Satluj OTT Release: पंजाब 95 का नाम बदलकर Zee5 पर रिलीज हुई फिल्म 'सतलुज', दिलजीत दोसांझ बोले- नहीं लगा कोई कट

Satluj Movie Release: दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'पंजाब 95' अब 'सतलुज' नाम से Zee5 पर रिलीज हो गई है। अभिनेता ने साफ किया कि फिल्म में कोई कट नहीं लगाया गया है।

Jul 4, 2026 - 11:57
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Satluj OTT Release: पंजाब 95 का नाम बदलकर Zee5 पर रिलीज हुई फिल्म 'सतलुज', दिलजीत दोसांझ बोले- नहीं लगा कोई कट
अभिनेता दिलजीत दोसांझ
  • Diljit Dosanjh Satluj Movie: 'पंजाब 95' से 'सतलुज' बनी फिल्म पर दिलजीत दोसांझ का बड़ा बयान, सेंसर बोर्ड के कट्स पर किया यह दावा
  • 3 साल की देरी और सेंसर बोर्ड से विवाद के बाद आखिरकार रिलीज हुई दिलजीत दोसांझ की 'सतलुज', अभिनेता ने कट्स को लेकर किया चौंकाने वाला खुलासा
  • Satluj Movie Release: बिना किसी कट के रिलीज हुई जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर बनी फिल्म, दिलजीत दोसांझ ने किया साफ

भारतीय सिनेमा और ओटीटी जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है। अभिनेता दिलजीत दोसांझ और निर्देशक हनी त्रेहान की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'पंजाब 95', जिसका दर्शकों को लंबे समय से इंतजार था, आखिरकार एक नए शीर्षक 'सतलुज' (Satluj) के साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 पर शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को रिलीज हो गई है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के साथ करीब तीन साल के लंबे गतिरोध और विवाद के बाद फिल्म को डिजिटल रिलीज का रास्ता मिला है। मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन से प्रेरित इस फिल्म को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि इसमें भारी सेंसरशिप हुई है। हालांकि, फिल्म की रिलीज के बाद खुद अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने इन खबरों पर विराम लगाते हुए दावा किया है कि फिल्म के नाम के अलावा इसके मूल कंटेंट में कोई भी काट-छांट या कट नहीं किया गया है।

यह पूरा मामला अभिनेता दिलजीत दोसांझ की बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म की रिलीज और उसकी सेंसरशिप से जुड़ा हुआ है। फिल्म का निर्माण मूल रूप से 'पंजाब 95' के नाम से किया गया था, जो पंजाब के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके संघर्षों पर आधारित है। सीबीएफसी के साथ लंबे विवाद और कानूनी अड़चनों के कारण यह फिल्म पिछले तीन साल से ठंडे बस्ते में थी। अब इस फिल्म का नाम बदलकर पंजाब की प्रसिद्ध नदी 'सतलुज' के नाम पर रखा गया है और इसे बिना किसी थियेट्रिकल रिलीज के सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्शकों के लिए उपलब्ध कराया गया है।

सेंसर बोर्ड का विवाद

फिल्म 'सतलुज' की मेकिंग के समय से ही इसे लेकर काफी चर्चाएं थीं। जसवंत सिंह खालरा पंजाब के एक ऐसे शख्स थे जिन्होंने 1990 के दशक में उग्रवाद के दौर में लापता हुए हजारों लोगों और अज्ञात शवों के मामलों को उजागर किया था। विषय की संवेदनशीलता को देखते हुए, जब फिल्म को प्रमाणन के लिए भेजा गया, तो केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी। मीडिया रिपोर्ट्स और स्क्रीन की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड ने फिल्म को हरी झंडी देने के बदले में लगभग 127 कट लगाने की मांग की थी, जिसके कारण फिल्म के निर्माता और निर्देशक हनी त्रेहान कानूनी लड़ाई और संशोधन के दौर से गुजर रहे थे।

लगभग तीन साल के इस लंबे इंतजार के बाद, जब फिल्म को शुक्रवार को अचानक Zee5 पर 'सतलुज' नाम से स्ट्रीम किया गया, तो प्रशंसक और सिनेमा प्रेमी हैरान रह गए। कई लोगों का मानना था कि फिल्म को इतने कट्स के बाद रिलीज किया गया है कि इसका मूल सार ही खत्म हो गया होगा।

दिलजीत का बयान

इस भ्रम को दूर करने के लिए फिल्म के मुख्य अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने निर्देशक हनी त्रेहान के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक लाइव सेशन का आयोजन किया। इस लाइव बातचीत के दौरान दिलजीत काफी खुश और संतुष्ट नजर आए।

सेंसरशिप के दावों को खारिज करते हुए दिलजीत दोसांझ ने कहा:

“हमारी फिल्म आखिरकार Zee5 पर रिलीज हो गई है। दुर्भाग्य से, कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से हम इसका मूल शीर्षक 'पंजाब 95' नहीं रख पाए, इसलिए अब यह 'सतलुज' नाम से आपके सामने है। लेकिन मैं दर्शकों को यह साफ कर देना चाहता हूं कि फिल्म में बिल्कुल भी कोई कट नहीं लगाया गया है। जो वर्जन मैंने दो साल पहले थिएटर्स के लिए देखा था, वही पूरा वर्जन मैंने पिछले हफ्ते अपने घर पर देखा है। अगर इस फिल्म में एक भी कट लगाया गया होता, तो मैं आज इस फिल्म का प्रमोशन कभी नहीं कर रहा होता।”

दिलजीत के इस बयान से साफ है कि निर्माताओं ने फिल्म की कहानी की प्रामाणिकता से कोई समझौता नहीं किया है, भले ही उन्हें इसका नाम बदलने के लिए राजी होना पड़ा। इस फिल्म में दिलजीत के अलावा कंवलजीत सिंह, अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान जैसे मंझे हुए कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।

इस फिल्म की रिलीज का ओटीटी मार्केट और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बहस पर गहरा प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। पिछले कुछ समय से राजनीतिक और ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील विषयों पर बनने वाली फिल्मों को सेंसरशिप का कड़ा सामना करना पड़ रहा है। 'सतलुज' का बिना किसी कट के रिलीज होना (जैसा कि दिलजीत ने दावा किया है) यह दर्शाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म अब गंभीर और संवेदनशील कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाने का एक मजबूत और सुरक्षित माध्यम बनते जा रहे हैं। दर्शकों के बीच भी इस फिल्म को लेकर काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है, खासकर पंजाब और बॉलीवुड सिनेमा के उन दर्शकों में जो कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा पसंद करते हैं।

फिल्म अब Zee5 पर लाइव है और वीकेंड के दौरान इसकी व्यूअरशिप में भारी उछाल आने की संभावना है। दिलजीत दोसांझ की वैश्विक लोकप्रियता को देखते हुए, यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा बटोर रही है। फिल्म विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि समीक्षक और आम दर्शक जसवंत सिंह खालरा के इस फिल्मी चित्रण को किस तरह स्वीकार करते हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में निर्देशक हनी त्रेहान और अन्य सह-कलाकार भी फिल्म के मेकिंग के दौरान आए अनुभवों को लेकर कई और बड़े खुलासे कर सकते हैं।

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