बिहार के वैशाली जिले में रिश्तों की अनोखी मिसाल: तीन बच्चों की मां ने प्रेमी से की कोर्ट मैरिज, पहले पति बने गवाह। 

बिहार के वैशाली जिले के जंदाहा क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जो रिश्तों की जटिलताओं और सोशल मीडिया के प्रभाव को दर्शाती है। यहां रहने

Jan 9, 2026 - 12:03
 0  7
बिहार के वैशाली जिले में रिश्तों की अनोखी मिसाल: तीन बच्चों की मां ने प्रेमी से की कोर्ट मैरिज, पहले पति बने गवाह। 
बिहार के वैशाली जिले में रिश्तों की अनोखी मिसाल: तीन बच्चों की मां ने प्रेमी से की कोर्ट मैरिज, पहले पति बने गवाह। 

बिहार के वैशाली जिले के जंदाहा क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जो रिश्तों की जटिलताओं और सोशल मीडिया के प्रभाव को दर्शाती है। यहां रहने वाली रानी कुमारी, जो तीन बच्चों की मां हैं, ने अपने पति कुंदन कुमार और बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी गोबिंद कुमार से कोर्ट मैरिज कर ली। इस शादी की सबसे खास बात यह रही कि रानी कुमारी के पहले पति कुंदन कुमार ने खुद इस विवाह में गवाह की भूमिका निभाई और उन्हें विदा किया। यह घटना वैशाली जिले के अहिरपुर गांव से जुड़ी है, जहां कुंदन कुमार घर पर ही एक ग्राहक सेवा केंद्र चलाते हैं। रानी कुमारी जंदाहा की निवासी हैं, जबकि गोबिंद कुमार उनके फुफेरे भाई हैं, जो रिश्ते में ममेरे संबंध से जुड़े हैं। इस पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हुई थी, जहां रानी कुमारी और गोबिंद कुमार के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह संबंध गहरा होता चला गया।

रानी कुमारी और कुंदन कुमार की शादी वर्ष 2011 में कोर्ट मैरिज के माध्यम से हुई थी। इस दांपत्य जीवन से उन्हें तीन बच्चे हुए, जिनमें से दो बेटे और एक बेटी शामिल हैं। बच्चे अभी छोटे हैं और अब वे कुंदन कुमार के साथ ही रहेंगे। पिछले करीब पांच वर्षों से रानी कुमारी का गोबिंद कुमार के साथ प्रेम संबंध चल रहा था। यह संबंध फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर शुरू हुआ था, जहां दोनों की बातचीत ने दोस्ती को प्रेम में बदल दिया। इस दौरान रानी कुमारी कई बार अपने पति और बच्चों को छोड़कर गोबिंद कुमार के पास चली गई थीं। विशेष रूप से दो से तीन वर्ष पहले की घटनाओं में, जब कुंदन कुमार जम्मू में रह रहे थे, रानी कुमारी ने घर छोड़ दिया था और कई बार जम्मू पहुंची थीं। उस समय कुंदन कुमार ने उन्हें समझाया और वापस घर लाने की कोशिश की, लेकिन रानी कुमारी की ओर से बार-बार घर छोड़ने की घटनाएं जारी रहीं।

इस पूरे मामले में कुंदन कुमार ने बताया कि रानी कुमारी उनके साथ रहने में खुश नहीं थीं और उनके लिए यह जीवन तकलीफदेह हो गया था। रानी कुमारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे कुंदन कुमार के साथ आगे नहीं रहना चाहतीं और अपना जीवन गोबिंद कुमार के साथ बिताना चाहती हैं। कुंदन कुमार ने रानी कुमारी की इच्छा को देखते हुए उन्हें रोकने के बजाय आजाद करने का निर्णय लिया। उन्होंने बिना किसी विवाद के इस रिश्ते को समाप्त करने का फैसला किया। इसके बाद रानी कुमारी और गोबिंद कुमार ने कोर्ट में विवाह किया, जिसमें कुंदन कुमार ने गवाह के रूप में अपनी भूमिका निभाई। शादी के बाद गोबिंद कुमार ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि रानी कुमारी अब उन्हें छोड़कर पहले पति या बच्चों के पास नहीं लौटेंगी। कुछ दिन पहले ही रानी कुमारी से फोन पर बातचीत के बाद इस शादी का फैसला लिया गया था।

