Silver Price Today 7 November: सर्राफा बाजार में ₹2 लाख के पार पहुंची चांदी, ₹100 की गिरावट के बाद ₹2,04,900 प्रति किलो पर कारोबार

7 नवंबर को भारतीय सर्राफा बाजार में 1 किलोग्राम चांदी का भाव ₹100 टूटकर ₹2,04,900 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है। दिल्ली, मुंबई, पटना और लखनऊ के ताजा रेट जानें।

Nov 7, 2026 - 14:53
 0  1
Silver Price Today 7 November: सर्राफा बाजार में ₹2 लाख के पार पहुंची चांदी, ₹100 की गिरावट के बाद ₹2,04,900 प्रति किलो पर कारोबार
  • Silver Rate Today 2026: चांदी की कीमतों में दर्ज हुई ₹100 की नरमी, जानिए दिल्ली, मुंबई, पटना और लखनऊ के ताजा भाव
  • Bullion Market Silver Update: 7 नवंबर को ₹2,04,900 प्रति किलोग्राम पर टिकी चांदी, प्रमुख महानगरों में खुदरा रेट स्थिर
  • Silver Price Fluctuation: ₹2,05,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब कारोबार कर रही चांदी, देश भर के बाजारों में दर्ज हुई हल्की गिरावट

भारतीय सर्राफा बाजार में 7 नवंबर के कारोबारी दिन चांदी की कीमतों में सीमित दायरे में कारोबार देखा जा रहा है। मनीकंट्रोल और प्रमुख बुलियन मार्केट ट्रैकरों से सत्यापित आंकड़ों के अनुसार, 7 नवंबर की सुबह देशभर के खुदरा और थोक बाजारों में चांदी 2,04,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। पिछले कारोबारी दिवस के मुकाबले इसमें प्रति किलोग्राम 100 रुपये की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। इस हल्की गिरावट के साथ चांदी ऐतिहासिक रूप से 2,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से ऊपर बनी हुई है और 2,05,000 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक नीचे स्थिर स्थिति में है।

देश की राजधानी दिल्ली के खुदरा बाजारों में आज चांदी का भाव 2,04,900 रुपये प्रति किलोग्राम कोट किया गया है। पिछले दिन के मुकाबले 100 रुपये की नरमी के बाद स्थानीय आभूषण निर्माताओं और खुदरा खरीदारों की ओर से संतुलित मांग दर्ज की जा रही है। वहीं, देश की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई के ऐतिहासिक जावेरी बाजार में भी 1 किलोग्राम चांदी 2,04,900 रुपये पर ही कारोबार कर रही है, जहां कल के मुकाबले 100 रुपये की कटौती दर्ज की गई है। पश्चिमी और उत्तरी भारत के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर हाजिर कारोबार में स्थिरता का रुख बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा बिहार की राजधानी पटना के सर्राफा बाजारों में भी आज यही रुख देखने को मिला। लखनऊ में चांदी 100 रुपये सस्ती होकर 2,04,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। इसी तरह पटना के बाजारों में भी 1 किलोग्राम चांदी का भाव 2,04,900 रुपये दर्ज किया गया है। दक्षिण भारत के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों जैसे बेंगलुरु और चेन्नई तथा पूर्वी भारत के कोलकाता में भी आधार भाव 2,04,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर ही बना हुआ है, जहां सभी शहरों में 100 रुपये प्रति किलोग्राम की एक समान गिरावट दर्ज की गई है।

7 नवंबर 2026 को प्रमुख शहरों में चांदी के सत्यापित भाव (प्रति किलोग्राम)

दिल्ली: ₹2,04,900 प्रति किलोग्राम (कल के मुकाबले ₹100 की गिरावट)

मुंबई: ₹2,04,900 प्रति किलोग्राम (कल के मुकाबले ₹100 की गिरावट)

पटना: ₹2,04,900 प्रति किलोग्राम (कल के मुकाबले ₹100 की गिरावट)

लखनऊ: ₹2,04,900 प्रति किलोग्राम (कल के मुकाबले ₹100 की गिरावट)

कोलकाता: ₹2,04,900 प्रति किलोग्राम (कल के मुकाबले ₹100 की गिरावट)

