Air India Express: गोवा-मुंबई फ्लाइट में टूटा फिल्ममेकर का महंगा ट्राइपॉड, एयरलाइन के खिलाफ फूटा गुस्सा
गोवा से मुंबई की फ्लाइट के दौरान एयर इंडिया एक्सप्रेस पर फिल्ममेकर ने महंगा ट्राइपॉड तोड़ने का आरोप लगाया। एयरलाइन ने मामले पर खेद जताकर जांच का दिया आश्वासन।

- एयर इंडिया एक्सप्रेस पर लगा बैग हैंडलिंग में लापरवाही का आरोप, फिल्ममेकर ने शेयर किया क्षतिग्रस्त ट्राइपॉड का वीडियो
- नाजुक सामान की जानकारी देने के बाद भी टूटा महंगा ट्राइपॉड! एयर इंडिया एक्सप्रेस की सर्विस पर फिल्ममेकर ने उठाए सवाल
- Air India Express Controversy: हवाई यात्रा के दौरान फिल्ममेकर का ट्राइपॉड टूटने पर विवाद, एयरलाइन ने मांगी PNR डिटेल्स
गोवा से मुंबई की यात्रा कर रहे एक फिल्ममेकर ने निजी विमानन कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस पर उनके महंगे शूटिंग ट्राइपॉड को क्षतिग्रस्त करने का गंभीर आरोप लगाया है। यात्री का दावा है कि चेक-इन के दौरान नाजुक (Fragile) सामान होने की स्पष्ट जानकारी देने के बावजूद सामान को लापरवाही से संभाला गया, जिससे उपकरण टूट गया। इसके अलावा, एयरलाइन द्वारा बेहद कम मुआवजे की पेशकश किए जाने से नाराज होकर यात्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया। मामले के तूल पकड़ने के बाद एयरलाइन ने इस असुविधा पर खेद व्यक्त किया है और यात्री से पीएनआर (PNR) विवरण मांगकर गहन जांच का आश्वासन दिया है।
गोवा से मुंबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान के दौरान बैग हैंडलिंग में लापरवाही का मामला सामने आया है। एक पेशेवर फिल्ममेकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि फ्लाइट लैंड होने के बाद जब उन्हें अपना बैग मिला, तो उनका कीमती और नाजुक ट्राइपॉड पूरी तरह टूटा हुआ था। यात्री के अनुसार, उन्होंने यात्रा शुरू करने से पहले चेक-इन काउंटर पर बैग में संवेदनशील फोटोग्राफी उपकरण होने की सूचना दी थी। इस घटना के बाद यात्री ने एयरलाइन की सेवा और मुआवजे की नीति पर सवाल खड़े करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है।
फिल्ममेकर गोवा से मुंबई की अपनी तय हवाई यात्रा पर थे। उन्होंने अपने पेशेवर काम में इस्तेमाल होने वाला एक महंगा ट्राइपॉड बैग में रखा था। सुरक्षा और सुरक्षात्मक नियमों का पालन करते हुए उन्होंने स्टाफ को पहले ही सचेत कर दिया था कि बैग में नाजुक सामग्री है।
हालांकि, मुंबई एयरपोर्ट पर जब यात्री को अपना सामान मिला, तो ट्राइपॉड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। पीड़ित यात्री का आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में ग्राउंड स्टाफ और ग्राहक सेवा प्रतिनिधि से शिकायत की, तो एयरलाइन की ओर से महज ₹5,000 के मुआवजे की पेशकश की गई। यात्री का कहना है कि यह राशि उपकरण के वास्तविक मूल्य और हुए नुकसान के मुकाबले बेहद कम है। एयरलाइन के इस रवैये से निराश होकर फिल्ममेकर ने टूटे हुए ट्राइपॉड की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दिए, जिसके बाद इंटरनेट पर लोगों का गुस्सा एयरलाइन के खिलाफ फूट पड़ा।
इस घटना के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों पक्षों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पीड़ित फिल्ममेकर का कहना है कि यात्रियों के सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करना एयरलाइन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। यदि नाजुक सामान का टैग लगाने के बाद भी सामान सुरक्षित नहीं रहता, तो यह सीधे तौर पर लापरवाही को दर्शाता है। साथ ही, नाममात्र का मुआवजा देकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश यात्रियों के प्रति एयरलाइन के अनुचित रवैये को दर्शाती है।
दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस की आधिकारिक ग्राहक सेवा टीम ने मामले पर संज्ञान लिया। एयरलाइन ने प्रतिक्रिया देते हुए यात्री को हुई असुविधा के लिए आधिकारिक तौर पर खेद व्यक्त किया। कंपनी ने यात्री से उनकी बुकिंग का पीएनआर नंबर (PNR Number) और शिकायत विवरण साझा करने का अनुरोध किया है ताकि पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच की जा सके और मामले का उचित समाधान निकाला जा सके।
इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एयरलाइंस में यात्रियों के बैग्स के रख-रखाव को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। कई अन्य यात्रियों ने भी उड़ानों के दौरान अपने बैग टूटने और सामान गायब होने के पुराने अनुभव साझा करने शुरू कर दिए हैं। इस तरह के मामलों से एयरलाइंस की ब्रांड इमेज पर नकारात्मक असर पड़ता है और यात्रियों के बीच बैगेज हैंडलिंग को लेकर अविश्वास का माहौल बनता है। इसके साथ ही नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के बैगेज डैमेज और मुआवजा नियमों की समीक्षा की मांग भी उठने लगी है।
फिलहाल एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इस मामले में जांच शुरू करने की बात कही है। यात्री द्वारा पीएनआर और जरूरी दस्तावेज साझा किए जाने के बाद एयरलाइन की ग्राउंड हैंडलिंग टीम यह पता लगाएगी कि क्षति किस स्तर पर हुई। अब यह देखना होगा कि क्या एयरलाइन यात्री को उपकरण के वास्तविक नुकसान के अनुरूप उचित मुआवजा प्रदान करती है या यह मामला उपभोक्ता फोरम तक पहुंचता है।
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