Parliament Monsoon Session: संसद सत्र के बीच आज शाम 5 बजे बैठकी, स्पीकर ओम बिरला ने बुलाई लोकसभा BAC की अहम मीटिंग
Lok Sabha BAC Meeting Updates: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज शाम 5 बजे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक बुलाई है। संसद सत्र के विधायी कार्यों पर होगी चर्चा।

- Lok Sabha BAC Meeting: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बुलाई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक, तय होगा संसद का एजेंडा
- संसद सत्र के कामकाज को लेकर बड़ी खबर: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आज शाम 5 बजे बुलाई BAC की आपात बैठक
- Parliament Update: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज शाम 5 बजे बुलाई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक
संसद के जारी सत्र के बीच विधायी कार्यों को सुचारू रूप से चलाने और विभिन्न विधेयकों पर समय आवंटन को लेकर एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) ओम बिरला ने रविवार (19 जुलाई 2026) को नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में शाम 5 बजे लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया गया है ताकि सदन की आगामी कार्यवाही के एजेंडे को सुव्यवस्थित किया जा सके। सर्वदलीय बैठक में उठे विभिन्न राजनीतिक मुद्दों और हंगामे के मद्देनजर इस समिति की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है, जहां विभिन्न विधायी प्रस्तावों पर चर्चा के लिए आधिकारिक समय सीमा का निर्धारण किया जाएगा।
यह घटनाक्रम लोकसभा की कार्यमंत्रणा समिति यानी बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की आधिकारिक बैठक से जुड़ा हुआ है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक आज शाम ठीक 5 बजे आयोजित होगी। संसदीय प्रणाली में बीएसी (BAC) एक बेहद शक्तिशाली और आवश्यक समिति होती है, जो सदन में आने वाले अध्यादेशों, विधेयकों, चर्चाओं और वित्तीय प्रस्तावों पर बहस के लिए समय का बंटवारा तय करती है। सत्र के दौरान अक्सर पैदा होने वाले गतिरोधों को दूर करने और सरकार के विधायी एजेंडे को नियमानुसार पटल पर रखने के लिए स्पीकर द्वारा इस बैठक का संयोजन किया गया है।
संसद सत्र की शुरुआत से पहले और सत्र के दौरान विभिन्न दलों के बीच आपसी सामंजस्य बिठाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। आज सुबह हुई राजनीतिक हलचल और विपक्षी दलों के रुख को देखने के बाद, लोकसभा सचिवालय ने आधिकारिक तौर पर सूचना जारी कर कार्यमंत्रणा समिति की बैठक का समय शाम 5 बजे निर्धारित किया।
इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के प्रतिनिधि, तृणमूल कांग्रेस (TMC), द्रमुक (DMK) और सत्तापक्ष के सहयोगी दलों के प्रमुख नेता शामिल होंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी सप्ताह के दौरान निचले सदन (लोकसभा) में पेश किए जाने वाले सरकारी विधेयकों की सूची तैयार करना और उन पर चर्चा के लिए घंटे निर्धारित करना है। उदाहरण के लिए, यदि सरकार कोई महत्वपूर्ण आर्थिक या सामाजिक सुधार से जुड़ा बिल ला रही है, तो उस पर विपक्ष को कितने घंटे बोलने का मौका मिलेगा और सरकार की तरफ से कौन जवाब देगा, इसका पूरा खाका इसी बैठक में सर्वसम्मति से तय किया जाएगा।
बैठक बुलाए जाने को लेकर लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि स्पीकर ओम बिरला हमेशा से सदन के भीतर अधिकतम संवाद और न्यूनतम व्यवधान के पक्षधर रहे हैं। उनका प्रयास है कि सभी राजनीतिक दलों को जनहित के मुद्दों को उठाने का पर्याप्त अवसर मिले, बशर्ते संसदीय मर्यादाओं का पालन किया जाए।
दूसरी ओर, विपक्षी खेमे के नेताओं ने संकेत दिए हैं कि वे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में अपने उन मुद्दों के लिए अधिक समय की मांग करेंगे, जिन पर वे सरकार को घेरना चाहते हैं। विपक्ष के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा, "हम चाहते हैं कि जनसरोकार से जुड़े विषयों पर चर्चा के समय में कटौती न की जाए। सरकार को केवल अपने विधेयकों को जल्दबाजी में पास कराने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्तावों को भी जगह देनी चाहिए।" सत्तापक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि सभी दलों की सहमति से सदन का एजेंडा सकारात्मक रूप से तय कर लिया जाएगा।
लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की इस बैठक का सीधा प्रभाव आगामी दिनों में संसद की उत्पादकता पर देखने को मिलेगा। यदि आज शाम 5 बजे होने वाली इस बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच समय आवंटन को लेकर सहमति बन जाती है, तो सदन की कार्यवाही बिना किसी बड़े व्यवधान के चल सकेगी। इसके विपरीत, यदि किसी विशिष्ट विधेयक या विषय पर बहस के समय को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद गहराता है, तो उसका असर सीधे तौर पर सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही देखने को मिल सकता है, जिससे बार-बार स्थगन की नौबत आ सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक के नतीजे यह तय करेंगे कि चालू सत्र रचनात्मक बहसों का गवाह बनेगा या फिर राजनीतिक नारेबाजी की भेंट चढ़ जाएगा।
शाम 5 बजे होने वाली इस बैठक के संपन्न होने के तुरंत बाद लोकसभा सचिवालय द्वारा एक आधिकारिक बुलेटिन जारी किया जाएगा, जिसमें आगामी सप्ताह के पूरे कामकाज का विवरण (Business of the House) दर्ज होगा। इसके बाद सोमवार सुबह जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू होगी, लोकसभा अध्यक्ष इस समिति की रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखेंगे, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया जाता है। अगले कुछ दिनों में पेश होने वाले सभी महत्वपूर्ण सरकारी कानूनों की दिशा और दशा आज शाम की इसी बैठक में तय होने जा रही है, जिस पर देश के सभी राजनीतिक पंडितों की निगाहें टिकी हुई हैं।
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