ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की बिजली अधिकारियों को कड़ी चेतावनी- दिल्ली तक भागो, कोई बचाने वाला नहीं मिलेगा।

Political News: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मऊ में एक कार्यक्रम के दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा...

Jul 25, 2025 - 11:08
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ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की बिजली अधिकारियों को कड़ी चेतावनी- दिल्ली तक भागो, कोई बचाने वाला नहीं मिलेगा।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की बिजली अधिकारियों को कड़ी चेतावनी- दिल्ली तक भागो, कोई बचाने वाला नहीं मिलेगा।

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मऊ में एक कार्यक्रम के दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "अगर मैंने राम जी की तरह तीर छोड़ा, तो दिल्ली के राष्ट्रपति भवन तक कोई बचाने वाला नहीं मिलेगा।" यह बयान उन्होंने बिजली विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही और जनता की शिकायतों के प्रति अधिकारियों की उदासीनता पर गुस्सा जताते हुए दिया।

  • मऊ में दिया बयान

मऊ के इंदारा जंक्शन रेलवे यार्ड में ओवरब्रिज के भूमि पूजन कार्यक्रम में एके शर्मा ने बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने रामायण और महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा, "राम जी ने समुद्र से रास्ता मांगा, लेकिन जब बात नहीं बनी, तो तीर चलाना पड़ा। उसी तरह मैंने तीन साल तक समझाया, अब समय निकल गया है। अगर आपको लगता है कि आप किसी के संरक्षण में जनता को परेशान कर सकते हैं, तो यह आपका भ्रम है।"

मंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि अगर वे गलत काम करेंगे, तो न तो ट्रांसफर से बच पाएंगे और न ही सस्पेंशन से। उन्होंने जनता से अपील की कि वे बिजली विभाग की गड़बड़ियों की जानकारी दें, ताकि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो सके।

एके शर्मा ने बिजली कटौती, गलत बिलिंग और ट्रांसफार्मर खराब होने जैसी समस्याओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जनता समय पर बिल भरती है, फिर भी उसे बिजली की कमी और खराब सेवा का सामना करना पड़ता है। मंत्री ने सवाल किया, "जो उपभोक्ता बिल जमा करते हैं, उनका ट्रांसफार्मर क्यों नहीं बदला जाता? पूरे गांव की बिजली क्यों काटी जाती है?"

उन्होंने यह भी बताया कि कुछ अधिकारी झूठी रिपोर्ट बनाकर हकीकत छिपाते हैं। लखनऊ की एक समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा, "आप लोग अंधे, बहरे और गूंगे बनकर बैठे हैं। जनता गालियां दे रही है, और आप एसी कमरों में बैठकर गलत डेटा पेश करते हैं।"

  • पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब एके शर्मा ने बिजली विभाग पर सख्ती दिखाई। 21 जुलाई 2025 को मुरादाबाद में उनके एक कार्यक्रम के दौरान 10 मिनट तक बिजली गुल होने पर उन्होंने पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था। इनमें मुख्य अभियंता अरविंद सिंघल, अधीक्षण अभियंता सुनील अग्रवाल, अधिशासी अभियंता प्रिंस गौतम, एसडीओ राणा प्रताप और जेई ललित कुमार शामिल थे।

मंत्री ने कहा कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। अब तक 3300 कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है, और 85-90 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

एके शर्मा ने विजिलेंस टीमों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ये टीमें छोटे उपभोक्ताओं को डराकर पैसे वसूलती हैं, लेकिन बड़ी बिजली चोरी पर चुप रहती हैं। उन्होंने गलत बिलिंग पर भी नाराजगी जताई, जैसे कि एक उपभोक्ता को 72 करोड़ रुपये का बिल भेजा गया।

मंत्री ने कहा, "बिजली विभाग कोई बनिया की दुकान नहीं है, जो सिर्फ बिल वसूलने के लिए हो। यह जनसेवा है।" उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान करने का आदेश दिया।

एके शर्मा ने बताया कि 2012-17 में उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग 12,000 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 30,000 मेगावाट हो गई है। यह एक बड़ी चुनौती है, लेकिन सरकार इसे पूरा करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने जनता से कहा, "आप हमारे कान और आंख बनें। जहां गड़बड़ी हो, हमें बताएं।" उन्होंने यह भी कहा कि वह जनता के लिए अपनी प्रशासनिक नौकरी छोड़कर आए हैं और उनकी प्राथमिकता जनता की सेवा है।

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