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के एक बेहद विशिष्ट और एलीट क्लब में अपना नाम दर्ज करा लिया। वे अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट में यह कारनामा करने वाले दुनिया के छठे बल्लेबाज बन गए हैं।
कुशल भुर्तेल की इस विस्फोटक पारी के अलावा टीम के मध्यक्रम और अन्य बल्लेबाजों ने भी इस विशाल स्कोर को हासिल करने में अपना भरपूर और सराहनीय योगदान दिया। कुशल भुर्तेल ने दूसरे विकेट के लिए कुशल मल्ला के साथ मिलकर 175 रनों की एक बेहद मजबूत और रिकॉर्डतोड़ साझेदारी की, जिसने टीम की बड़े स्कोर की नींव को और पुख्ता कर दिया। कुशल मल्ला ने भी अंत तक क्रीज पर डटे रहकर विपक्षी गेंदबाजों की जमकर खबर ली और 47 गेंदों में 5 छक्कों और 8 चौकों की मदद से नाबाद 85 रनों की शानदार पारी खेली। इसके बाद अंतिम ओवरों में बल्लेबाजी के लिए आए कप्तान रोहित पौडेल ने महज 21 गेंदों में 7 छक्के उड़ाते हुए नाबाद 69 रन कूट दिए, जिसने टीम के स्कोर को 300 के पार पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
314 रनों के बेहद चुनौतीपूर्ण और पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी विपक्षी टीम इस दबाव को बिल्कुल भी सहन नहीं कर पाई और शुरुआत से ही ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। नेपाल के धारदार गेंदबाजी आक्रमण के सामने विपक्षी बल्लेबाजों के पास रनों की गति को बनाए रखने या क्रीज पर टिकने का कोई विकल्प मौजूद नहीं था। पूरी टीम महज 19.2 ओवरों के खेल में सिर्फ 92 रनों के बेहद मामूली स्कोर पर ही सिमट गई, जिसमें उनकी तरफ से सबसे ज्यादा 31 रन झेंग शेनजियान ने बनाए। नेपाल की तरफ से गेंदबाजी में भी शानदार अनुशासन देखने को मिला, जहां सोमपाल कामी ने 11 रन देकर दो विकेट और संदीप लामिछाने ने 29 रन देकर दो सफलताएं अर्जित कीं, जबकि बल्लेबाजी में कमाल करने वाले कुशल मल्ला ने गेंद से भी कहर ढाते हुए महज 1.2 ओवर में बिना कोई रन दिए तीन विकेट चटकाए।
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