Petrol Diesel Price Today: दिल्ली, यूपी, मुंबई से मध्य प्रदेश तक आज क्या हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? देखें पूरी लिस्ट
Petrol Diesel Price Today: 18 जुलाई 2026 को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहीं। दिल्ली, यूपी और मुंबई के ताजा भाव यहां देखें।

- Fuel Rates 18 July 2026: वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भारत में ईंधन की कीमतें स्थिर, जानें अपने शहर का भाव
- पेट्रोल-डीजल की नई दरें जारी: दिल्ली-NCR, यूपी और मुंबई समेत देश के प्रमुख राज्यों में आज क्या हैं ईंधन के भाव? चेक करें रेट लिस्ट
- ईंधन की कीमतें स्थिर: 18 जुलाई को देश के महानगरों और उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में पेट्रोल-डीजल के दामों में बदलाव नहीं
वैश्विक कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय तेल कंपनियों ने घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है। देश की तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार, 18 जुलाई 2026 को सुबह 6 बजे ईंधन के दैनिक भाव अपडेट कर दिए हैं, जिसमें दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे महानगरों सहित मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। मानसून की सक्रियता और पर्यटन सीजन के कारण बढ़ती यात्राओं के बीच स्थिर दरें आम उपभोक्ताओं, लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन मालिकों और माल ढुलाई करने वाले व्यापारियों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों को देखते हुए ही घरेलू कीमतों की अगली दिशा तय होगी।
यह मामला देश के ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र को सीधे प्रभावित करने वाले पेट्रोल-डीजल की दैनिक मूल्य समीक्षा से जुड़ा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे बदलावों के बावजूद भारत के खुदरा ईंधन बाजार में स्थिरता का रुख बना हुआ है। हर रोज सुबह सरकारी तेल कंपनियों (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) द्वारा ईंधन की कीमतों में संशोधन या उन्हें स्थिर रखने की घोषणा की जाती है। आज की स्थिरता का सीधा अर्थ यह है कि उपभोक्ताओं को पिछले दिनों तय किए गए भावों पर ही ईंधन मिलता रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है, लेकिन घरेलू स्तर पर इसका व्यापक असर देखने को नहीं मिला है। 18 जुलाई 2026 की सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। नोएडा और गाजियाबाद जैसे दिल्ली से सटे इलाकों में पेट्रोल की कीमत 101.96 रुपये और डीजल 95.44 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो लखनऊ में पेट्रोल 102.63 रुपये और डीजल 96.07 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। कानपुर में पेट्रोल 102.23 रुपये, बरेली में 101.78 रुपये और शाहजहांपुर में 101.97 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, बाराबंकी में पेट्रोल 102.68 रुपये, मुरादाबाद में 102.10 रुपये, आगरा में 101.66 रुपये और हरदोई में 102.55 रुपये प्रति लीटर पर टिका हुआ है।
देश के अन्य हिस्सों में स्थानीय वैट (VAT) और माल ढुलाई शुल्क के कारण कीमतें भिन्न हैं। मध्य प्रदेश में ईंधन पर टैक्स अधिक होने के कारण औसत पेट्रोल का भाव 115.44 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जो देश के ऊंचे स्तरों में से एक है। वहीं राजस्थान में औसत पेट्रोल 112.99 रुपये और डीजल 98.08 रुपये प्रति लीटर है। महाराष्ट्र के मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और पुणे में 112.02 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। दक्षिण भारत के चेन्नई में पेट्रोल 107.78 रुपये और पूरे तमिलनाडु का औसत भाव 108.20 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है।
| शहर / राज्य | पेट्रोल का भाव (₹/लीटर) | डीजल का भाव (₹/लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| नोएडा | 101.96 | 95.44 |
| लखनऊ | 102.63 | 96.07 |
| कानपुर | 102.23 | 95.80 (लगभग) |
| बरेली | 101.78 | 95.27 |
| शाहजहांपुर | 101.97 | 95.27 |
| बाराबंकी | 102.68 | 96.18 |
| मुरादाबाद | 102.10 | 95.71 |
| आगरा | 101.66 | 95.50 (लगभग) |
| हरदोई | 102.55 | 96.12 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| पुणे | 112.02 | 98.66 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| असम (औसत) | 106.15 | 97.62 |
| चेन्नई | 107.78 | 100.74 |
| तमिलनाडु (औसत) | 108.20 | 100.05 |
| मध्य प्रदेश (औसत) | 115.44 | 100.47 |
| राजस्थान (औसत) | 112.99 | 98.08 |
बाजार विश्लेषकों और कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों ने कच्चे तेल के आयात की लागत को संतुलित कर लिया है, जिसके कारण खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी को रोका जा सका है। ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने इस स्थिरता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि दरें इसी तरह स्थिर रहती हैं, तो आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई लागत को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी। वहीं आम वाहन चालकों का कहना है कि हालांकि कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं, लेकिन बार-बार होने वाली बढ़ोतरी से मुक्ति मिलना राहत की बात है।
ईंधन की कीमतों के स्थिर रहने का सीधा सकारात्मक प्रभाव देश के लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सेक्टर पर पड़ता है। चूंकि मानसून के इस मौसम में कई राज्यों में बुनियादी ढांचे और परिवहन में प्राकृतिक बाधाएं आती हैं, ऐसे में स्थिर ईंधन दरें माल ढुलाई की लागत को बढ़ने से रोकती हैं। इसका सीधा असर रोजमर्रा की सब्जियों, फलों और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है, जिससे खुदरा मुद्रास्फीति (महंगाई) को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे पर्यटन प्रधान राज्यों में लंबी दूरी की यात्रा करने वाले परिवारों को अपने यात्रा बजट का सटीक अनुमान लगाने में आसानी हो रही है।
आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें काफी हद तक ओपेक (OPEC) देशों के उत्पादन संबंधी फैसलों और भू-राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेंगी। तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि वे रोजाना अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड की समीक्षा करना जारी रखेंगी। विशेषज्ञों की सलाह है कि वाहन मालिकों को ईंधन पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए अपनी गाड़ियों की नियमित सर्विसिंग करानी चाहिए, टायरों में सही हवा का दबाव (टायर प्रेशर) बनाए रखना चाहिए और ट्रैफिक के दौरान गैर-जरूरी एयर कंडीशनर (AC) के उपयोग से बचना चाहिए। यह छोटे उपाय व्यक्तिगत स्तर पर बजट संतुलित रखने में सहायक हो सकते हैं।
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