चेन्नई: ₹2,04,900 प्रति किलोग्राम (कल के मुकाबले ₹100 की गिरावट)

बेंगलुरु: ₹2,04,900 प्रति किलोग्राम (कल के मुकाबले ₹100 की गिरावट) (नोट: यह बुलियन का आधार मूल्य है। स्थानीय खुदरा बिलिंग में 3% जीएसटी और मेकिंग चार्ज अलग से देय होते हैं।)

कमोडिटी बाजार के विश्लेषकों का कहना है कि चांदी की कीमतों में आए इस भारी उछाल और दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर बने रहने के पीछे दोहरे कारक काम कर रहे हैं। चांदी केवल एक कीमती धातु (प्रेशियस मेटल) नहीं है, बल्कि आधुनिक विनिर्माण उद्योगों के लिए एक अपरिहार्य औद्योगिक कच्चा माल भी है। कुल वैश्विक चांदी की खपत का आधे से अधिक हिस्सा सौर ऊर्जा के फोटोवोल्टिक पैनल्स, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की बैटरियों, सेमीकंडक्टर चिप्स और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में उपयोग किया जाता है। वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन (ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन) के चलते औद्योगिक मांग में लगातार मजबूती बनी हुई है, जिससे आपूर्ति की तुलना में मांग का दबाव निरंतर बना हुआ है।

घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी के सक्रिय वायदा अनुबंधों में भी सीमित दायरे में ट्रेडिंग देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉमेक्स (COMEX) डिवीजन पर हाजिर चांदी की कीमतें और डॉलर-रुपया विनिमय दर सीधे तौर पर भारत में आयात लागत को प्रभावित करते हैं। जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और डॉलर इंडेक्स में स्थिरता देखी जाती है, तब घरेलू स्तर पर कीमतों में प्रति दिन 100 से 500 रुपये तक का सीमित तकनीकी समायोजन सामान्य माना जाता है।

खुदरा खरीदारी और बिलिंग से जुड़े नियम

आधार मूल्य (Base Rate): प्रकाशित भाव थोक धातु के बिना कर (ex-tax) संदर्भ दरें होते हैं।

जीएसटी संरचना: शुद्ध चांदी की खरीद पर 3 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (GST) अनिवार्य रूप से देय होता है।

मेकिंग चार्ज: आभूषण और कलाकृतियां खरीदते समय डिजाइन और कारीगरी शुल्क (जिस पर 5% जीएसटी लगता है) अलग से जोड़ा जाता है।

शुद्धता प्रमाणन: सिक्कों और सिल्लियों के लिए 999 फाइन (99.9% शुद्ध) तथा गहनों के लिए 925 स्टर्लिंग चांदी (92.5% शुद्धता) का मानक मान्य है।

खुदरा उपभोक्ताओं और निवेशकों के लिए यह जानना आवश्यक है कि डिजिटल पोर्टल्स या समाचारों में दिए गए भाव शुद्ध धातु के आधार मूल्य होते हैं। जब कोई ग्राहक किसी सर्राफा प्रतिष्ठान से चांदी के आभूषण, बर्तन या सिक्के खरीदता है, तो अंतिम इनवॉइस में 3 प्रतिशत जीएसटी और ज्वेलर्स द्वारा तय किया गया मेकिंग चार्ज जोड़ा जाता है। इसके अतिरिक्त, यदि पुराना आभूषण वापस बेचा जाता है, तो जौहरी केवल उस दिन के शुद्ध धातु के वजन के आधार मूल्य पर गणना करते हैं, मेकिंग चार्ज वापस नहीं मिलता।

बाजार के जानकारों का अनुमान है कि आगामी कारोबारी सत्रों में चांदी की चाल काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक गतिविधियों, अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों और वैश्विक विनिर्माण उत्पादन पर निर्भर करेगी। सौर ऊर्जा और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग से मिलने वाले निरंतर समर्थन के कारण मध्यम अवधि में कीमतें उच्च स्तरों पर स्थिर रहने की संभावना जताई जा रही है।

Also Read- Bihar Politics - जदयू से निष्कासन के बाद बोले अनंत सिंह, 'नीतीश के साथ था और रहूंगा, पार्टी 12 सीटों पर सिमटेगी'

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow