UP Shiksha Mitra Mandeya: दिवाली से पहले 1.27 लाख शिक्षामित्रों को तोहफा, योगी सरकार ने जारी किया ₹460.23 करोड़ का बजट
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षामित्रों को दिवाली से पहले बड़ा तोहफा देते हुए ₹460.23 करोड़ का बजट जारी कर दिया है। 1.27 लाख शिक्षामित्रों को सितंबर और अक्टूबर का बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा।

- शिक्षामित्र मानदेय 2026: सितंबर और अक्टूबर के बढ़े मानदेय का रास्ता साफ, बेसिक शिक्षा विभाग ने स्वीकृत की धनराशि
- UP Shikshamitra News: त्योहारों से पहले खाते में आएगा बढ़ा हुआ मानदेय, प्रदेश सरकार ने मंजूर किए ₹460 करोड़
- UP Government Decision: शिक्षामित्रों के लिए योगी सरकार का बड़ा फैसला, मानदेय भुगतान के लिए बजट आवंटन आदेश जारी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 1.27 लाख से अधिक शिक्षामित्रों के लिए आगामी त्योहारों से पहले बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने शिक्षामित्रों के बढ़े हुए मानदेय के नियमित भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए 460.23 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। शासन स्तर से बजट आवंटन का यह आदेश जारी होने के बाद अब प्रदेश के कुल 1,27,841 शिक्षामित्रों को सितंबर और अक्टूबर 2026 महीने का बढ़ा हुआ मानदेय समय पर उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के ठीक पहले लिए गए इस निर्णय से बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सेवाएं दे रहे शिक्षामित्र परिवारों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी और उसके समयबद्ध भुगतान को लेकर शिक्षामित्र संगठन शासन से निरंतर गुहार लगा रहे थे, जिसे संज्ञान में लेते हुए वित्त विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग ने आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रिया पूरी कर ली है।
- 1.27 लाख शिक्षामित्रों के खातों में सीधे पहुंचेगी राशि
बेसिक शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा जारी किए गए 460.23 करोड़ रुपये के इस विशेष बजट से प्रदेश भर के सभी 75 जिलों में कार्यरत शिक्षामित्रों के दो महीने के बकाए मानदेय का भुगतान किया जाएगा। राज्य सरकार के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) तंत्र के माध्यम से यह राशि सीधे शिक्षामित्रों के व्यक्तिगत बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की प्रशासनिक देरी या बिचौलियों की गुंजाइश नहीं रहेगी।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बजट को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) के स्तर पर जारी किया जा रहा है। जनपदों में ब्लॉक स्तर से शिक्षामित्रों के उपस्थिति और कार्य विवरण का मिलान तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि दशहरा के उपरांत और दीपावली से पूर्व मानदेय की पूरी राशि स्थानांतरित की जा सके।
- जिलों में कैसे बंटेगा बजट: प्रशासनिक तैयारी तेज
शासनादेश जारी होने के साथ ही बेसिक शिक्षा महानिदेशालय ने सभी जनपदों के वित्त एवं लेखा अधिकारियों (बेसिक शिक्षा) को समयबद्ध बिल तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रक्रिया के तहत:
उपस्थिति प्रमाणीकरण: प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों द्वारा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय को उपस्थिति भेजी जा रही है।
ट्रेजरी बिलिंग: ब्लॉक स्तर से डाटा संकलित कर जिला स्तर पर ट्रेजरी में बिल प्रस्तुत किए जाएंगे।
सीधा बैंक ट्रांसफर: ट्रेजरी से क्लीयरेंस मिलते ही स्टेट बैंक व संबंधित बैंकों के माध्यम से धनराशि खातों में क्रेडिट होगी।
लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, बरेली और सहारनपुर सहित प्रदेश के सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षामित्रों को इस आवंटन का सीधा लाभ मिलेगा।
- प्राथमिक शिक्षा में शिक्षामित्रों की भूमिका
उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा ढांचे में शिक्षामित्र बीते दो दशकों से बेहद अहम कड़ी बने हुए हैं। वर्ष 2000-2001 में ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात को संतुलित करने और प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमिकरण के उद्देश्य से शिक्षामित्रों की संविदा पर तैनाती शुरू की गई थी।
विगत वर्षों में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जब शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन निरस्त हुआ था, तब से वे निश्चित मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में जहां कई विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे हैं, वहां शिक्षामित्रों की भूमिका अध्यापन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालने में रीढ़ की हड्डी साबित होती रही है। ऐसे में त्योहारों के अवसर पर मानदेय का त्वरित आवंटन उनके आर्थिक संबल के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- त्योहारों के मौसम में परिवारों को बड़ी राहत
अक्टूबर माह में दशहरा, करवा चौथ, धनतेरस, दीपावली और भैयादूज जैसे प्रमुख पर्व पड़ते हैं। आमतौर पर संविदा और मानदेय आधारित कर्मियों के सामने त्योहारों के दौरान बजट की कमी एक बड़ी चुनौती बन जाती थी। पिछले कुछ महीनों से मानदेय के समायोजन और बजट आवंटन की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षामित्रों के लिए यह सरकारी मंजूरी अत्यंत समयोचित साबित हुई है।
शिक्षामित्र संगठनों ने सरकार के इस त्वरित वित्तीय आवंटन का स्वागत करते हुए बेसिक शिक्षा विभाग से मांग की है कि जिलों में भुगतान प्रक्रिया को बिना किसी लेटलतीफी के 5 से 7 दिनों के भीतर निपटाया जाए, ताकि सभी 1,27,841 परिवारों के घर त्योहार की रोशनी समय से पहले पहुंच सके।
What's Your Reaction?

