दिल्ली के अस्पताल में डॉक्टर से मारपीट का मामला, AAP ने अमित शाह से मांगा समय, BJP विधायक पर FIR की मांग।
Political: दिल्ली के आचार्य श्री भिक्षु सरकारी अस्पताल में 21 अगस्त 2025 को एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना में मोती नगर से भारतीय जनता पार्टी
दिल्ली के आचार्य श्री भिक्षु सरकारी अस्पताल में 21 अगस्त 2025 को एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना में मोती नगर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक हरीश खुराना पर डॉक्टर के साथ बदतमीजी और मारपीट का आरोप लगा है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मामले में अभी तक प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज न होने पर सवाल उठाए हैं।
AAP के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने दिल्ली पुलिस आयुक्त और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात का समय मांगकर इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। 40 डॉक्टरों ने लिखित शिकायत दी है, फिर भी कार्रवाई में देरी ने विवाद को और बढ़ा दिया है। यह घटना बुधवार सुबह करीब 11 बजे अस्पताल के आपातकालीन और कैजुअल्टी ब्लॉक में हुई। शिकायत के अनुसार, हरीश खुराना ने एक इंटर्न डॉक्टर के साथ गाली-गलौज और शारीरिक हमला किया। डॉक्टर ने अपनी शिकायत में लिखा कि विधायक ने बिना किसी कारण के बदतमीजी की और मारपीट की। इस घटना के बाद अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को सुबह 11:15 बजे शिकायत दी गई थी, लेकिन गुरुवार शाम 4 बजे तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि 40 डॉक्टरों ने इस घटना के खिलाफ लिखित शिकायत दी है और सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि सच सामने आ सके।
सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह घटना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने बताया कि जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर एक दिन पहले हमला हुआ था, तब पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया। लेकिन उसी दिल्ली में एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टर के साथ BJP विधायक द्वारा मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई से बच रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री पर हमले में तुरंत कार्रवाई हो सकती है, तो एक डॉक्टर के साथ मारपीट के मामले में देरी क्यों हो रही है।AAP ने इस मामले में दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए पहले AAP सरकार ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तैनाती की मांग की थी, लेकिन यह लागू नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि कोलकाता के RG कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर के साथ हुई घटना के बाद देशभर में डॉक्टरों ने हड़ताल की थी। उस समय दिल्ली में भी हड़ताल हुई थी, और यह निर्णय लिया गया था कि अस्पतालों में हिंसा की स्थिति में संस्थान की ओर से FIR दर्ज की जाएगी। लेकिन इस मामले में चिकित्सा अधीक्षक ने पुलिस को शिकायत नहीं दी, जिसे AAP ने कर्तव्य में लापरवाही बताया है।
सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि हरीश खुराना का व्यवहार पहले भी विवादास्पद रहा है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले खुराना ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले के आरोपी की एक फर्जी तस्वीर AAP के गुजरात विधायक गोपाल इटालिया के साथ सोशल मीडिया पर साझा की थी। कई टीवी चैनलों ने साबित किया कि यह तस्वीर फोटोशॉप की गई थी, फिर भी खुराना ने वह पोस्ट नहीं हटाई। AAP ने इसे विधायक के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का उदाहरण बताया। दूसरी ओर, हरीश खुराना ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही और मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें मिल रही थीं। इसके चलते वे मास्क पहनकर अस्पताल का औचक निरीक्षण करने गए थे। खुराना ने दावा किया कि उन्होंने कोई मारपीट नहीं की, बल्कि डॉक्टरों को मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार और इलाज करने की सलाह दी थी। उन्होंने इस मामले को डॉक्टरों द्वारा अपनी सुरक्षा के लिए बनाया गया नाटक बताया। डॉक्टरों के संगठन फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) ने भी इस घटना की निंदा की है। संगठन ने कहा कि खुराना का डॉक्टर के साथ व्यवहार अस्वीकार्य है और दिल्ली पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करनी चाहिए। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में खुराना को गुस्से में बात करते देखा गया है, जिसे डॉक्टरों ने सबूत के तौर पर पेश किया है।
AAP ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को आचार्य भिक्षु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के दफ्तर के बाहर धरना भी दिया। सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में संजीव झा, विशेष रवि, कुलदीप कुमार, और जरनैल सिंह जैसे विधायक इस धरने में शामिल हुए। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक से सवाल किया कि शिकायत पुलिस को क्यों नहीं दी गई। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि थाना प्रभारी ने स्पष्ट कहा कि उन्हें चिकित्सा अधीक्षक से कोई शिकायत नहीं मिली। AAP ने इसे कानून का उल्लंघन बताया, क्योंकि भारतीय दंड संहिता और चिकित्सा सुरक्षा अधिनियमों के तहत अस्पताल प्रशासन को ऐसे मामलों में संस्थागत FIR दर्ज करानी होती है।
सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित डॉक्टर और उनके परिवार पर शिकायत वापस लेने के लिए राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर को उनके करियर को बर्बाद करने की धमकी दी जा रही है, जिसके कारण वे अब FIR दर्ज कराने से डर रहे हैं। AAP ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक किया जाए। इस घटना ने दिल्ली की सियासत में हलचल मचा दी है। एक तरफ AAP ने इसे डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा बनाया है, वहीं BJP ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि पुलिस जल्द कार्रवाई नहीं करती, तो AAP विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पुलिस आयुक्त से मुलाकात करेगा और FIR दर्ज करवाकर ही लौटेगा। इसके साथ ही, संजीव झा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।
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