सुल्तानपुर में नशे में धुत दरोगा का वीडियो वायरल, रेलवे ट्रैक पर लड़खड़ाने और अभद्रता के आरोप, जांच शुरू। 

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक पुलिस दरोगा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे नशे की हालत में....

Aug 1, 2025 - 12:23
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सुल्तानपुर में नशे में धुत दरोगा का वीडियो वायरल, रेलवे ट्रैक पर लड़खड़ाने और अभद्रता के आरोप, जांच शुरू। 
सुल्तानपुर में नशे में धुत दरोगा का वीडियो वायरल, रेलवे ट्रैक पर लड़खड़ाने और अभद्रता के आरोप, जांच शुरू। 

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक पुलिस दरोगा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे नशे की हालत में रेलवे ट्रैक पर लड़खड़ाते और नियमों का उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं। दरोगा का नाम श्याम कुमार सिंह बताया गया है, जो वर्तमान में लंभुआ कोतवाली के पास क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) वाहन पर तैनात हैं। वीडियो में वे पुलिस वर्दी में रेलवे क्रॉसिंग पर बंद गेट को पार करते और ट्रैक पर चलते दिख रहे हैं, जो रेलवे सुरक्षा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। स्थानीय लोगों ने उन पर नशे में गाली-गलौच और अभद्र व्यवहार करने के भी आरोप लगाए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए लंभुआ सर्किल ऑफिसर (CO) अब्दुल सलाम ने जांच शुरू कर दी है।

यह घटना 31 जुलाई 2025 को सुल्तानपुर के लंभुआ क्षेत्र में हुई। वायरल वीडियो में दरोगा श्याम कुमार सिंह को नशे की हालत में देखा जा सकता है। वे वर्दी में हैं, लेकिन उनका व्यवहार असंतुलित और अनुचित दिख रहा है। वीडियो में वे एक बंद रेलवे क्रॉसिंग को पार करते हैं, जिसके तुरंत बाद एक ट्रेन गुजरती है। सौभाग्य से, कोई दुर्घटना नहीं हुई, लेकिन इस लापरवाही ने रेलवे सुरक्षा को खतरे में डाल दिया। इसके बाद वे रेलवे ट्रैक पर चलते हुए भी दिखाई दे रहे हैं, जो न केवल खतरनाक है, बल्कि रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध भी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दरोगा का यह व्यवहार पहली बार नहीं देखा गया। कुछ लोगों ने बताया कि श्याम कुमार सिंह पहले कादीपुर थाने में तैनात थे, जहां भी उनके नशे में अभद्र व्यवहार की शिकायतें मिली थीं, और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि दरोगा अक्सर नशे में लोगों से गाली-गलौच करते हैं, जिससे क्षेत्र में उनकी छवि खराब हो चुकी है। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की और पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के अनुसार, घटना के दिन दरोगा श्याम कुमार सिंह लंभुआ थाने से एक होमगार्ड के साथ मोटरसाइकिल पर निकले थे। बताया जा रहा है कि उनकी मोटरसाइकिल पर नंबर प्लेट नहीं थी, और न ही उन्होंने और उनके साथी ने हेलमेट पहना था। यह भी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन है। लंभुआ कोतवाली से कुछ दूरी पर यह घटना हुई, जिसे किसी ने वीडियो में रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।

लंभुआ सर्किल ऑफिसर अब्दुल सलाम ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि वीडियो की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दे दी गई है, और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस विभाग इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करता, और यदि दरोगा दोषी पाए गए, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दरोगा को निलंबित करने या उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने की संभावना है।

यह घटना उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक और शर्मिंदगी का कारण बन गई है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य में पुलिस कर्मियों के नशे में अनुचित व्यवहार के कई मामले सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, 2024 में लखनऊ में दो पुलिसकर्मियों को एक चौकी के अंदर शराब पीते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। इसी तरह, 2018 में मेरठ में एक दरोगा को नशे में रेस्तरां में हंगामा करने के लिए थप्पड़ मारे गए थे। इन घटनाओं ने पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाया है और जनता का विश्वास कम किया है।

सुल्तानपुर की इस घटना ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिसकर्मियों के लिए नियमित प्रशिक्षण और मानसिक स्वास्थ्य जांच जरूरी है। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश यादव ने कहा कि पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव और सामाजिक अपेक्षाएं उन्हें तनाव में डाल सकती हैं, जिसके कारण कुछ लोग नशे का सहारा लेते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पुलिस विभाग को अपने कर्मचारियों के लिए काउंसलिंग और तनाव प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करने चाहिए।

स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर गुस्सा जाहिर किया है। एक दुकानदार ने बताया कि पुलिसकर्मियों से आम लोगों को सुरक्षा की उम्मीद होती है, लेकिन जब वे खुद नियम तोड़ते हैं, तो यह निराशाजनक है। उन्होंने मांग की कि दरोगा को तुरंत निलंबित किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।

रेलवे प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश और बंद क्रॉसिंग को पार करना रेलवे अधिनियम की धारा 147 और 153 के तहत अपराध है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है, और यदि जरूरी हुआ, तो दरोगा के खिलाफ अलग से कार्रवाई की जा सकती है।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को हजारों बार देखा और साझा किया जा चुका है। कई यूजर्स ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने इस घटना को मजाक बनाकर टिप्पणियां कीं। एक यूजर ने लिखा, “जब कानून का रक्षक ही नियम तोड़ेगा, तो जनता किस पर भरोसा करे?” वहीं, एक अन्य यूजर ने मांग की कि पुलिसकर्मियों के लिए नियमित मेडिकल जांच अनिवार्य की जाए।

पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे इस मामले में धैर्य रखें और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें। लंभुआ थाना प्रभारी ने कहा कि वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है, और यह भी देखा जा रहा है कि क्या दरोगा वास्तव में नशे में थे। मेडिकल जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।

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