Fuel Rate Today: 23 जुलाई 2026 को देश के प्रमुख शहरों में ईंधन की दरें स्थिर, जानें आपके शहर में क्या है पेट्रोल का रेट
23 जुलाई 2026 को पेट्रोल-डीजल के भाव स्थिर रहे। दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 तो मुंबई में ₹111.21 प्रति लीटर है। जानें देश के प्रमुख शहरों की रेट सूची।

- पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी: दिल्ली में राहत तो मुंबई-कोलकाता में 110 के पार! जानें 23 जुलाई 2026 को अपने शहर के दाम
- ईंधन दरें 23 जुलाई 2026: देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के भाव स्थिर, राज्य स्तरीय टैक्स से महानगरों में बड़ा अंतर
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने आज, 23 जुलाई 2026 को देश भर में पेट्रोल और डीजल के नवीनतम खुदरा मूल्यों की सूची जारी कर दी है। आज ईंधन की दरों में अधिकांश राज्यों और शहरों में स्थिरता देखी गई है और पिछले कुछ दिनों की तुलना में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जहां पेट्रोल अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिल रहा है, वहीं मुंबई, कोलकाता और भोपाल जैसे महानगरों व राज्यों में स्थानीय मूल्य वर्धित कर (VAT) और परिवहन लागत के कारण दरें काफी ऊंची बनी हुई हैं। दोपहिया चालकों से लेकर भारी व्यावसायिक वाहनों के ट्रांसपोर्टरों तक सभी के दैनिक बजट को प्रभावित करने वाली इन दरों पर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर देखा जा रहा है।
23 जुलाई 2026 को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में स्थिरता का रुख बना रहा। तेल कंपनियों द्वारा अपडेट की गई दैनिक दर सूची के अनुसार, देश भर में ईंधन के दामों में कोई बड़ा राष्ट्रीय फेरबदल नहीं किया गया है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले स्थानीय करों (VAT) और माल ढुलाई खर्च के कारण राज्यों के बीच कीमतों में महत्वपूर्ण अंतर बना हुआ है।
उत्तरी भारत और खासकर उत्तर प्रदेश के शहरों में जहां पेट्रोल 101 से 102 रुपये प्रति लीटर के दायरे में बना हुआ है, वहीं पश्चिमी और पूर्वी राज्यों सहित मध्य प्रदेश और राजस्थान में इसकी कीमत 113 से 114 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है।
| शहर/जगह | पेट्रोल भाव | डीजल भाव |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| नोएडा | 101.96 | 95.44 |
| लखनऊ | 101.86 | 95.36 |
| कानपुर | 101.59 | 95.36 |
| बरेली | 101.78 | 95.46 |
| शाहजहांपुर | 101.97 | 95.50 |
| बाराबंकी | 102.68 | 95.68 |
| मुरादाबाद | 102.12 | 95.55 |
| आगरा | 101.66 | 95.40 |
| हरदोई | 101.97 | 95.50 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| पुणे | 111.21 | 97.83 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| असम (गुवाहाटी) | 105.73 | 97.23 |
| चेन्नई | 107.76 | 99.55 |
| तमिलनाडु | 107.76 | 99.55 |
| मध्य प्रदेश | 114.54 | 99.64 |
| राजस्थान | 113.19 | 98.25 |
देश के प्रमुख शहरों की दर तालिका का अवलोकन करने पर राज्यों के बीच का मूल्य अंतर स्पष्ट झलकता है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल का भाव 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव 95.20 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे नोएडा में पेट्रोल 101.96 रुपये और डीजल 95.44 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। राज्य की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल 101.86 रुपये और डीजल 95.36 रुपये, जबकि कानपुर में पेट्रोल 101.59 रुपये और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर स्थिर है। उत्तर प्रदेश के ही बरेली में पेट्रोल 101.78 रुपये (डीजल 95.46 रुपये), शाहजहांपुर व हरदोई में 101.97 रुपये (डीजल 95.50 रुपये), मुरादाबाद में 102.12 रुपये (डीजल 95.55 रुपये), आगरा में 101.66 रुपये (डीजल 95.40 रुपये) तथा बाराबंकी में पेट्रोल 102.68 रुपये और डीजल 95.68 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया।
दूसरी ओर, देश के अन्य महानगरों और राज्यों में ईंधन के दाम काफी ऊंचे बने हुए हैं। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बिक रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई तथा महाराष्ट्र के पुणे शहर में पेट्रोल का रेट 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। दक्षिणी भारत के तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पेट्रोल 107.76 रुपये तथा डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। असम के गुवाहाटी में पेट्रोल की दर 105.73 रुपये और डीजल 97.23 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश में राज्य स्तरीय दरों के प्रभाव से पेट्रोल 114.54 रुपये और डीजल 99.64 रुपये प्रति लीटर के उच्च स्तर पर बिक रहा है, जबकि राजस्थान में भी पेट्रोल 113.19 रुपये और डीजल 98.25 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच चुका है।
ऑटोमोबाइल चालकों, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और रसद (लॉजिस्टिक्स) क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने राज्यों के बीच ईंधन दरों में इतने बड़े अंतर पर चिंता व्यक्त की है। ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि मुंबई, कोलकाता और मध्य प्रदेश जैसे क्षेत्रों में डीजल की दरें 98 से 100 रुपये के करीब पहुंचने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर आवश्यक वस्तुओं की महंगाई पर पड़ रहा है। उनका तर्क है कि यदि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाले करों का युक्तिकरण करें, तो पूरे देश में एक समान और सस्ती दरें लागू की जा सकती हैं।
वहीं, ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों और तेल विपणन कंपनियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आने वाला उतार-चढ़ाव घरेलू दरों का मुख्य आधार होता है। तेल कंपनियों का कहना है कि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख और अपनी रिफाइनिंग लागत को ध्यान में रखकर दैनिक आधार पर दरों की समीक्षा करती हैं, और राज्यों के कर ढांचे में भिन्नता के कारण अंतिम खुदरा मूल्य अलग-अलग शहरों में भिन्न हो जाते हैं।
ईंधन दरों का यह स्थिर लेकिन राज्यवार असमान स्तर सीधे तौर पर आम उपभोक्ता के घरेलू बजट और व्यावसायिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। उत्तर प्रदेश और असम जैसे राज्यों में सस्ती ईंधन दरों से निजी वाहन चालकों को राहत मिल रही है, जिससे आवाजाही की लागत नियंत्रित बनी हुई है। इसके विपरीत, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में उच्च ईंधन मूल्य के कारण सार्वजनिक परिवहन और लंबी दूरी के लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन्स पर वित्तीय दबाव बढ़ा हुआ है। पुणे और चेन्नई जैसे औद्योगिक केंद्रों में डीजल की उच्च मांग के बीच मौजूदा दरें विनिर्माण और वितरण लागत को प्रभावित कर रही हैं।
आगामी समय में पेट्रोल और डीजल की दरों का रुख पूरी तरह से वैश्विक कच्चे तेल के उत्पादन, ओपेक (OPEC) देशों के फैसलों और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिदृश्य पर निर्भर करेगा। यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम नियंत्रित रहते हैं, तो आने वाले दिनों में भी घरेलू बाजार में ईंधन की दरों में स्थिरता बने रहने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे दैनिक आधार पर अपने स्थानीय शहर के पेट्रोल पंपों और आधिकारिक डिजिटल ऐप्स पर जाकर दरों की जांच करते रहें, ताकि लंबी दूरी की यात्रा से पहले अपने ईंधन खर्च का सही अनुमान लगाया जा सके।
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