Delhi Air Pollution - दिल्ली में हवा हुई जहरीली, AQI 327 पहुंचते ही GRAP-2 लागू; कोयला और तंदूर पर लगा बैन

दिल्ली में वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी (AQI 327) में पहुंचने के बाद ग्रैप-2 (GRAP-2) लागू कर दिया गया है। कोयला-तंदूर, डीजल जनरेटर के उपयोग पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं।

Nov 3, 2026 - 13:35
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Delhi Air Pollution - दिल्ली में हवा हुई जहरीली, AQI 327 पहुंचते ही GRAP-2 लागू; कोयला और तंदूर पर लगा बैन
  • Delhi Pollution GRAP 2 Enforced - 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंची दिल्ली-NCR की हवा, डीजल जनरेटर और खुले में आग पर पाबंदी
  • Air Quality Crisis Delhi - स्मॉग की चादर में लिपटी राजधानी, ग्रैप-2 के तहत कड़े प्रतिबंध; जानें क्या खुला रहेगा और क्या बंद
  • CAQM Action On Delhi NCR - वायु प्रदूषण से बिगड़े हालात, सड़कों पर पानी का छिड़काव और पार्किंग फीस बढ़ाने के निर्देश जारी

सर्दियों की शुरुआत के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क के अनुसार, दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 327 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में आता है। हालात बिगड़ते देख वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की उप-समिति ने आपात बैठक कर तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के दूसरे चरण यानी ग्रैप-2 (GRAP-2) को लागू करने का आदेश जारी किया है।

मौसम में बदलाव, हवा की धीमी गति और स्थानीय प्रदूषकों के जमाव की वजह से दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों—जैसे आनंद विहार, वजीरपुर, बवाना और आरके पुरम में एक्यूआई 350 के भी पार पहुंच गया है।

किन गतिविधियों पर रहेगी पूर्ण पाबंदी?

ग्रैप-2 लागू होने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के सभी संबंधित विभागों और नगर निगमों को प्रदूषण नियंत्रण के कड़े दिशा-निर्देशों का पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं:

होटल और भोजनालयों में तंदूर पर रोक: होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में कोयले या लकड़ी से चलने वाले तंदूर के उपयोग पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। केवल बिजली या गैस आधारित उपकरणों के उपयोग की अनुमति होगी।

डीजल जनरेटर पर सख्ती: आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं (जैसे अस्पताल, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और लिफ्ट संचालन) को छोड़कर अन्य सभी औद्योगिक और वाणिज्यिक कार्यों में गैर-अनुकूलित डीजल जनरेटर सेट (डीजी सेट) चलाने पर प्रतिबंध रहेगा।

खुले में कचरा जलाने पर निगरानी: बायोमास, सूखा कचरा, लकड़ी या पत्तियां जलाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए विशेष निरीक्षण दल तैनात किए गए हैं।

निर्माण गतिविधियों पर धूल नियंत्रण: निर्माण स्थलों पर धूल-रोधी उपाय, एंटी-स्मॉग गन का निरंतर संचालन और निर्माण सामग्री को ढककर रखना अनिवार्य कर दिया गया है।

सार्वजनिक परिवहन और पानी के छिड़काव को बढ़ावा

निजी वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए स्थानीय निकायों को पार्किंग शुल्क (Parking Fees) बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोग सड़कों पर अपनी कारें निकालने से बचें। इसके साथ ही:

दिल्ली मेट्रो (DMRC) और डीटीसी (DTC) द्वारा अतिरिक्त फेरे लगाए जाएंगे ताकि सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूती दी जा सके।

मुख्य ट्रैफिक कॉरिडोर और अत्यधिक प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट्स पर रोजाना पानी का छिड़काव (एंटी-स्मॉग गन और स्प्रिंकलर्स के जरिए) किया जाएगा।

सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों का उपयोग बढ़ाया जाएगा।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस जहरीली हवा को देखते हुए बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सुबह-शाम के समय खुले में भारी व्यायाम करने से बचने और बाहर निकलते समय एन-95 मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

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