Amarnath Yatra Resumes: अमरनाथ यात्रा छह दिन बाद फिर शुरू, जम्मू से बालटाल मार्ग के लिए रवाना हुआ श्रद्धालुओं का जत्था

मौसम साफ होने के बाद श्री अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू कर दी गई है। छह दिन से जारी निलंबन के बाद शनिवार तड़के जम्मू से श्रद्धालुओं को बालटाल मार्ग से रवाना किया गया।

Jul 25, 2026 - 13:45
 0  1
Amarnath Yatra Resumes: अमरनाथ यात्रा छह दिन बाद फिर शुरू, जम्मू से बालटाल मार्ग के लिए रवाना हुआ श्रद्धालुओं का जत्था
बाबा बर्फानी दर्शन
  • श्री अमरनाथ यात्रा बहाल: मौसम सुधरते ही बालटाल रूट से यात्रा शुरू, जानें पहलगाम मार्ग को लेकर क्या है प्रशासन का फैसला
  • अमरनाथ श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी! 6 दिन के इंतजार के बाद बहाल हुई यात्रा, जय बाबा बर्फानी के जयकारों से गुंजायमान हुआ जम्मू
  • छह दिन के निलंबन के बाद श्री अमरनाथ यात्रा बहाल, जम्मू से बालटाल मार्ग के लिए रवाना हुए श्रद्धालु

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बीते छह दिनों से स्थगित पड़ी पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा शनिवार से एक बार फिर आंशिक रूप से बहाल कर दी गई है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मौसम में आए सुधार और तापमान में अनुकूल बदलाव को देखते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही को हरी झंडी दिखाई। शनिवार तड़के जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर से श्रद्धालुओं के नए जत्थे को फिलहाल केवल बालटाल मार्ग के लिए रवाना किया गया है। वहीं, पारंपरिक पहलगाम मार्ग पर यात्रा शुरू करने को लेकर प्रशासन स्थिति का जायजा ले रहा है। पिछले छह दिनों से जम्मू और विभिन्न स्थानों पर रुके श्रद्धालुओं को जैसे ही यात्रा शुरू होने की सूचना मिली, पूरे शिविर में 'हर-हर महादेव' और 'जय बाबा बर्फानी' के जयघोष गूंज उठे।

पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण सुरक्षा कारणों से छह दिनों के लिए रोकी गई श्री अमरनाथ यात्रा को शनिवार सुबह पुनः बहाल कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर राज्य प्रशासन और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने मौसम के साफ होने और यात्रा मार्गों की सुरक्षा समीक्षा के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। वर्तमान स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने केवल छोटे और अपेक्षाकृत सुगम बालटाल मार्ग से यात्रा की अनुमति दी है।

जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से जारी मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की चेतावनियों के चलते प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को एहतियातन स्थगित कर दिया था। इस दौरान सुरक्षा बलों और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमों को यात्रा मार्गों की मरम्मत और ट्रैक से मलबे को हटाने के काम में लगाया गया था। शनिवार तड़के जैसे ही आसमान साफ हुआ और मौसम विभाग की ओर से स्थिति में सुधार के संकेत मिले, प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भगवती नगर आधार शिविर से अमरनाथ यात्रियों के वाहनों को हरी झंडी दिखाई। सुरक्षा घेरे के साथ कड़े सुरक्षा इंतज़ामों के बीच श्रद्धालुओं की गाड़ियों को बालटाल रूट की ओर रवाना किया गया। हालांकि, पारंपरिक और लंबे पहलगाम मार्ग पर अभी भी रास्ते की स्थिति, भूस्खलन के खतरे और मौसम के पल-पल बदलते मिजाज का आकलन किया जा रहा है, जिसके बाद ही उस मार्ग को खोलने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

यात्रा बहाल होने की घोषणा होते ही भगवती नगर बेस कैंप और आसपास के इलाकों में छह दिन से रुके श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए तीर्थयात्रियों ने एक-दूसरे को बधाइयां दीं और ढोल-नगाड़ों के साथ जयकारे लगाए। श्रद्धालुओं ने बताया कि छह दिनों तक लगातार इंतजार करने के बाद जब उन्हें यात्रा शुरू होने की खबर मिली तो उनकी सारी थकान दूर हो गई। वहीं, स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, बालटाल मार्ग पर ट्रैक की स्थिति बेहतर होने के कारण सबसे पहले वहीं से आवाजाही शुरू की गई है और श्रद्धालुओं को केवल पंजीकृत व्यवस्था के तहत ही आगे बढ़ने दिया जा रहा है।

छह दिनों के निलंबन के बाद अमरनाथ यात्रा के फिर से शुरू होने से जम्मू और घाटी के पर्यटन व स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिला है। यात्रा रुकने के कारण जम्मू, कटरा और आसपास के इलाकों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु फंस गए थे, जिससे यात्री निवासों और शिविरों में भारी भीड़ जमा हो गई थी। यात्रा शुरू होने से आधार शिविरों पर दबाव कम होगा और व्यवस्था सुचारू रूप से चल सकेगी। इसके साथ ही, बालटाल रूट पर काम करने वाले स्थानीय दुकानदारों, पोनी वालों और सेवादारों के चेहरे पर भी रौनक लौट आई है। हालांकि, यात्रा के फिर शुरू होने के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

प्रशासन की योजना बालटाल मार्ग से श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से पवित्र गुफा तक पहुंचाने की है, जहां वे बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। आने वाले घंटों में पहलगाम मार्ग की तकनीकी और सुरक्षा जांच रिपोर्ट का अवलोकन किया जाएगा। यदि पहलगाम रूट पर भी ट्रैक और मौसम सुरक्षित पाया जाता है, तो एक से दो दिनों के भीतर वहां से भी श्रद्धालुओं की रवानगी शुरू कर दी जाएगी। मौसम विभाग लगातार घाटी के मौसम पर नजर बनाए हुए है और श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे प्रशासनिक दिशा-निर्देशों और मौसम चेतावनियों का पालन करते हुए ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाएं।

Also Read- SVPNPA Hyderabad: हैदराबाद पुलिस एकेडमी में महिला ट्रेनी अधिकारी का आरोप, आईपीएस प्रशिक्षु पर मामला दर्ज

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow