अयोध्या में रामलला के दर्शन का रिकॉर्ड, लगभग 50 करोड़ भक्तों ने दो वर्षों में किए दर्शन।
अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी और अब दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में रामलला के दर्शन करने वाले भक्तों
- प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पूरे, अयोध्या राम मंदिर में 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए
- अयोध्या जिले की यूपी GDP में 1.5% से ज्यादा हिस्सेदारी, आबादी में मात्र 1% योगदान के बावजूद आर्थिक उछाल
अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी और अब दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में रामलला के दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या लगभग 50 करोड़ तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा 22 जनवरी 2024 से 22 जनवरी 2026 तक के दो वर्षों का है। मंदिर में रोजाना लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। 2025 में ही 50 करोड़ से अधिक दर्शन दर्ज किए गए। मंदिर अब विश्व के सबसे अधिक देखे जाने वाले धार्मिक स्थलों में से एक बन चुका है। दर्शन करने वालों में देश-विदेश के श्रद्धालु शामिल हैं। यह संख्या अमेरिका की आबादी से डेढ़ गुना अधिक है। मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखा है।
अयोध्या जिले की उत्तर प्रदेश की कुल आबादी में हिस्सेदारी लगभग 1% है। लेकिन राज्य की जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी 1.5% से अधिक हो चुकी है। राम मंदिर निर्माण और उसके बाद पर्यटन में वृद्धि से यह बदलाव आया है। अयोध्या अब यूपी की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जिले का सकल घरेलू उत्पाद 10,207.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पर्यटन, होटल, परिवहन और रियल एस्टेट क्षेत्रों में तेज विकास हुआ है। 2023 में पर्यटकों की संख्या 5.75 करोड़ थी जो 2024 में 16 करोड़ हो गई। यह संख्या आगरा, मथुरा और वाराणसी से अधिक है। राज्य सरकार ने एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में अयोध्या को महत्वपूर्ण माना है।
राम मंदिर में दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहले वर्ष में करोड़ों दर्शन हुए और दूसरे वर्ष में यह संख्या और बढ़ी। मंदिर अब धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। श्रद्धालु सारी दुनिया से आते हैं। दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं लेकिन व्यवस्था बनाए रखी गई है। मंदिर में राम दरबार के दर्शन भी शुरू हो गए हैं। यह मंदिर आस्था का केंद्र बन चुका है और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।
अयोध्या की आर्थिक प्रगति राम मंदिर से जुड़ी है। मंदिर निर्माण में 2020 से 2,150 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास जैसे रेलवे स्टेशन आधुनिकीकरण, एयरपोर्ट अपग्रेड और होटल विस्तार से रोजगार बढ़ा है। संपत्ति मूल्य में वृद्धि हुई है। अयोध्या अब सेवा अर्थव्यवस्था का हब बन रहा है। पर्यटन से जुड़े क्षेत्र जैसे आतिथ्य, परिवहन और कृषि से जुड़े उद्योग प्रभावित हुए हैं। जिले की प्रति व्यक्ति आय में भी सुधार आया है।
रामलला के दर्शन न करने वाले कुछ राजनेताओं का जिक्र चर्चा में रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अब तक दर्शन नहीं किए हैं। रक्षा मामलों की संसदीय समिति के सदस्य के रूप में 23 जनवरी 2026 को अयोध्या आने का कार्यक्रम था लेकिन वे शामिल नहीं हुए। यह दूसरी बार है जब उन्होंने राम मंदिर यात्रा से दूरी बनाई। अन्य कांग्रेस नेताओं ने दर्शन किए लेकिन गांधी परिवार के सदस्यों में से किसी ने नहीं किया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, वीवीआईपी और हस्तियां दर्शन कर चुकी हैं।
अयोध्या अब वैश्विक धार्मिक पर्यटन स्थल बन चुका है। मंदिर में दर्शन की संख्या अन्य प्रमुख स्थलों से अधिक है। आर्थिक योगदान राज्य के लक्ष्यों में सहायक है। भविष्य में हिस्सेदारी और बढ़ने की संभावना है। दर्शन व्यवस्था में सुधार जारी है।
राम मंदिर दो वर्षों में आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों का प्रतीक बन गया है। 50 करोड़ दर्शन और जीडीपी में बढ़ती हिस्सेदारी महत्वपूर्ण हैं। कुछ राजनेताओं की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है।
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