बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य आतंकी अड्डा 'मरकज सुभान अल्लाह' फिर हुआ सक्रिय, भारत की पैनी नजर

पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य आतंकी ठिकाने 'मरकज सुभान अल्लाह' का पुनर्निर्माण हुआ। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर रख रही हैं पैनी नजर।

Aug 23, 2026 - 15:41
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बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य आतंकी अड्डा 'मरकज सुभान अल्लाह' फिर हुआ सक्रिय, भारत की पैनी नजर
Jaish Terror Camp Bahawalpur

  • Operation Sindoor: भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश का आतंकी हेडक्वार्टर दोबारा तैयार
  • पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश का आतंकी अड्डा फिर सक्रिय: ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुए मरकज का किया पुनर्निर्माण
  • बड़ी खबर: बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी मुख्यालय 'मरकज सुभान अल्लाह' दोबारा बनकर तैयार

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित बहावलपुर में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य ठिकाने 'मरकज सुभान अल्लाह' के पुनर्निर्माण और उसकी गतिविधियों के दोबारा सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। इस आतंकी परिसर को पूर्व में भारत द्वारा सीमा पार सुरक्षा कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सटीक निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया था। प्राप्त खुफिया इनपुट्स के अनुसार पाकिस्तानी तंत्र की मौन सहमति और संरक्षण के बल पर इस परिसर का पुनर्निर्माण कर इसे फिर से आतंकी भर्ती, वैचारिक प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में तैयार किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान और खुफिया एजेंसियां सीमा पार की गतिविधियों पर अत्यधिक सतर्कता के साथ निगरानी बनाए हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य संचालन केंद्र 'मरकज सुभान अल्लाह' के पुनरुद्धार की पुष्ट सूचनाएं सामने आई हैं। पाकिस्तान के बहावलपुर में स्थित यह विशाल परिसर लंबे समय से आतंकी गतिविधियों, भारत विरोधी षड्यंत्रों और आतंकवादियों के वैचारिक ब्रेनवॉशिंग का प्रमुख केंद्र रहा है।

भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पूर्व में चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत इस ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया था, जिससे संगठन की रीढ़ टूट गई थी। हालांकि अब सामने आ रही ग्राउंड रिपोर्ट और सैटेलाइट निगरानी के संकेतों से स्पष्ट हुआ है कि इस परिसर की ध्वस्त इमारतों का न केवल पुनर्निर्माण पूरा कर लिया गया है, बल्कि यहां नए सिरे से प्रशासनिक और संगठनात्मक गतिविधियां भी शुरू कर दी गई हैं।

बहावलपुर का मरकज सुभान अल्लाह जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर और उसके करीबी कमांडरों का सबसे सुरक्षित और प्रमुख गढ़ माना जाता रहा है। अतीत में भारत के खिलाफ रची गई कई बड़ी आतंकी साजिशों के तार इसी ठिकाने से जुड़े पाए गए थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की रणनीतिक कार्रवाई में इस पूरे आतंकी परिसर को तबाह कर दिया गया था, जिससे आतंकी संगठन को वैश्विक और रणनीतिक स्तर पर बड़ा झटका लगा था।

हालिया घटनाक्रम के तहत सामने आए दस्तावेजों और स्थानीय सूत्रों से संकेत मिलता है कि पिछले कई महीनों से इस परिसर में गुपचुप तरीके से निर्माण कार्य संचालित किया जा रहा था। स्थानीय प्रशासन और पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में चंदा जुटाकर और विशेष वित्तीय सहयोग के जरिए बहुमंजिला इमारतों, हॉस्टल और ट्रेनिंग हॉल का दोबारा निर्माण कराया गया है। पुनर्निर्माण के बाद इस केंद्र पर नए कैडरों की आवाजाही और संदिग्ध धार्मिक बैठकों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।

भारतीय रक्षा विश्लेषकों और सामरिक विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ दिखावटी दावे किए जाते हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि बहावलपुर जैसे आतंकी ठिकानों को राज्य प्रायोजित संरक्षण देकर दोबारा खड़ा किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों का बुनियादी ढांचा बहाल होना इस बात का प्रमाण है कि पड़ोसी देश की नीति में कोई वास्तविक बदलाव नहीं आया है।

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार सीमा पार के इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। सुरक्षा तंत्र का स्पष्ट रुख है कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के विरुद्ध रची जाने वाली किसी भी साजिश को समय रहते विफल किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी दुस्साहस का निर्णायक जवाब दिया जाएगा।

बहावलपुर में आतंकी अड्डे का दोबारा सक्रिय होना दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद रोधी प्रयासों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह कदम पाकिस्तान द्वारा फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आतंकवाद विरोधी प्रस्तावों के खुले उल्लंघन को दर्शाता है।

इस घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि जैश-ए-मोहम्मद अपनी घटती ताकत और कैडर की कमी को पूरा करने के लिए बहावलपुर के जरिए नए सिरे से युवाओं को बरगलाने और आतंकी प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रहा है। इसके चलते पश्चिमी सीमा और जम्मू-कश्मीर से सटे नियंत्रण रेखा के क्षेत्रों में भारतीय सुरक्षा बलों ने अपनी सतर्कता और गश्त को और अधिक मजबूत कर दिया है।

भारतीय खुफिया एजेंसियां बहावलपुर केंद्र से जुड़े डिजिटल नेटवर्क, संचार माध्यमों और वित्तीय प्रवाह पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मंचों पर भी पाकिस्तान में फल-फूल रहे इस आतंकी बुनियादी ढांचे के पुख्ता प्रमाण प्रस्तुत करने की रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि वैश्विक स्तर पर उस पर कड़ा दबाव बनाया जा सके।

इसके साथ ही सीमावर्ती अग्रिम चौकियों, रडार स्टेशनों और तकनीकी निगरानी तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी प्रकार की घुसपैठ अथवा सीमा पार से होने वाले आतंकी प्रयास को आरंभिक चरण में ही निष्प्रभावी किया जा सके।

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