हरियाणा के जींद में अनोखी शादी: फूलों की जगह 10-10 रुपये के नोटों से ढकी नजर आई दूल्हे की लग्जरी कार।
हरियाणा अपनी अनूठी परंपराओं और शाही अंदाज वाली शादियों के लिए हमेशा चर्चा में रहता है, लेकिन जींद जिले से एक ऐसा
- जींद की सड़कों पर दौड़ी 'कैश वाली कार': हजारों करेंसी नोटों से सजी गाड़ी को देख फटी रह गईं लोगों की आंखें
- दिखावे का नया ट्रेंड या शाही शौक: दूल्हे की गाड़ी पर फूलों की जगह चिपकाए गए हजारों रुपये, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
हरियाणा अपनी अनूठी परंपराओं और शाही अंदाज वाली शादियों के लिए हमेशा चर्चा में रहता है, लेकिन जींद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुरानी तमाम मिसालों को पीछे छोड़ दिया है। यहां एक शादी समारोह में दूल्हे की विदाई और बारात के लिए इस्तेमाल की गई कार को फूलों या गुलदस्तों से नहीं, बल्कि असली भारतीय मुद्रा से सजाया गया था। सफेद रंग की इस लग्जरी कार की पूरी बॉडी पर 10-10 रुपये के नए नोटों की गड्डियां इस तरह चिपकाई गई थीं कि गाड़ी का मूल रंग तक पहचानना मुश्किल हो रहा था। जैसे ही यह 'नोटों वाली कार' जींद की व्यस्त सड़कों से गुजरी, राहगीरों का हुजूम इसे देखने के लिए उमड़ पड़ा और देखते ही देखते यह नजारा कैमरों में कैद होकर इंटरनेट की दुनिया में छा गया। शादियों में गाड़ियों को विदेशी फूलों, रिबन और सजावटी सामानों से सजाने का चलन दशकों पुराना है, लेकिन जींद के इस परिवार ने अपनी खुशी का इजहार करने के लिए नोटों का सहारा लिया। कार के बोनट से लेकर छत और पिछले हिस्से तक, हर जगह करीने से 10-10 रुपये के नोटों की लड़ियां लगाई गई थीं। इस सजावट में कितने हजार रुपये खर्च किए गए, इसकी सटीक जानकारी तो सामने नहीं आई है, लेकिन विजुअल्स को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमें हजारों की संख्या में नोटों का इस्तेमाल हुआ है। लोग इस कार को चलते-फिरते बैंक की संज्ञा दे रहे हैं, क्योंकि सड़क पर दौड़ती यह गाड़ी सुरक्षा के लिहाज से भी काफी जोखिम भरी नजर आ रही थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि गाड़ी के चारों ओर लोग खड़े होकर इस दृश्य का आनंद ले रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि आमतौर पर शादियों में दूल्हे पर नोट न्यौछावर किए जाते हैं, लेकिन यहां पूरी गाड़ी को ही करेंसी नोटों का लिबास पहना दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी सजावट पहले कभी नहीं देखी थी। जहां एक ओर इसे परिवार की संपन्नता और खुशी जताने का तरीका माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे धन का अनावश्यक प्रदर्शन भी मान रहे हैं। वीडियो में दूल्हा कार के अंदर बैठा मुस्कुराता नजर आ रहा है, जबकि बाहर खड़े लोग इस अजीबोगरीब सजावट की तस्वीरें खींचने में मशगूल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, भारतीय मुद्रा का इस्तेमाल सजावट या हार बनाने में करना कानूनी रूप से सही नहीं माना जाता है, क्योंकि इससे नोटों के खराब होने या उनके विरूपण की संभावना रहती है। इसके अतिरिक्त, सड़क पर इस तरह नकदी प्रदर्शित करना सुरक्षा के नजरिए से भी खतरनाक हो सकता है। इस घटना के बाद से जींद के आसपास के इलाकों में इसी शादी की चर्चा हो रही है। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर इस तरह की सजावट के पीछे परिवार की क्या सोच थी। ग्रामीण अंचलों में अक्सर लोग अपनी खुशी साझा करने के लिए कुछ अलग करने की कोशिश करते हैं, और हरियाणा में तो शादियों पर बड़ा खर्च करना एक प्रतिष्ठा का प्रश्न भी बन जाता है। इस मामले में भी परिवार ने पारंपरिक फूलों को दरकिनार कर नकदी को सजावट का हिस्सा बनाया। हालांकि, सड़क पर चलते समय कई जगहों पर जाम जैसी स्थिति भी बनी, क्योंकि हर कोई इस अनोखी कार के साथ अपनी तस्वीर या वीडियो बनाना चाहता था।
वीडियो के व्यापक रूप से फैलने के बाद प्रशासन और पुलिस की नजर भी इस पर पड़ सकती है। पूर्व में भी ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां नोटों की बारिश करने या नोटों की माला पहनने पर पुलिस ने संज्ञान लिया है। जींद की इस घटना में जिस तरह से नोटों को कार पर चिपकाया गया है, उससे नोटों के फटने या उन पर गोंद के निशान रहने का डर रहता है, जो मुद्रा के अपमान की श्रेणी में आ सकता है। हालांकि, अभी तक परिवार की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही पुलिस ने किसी तरह की कार्रवाई की पुष्टि की है। यह पूरी तरह से एक निजी पसंद का मामला बनकर उभरा है जिसने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है। वर्तमान समय में रील और शॉर्ट वीडियो के बढ़ते क्रेज ने लोगों को ऐसे कारनामे करने के लिए प्रेरित किया है जो तुरंत ध्यान खींच सकें। जींद की यह 'नोटों वाली कार' भी उसी डिजिटल दौड़ का हिस्सा नजर आती है। लोग अपनी शादियों को यादगार बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन नोटों से कार सजाने का यह नया 'ट्रेंड' न केवल खर्चीला है बल्कि विचलित करने वाला भी है। सड़क पर सुरक्षा कर्मियों के लिए भी ऐसी गाड़ियां चुनौती बन जाती हैं, क्योंकि भीड़ को नियंत्रित करना और कीमती मुद्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक अतिरिक्त सिरदर्द बन जाता है।
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