यह घटना वैशाली जिले के हाजीपुर क्षेत्र से भी जुड़ी बताई जा रही है, जहां रानी कुमारी ने अपने पहले पति कुंदन कुमार को छोड़कर फुफेरे भाई गोबिंद कुमार से विवाह किया। कुंदन कुमार ने इस विवाह के लिए एनओसी दी, जिसमें रानी कुमारी ने किसी भी प्रकार की मेंटेनेंस या एलिमोनी की मांग न करने पर सहमति जताई। बच्चे कुंदन कुमार के साथ रहेंगे और उनका पालन-पोषण वे खुद करेंगे। इस पूरे मामले में कोई कानूनी विवाद नहीं उठा, क्योंकि सभी पक्षों ने आपसी समझ से फैसला लिया। रानी कुमारी ने पहले पति के साथ रहने में असुविधा का जिक्र किया और गोबिंद कुमार के साथ नया जीवन शुरू करने की इच्छा व्यक्त की। गोबिंद कुमार ने भी इस रिश्ते को मजबूत बताते हुए आगे बढ़ने की बात कही।

वैशाली जिले की इस घटना ने रिश्तों की नई परिभाषा को सामने लाया है, जहां पारंपरिक दांपत्य जीवन में बदलाव आया। रानी कुमारी की उम्र करीब 30 वर्ष के आसपास है, जबकि कुंदन कुमार और गोबिंद कुमार भी इसी आयु वर्ग में हैं। शादी के बाद रानी कुमारी गोबिंद कुमार के साथ रहने लगी हैं। कुंदन कुमार अब बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और अपना ग्राहक सेवा केंद्र चला रहे हैं। इस घटना की शुरुआत सोशल मीडिया से हुई, जो आजकल कई रिश्तों को प्रभावित कर रहा है। रानी कुमारी और गोबिंद कुमार के बीच बातचीत प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ी और व्यक्तिगत मुलाकातों में बदल गई। कुंदन कुमार ने रानी कुमारी के बार-बार घर छोड़ने से मानसिक परेशानी का सामना किया, लेकिन अंत में उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकाला।

इस मामले में कोर्ट मैरिज का विकल्प चुना गया, जो कानूनी रूप से मान्य है। कुंदन कुमार ने गवाह बनकर इस प्रक्रिया को पूरा किया। बच्चे अब पिता के साथ हैं और उनका भविष्य कुंदन कुमार पर निर्भर है। रानी कुमारी ने नए जीवन की शुरुआत की है। गोबिंद कुमार ने रानी कुमारी के साथ रहने का विश्वास जताया। यह घटना जंदाहा और अहिरपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में हुई, जहां ऐसे मामले कम ही सामने आते हैं। रानी कुमारी का फुफेरे भाई से रिश्ता परिवार में भी चर्चा का विषय बना, लेकिन कोई विरोध नहीं हुआ। कुंदन कुमार ने रानी कुमारी को उनके रिश्तेदार से प्यार होने की बात स्वीकार की और रिश्ता खत्म किया।

वैशाली जिले की यह घटना रिश्तों की गतिशीलता को दिखाती है। रानी कुमारी ने पति और बच्चों को छोड़ने का फैसला लिया, जबकि कुंदन कुमार ने बिना संघर्ष के सहमति दी। गोबिंद कुमार अब रानी कुमारी के साथ हैं। बच्चे कुंदन कुमार के पास रहेंगे। इस पूरे मामले में सोशल मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण रही, जो संबंधों को जोड़ने और तोड़ने में प्रभाव डालती है। रानी कुमारी और गोबिंद कुमार का संबंध पांच वर्ष पुराना है। कुंदन कुमार ने जम्मू से रानी कुमारी को वापस लाया था, लेकिन फिर से घर छोड़ने की घटना हुई। अंत में कोर्ट मैरिज हुई।

Also Read- खरीदारी के बहाने शोरूम में आई कुछ महिलाओं ने 14 लाख के सोने के गहनों की चोरी की।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow