देश- विदेश: इजरायल-गाजा संघर्ष में 34 फिलिस्तीनियों की मौत - हवाई हमलों और रॉकेट हमलों के बीच शांति की राह मुश्किल।
इजरायल और गाजा पट्टी के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर सुर्खियों में आया, जब इजरायली वायुसेना ने गाजा पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले ...
इजरायल और गाजा पट्टी के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर सुर्खियों में आया, जब इजरायली वायुसेना ने गाजा पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इन हमलों में कम से कम 34 फिलिस्तीनियों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि हमास ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल की ओर रॉकेट दागे। यह हमला जनवरी 2025 में शुरू हुए युद्धविराम के बाद तनाव का एक नया चरण दर्शाता है, जिसने क्षेत्र में अस्थायी शांति को भंग कर दिया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और शांति वार्ता को बढ़ावा देने की अपील की है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में स्थायी शांति की संभावना कम नजर आ रही है।
- गाजा में हवाई हमले
तड़के सुबह इजरायली वायुसेना ने गाजा पट्टी के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से गाजा सिटी, खान यूनिस, और राफा, में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 34 फिलिस्तीनियों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, और दर्जनों अन्य घायल हुए। इजरायल ने दावा किया कि ये हमले हमास के सैन्य ठिकानों, हथियार डिपो, और कमांड सेंटरों को निशाना बनाने के लिए किए गए थे। इजरायली रक्षा बल (IDF) ने कहा कि हमास के आतंकी ढांचे को नष्ट करना और बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करना इन हमलों का उद्देश्य था। हालांकि, गाजा के स्थानीय निवासियों और मानवाधिकार संगठनों ने दावा किया कि हमले "अंधाधुंध" थे और इनमें नागरिक क्षेत्र, जैसे स्कूल, अस्पताल, और रिहायशी इलाके, प्रभावित हुए। अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, गाजा सिटी के एक भीड़-भाड़ वाले बाजार और एक मस्जिद के पास हुए हमले में कई नागरिक हताहत हुए। गाजा सिविल डिफेंस ने बताया कि अस्पतालों में घायलों की संख्या के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं, और मलबे में फंसे लोगों को बचाने में भारी कठिनाई हो रही है।
- हमास की जवाबी कार्रवाई
इजरायली हमलों के जवाब में, हमास की सैन्य शाखा, अल-कस्साम ब्रिगेड्स, ने दक्षिणी इजरायल, विशेष रूप से तेल अवीव और अश्कलोन की ओर रॉकेट दागे। इजरायली सेना ने बताया कि इनमें से अधिकांश रॉकेट्स को उनके आयरन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली ने रोक लिया, जबकि कुछ रॉकेट खुले क्षेत्रों में गिरे। इस हमले में इजरायल में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन तेल अवीव में हवाई हमले की चेतावनी सायरन बजे, जिससे निवासियों में दहशत फैल गई। हमास के प्रवक्ता सुहैल अल-हिंदी ने कहा कि ये रॉकेट हमले इजरायल की "आक्रामकता" का जवाब हैं और समूह युद्धविराम को बहाल करने के लिए तैयार है, बशर्ते इजरायल हमले बंद करे। हमास ने यह भी आरोप लगाया कि इजरायल ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। जनवरी 2025 में मध्यस्थता के तहत शुरू हुआ युद्धविराम, जिसके तहत 33 इजरायली बंधकों और लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई हुई थी, मार्च 2025 में टूट गया था। हमास ने दावा किया कि इजरायल ने दूसरी चरण की वार्ता शुरू करने और मानवीय सहायता की आपूर्ति को बहाल करने से इनकार कर दिया, जिसके कारण तनाव फिर से बढ़ा।
- अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया
इजरायल-गाजा संघर्ष में इस नए उभार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चिंतित कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से तत्काल संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने एक बयान में कहा, "गाजा में नागरिकों की मौत और बुनियादी ढांचे का विनाश अस्वीकार्य है। दोनों पक्षों को मानवीय कानूनों का पालन करना चाहिए।" संयुक्त राज्य अमेरिका ने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया, लेकिन साथ ही मानवीय सहायता की आपूर्ति बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम ने भी संयम की अपील की और कहा कि वे मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। हालांकि, रूस और चीन ने इजरायल की कार्रवाइयों की आलोचना की और इसे "अनुपातहीन" बताया। चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इजरायल को नागरिकों पर हमले बंद करने चाहिए और शांति वार्ता को प्राथमिकता देनी चाहिए। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुएल अल्बारेस ने इजरायल पर "अंधाधुंध हमलों" का आरोप लगाया और अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की।
- संघर्ष
इजरायल और हमास के बीच यह संघर्ष 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास ने इजरायल पर एक अभूतपूर्व हमला किया, जिसमें 1,200 से अधिक लोग मारे गए और 250 से अधिक बंधक बनाए गए। इसके जवाब में, इजरायल ने गाजा पर बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें अब तक 52,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है और गाजा का दो-तिहाई बुनियादी ढांचा नष्ट हो चुका है। जनवरी 2025 में मिस्र, कतर और अमेरिका की मध्यस्थता से एक युद्धविराम हुआ था, लेकिन मार्च 2025 में यह टूट गया, जब इजरायल ने हमास के ठिकानों पर फिर से हमले शुरू किए।
8 जून के हमले इस संघर्ष के एक नए चरण का हिस्सा हैं। इजरायल का कहना है कि हमास अभी भी 59 बंधकों को अपने कब्जे में रखे हुए है और गाजा में अपने सैन्य ढांचे को फिर से संगठित करने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर, हमास का दावा है कि इजरायल की आक्रामकता और गाजा में मानवीय सहायता पर पूर्ण प्रतिबंध ने स्थिति को और खराब किया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, गाजा में 90% आबादी विस्थापित हो चुकी है और वहां अकाल जैसे हालात हैं।
- मानवीय संकट
8 जून के हमलों ने गाजा में पहले से गंभीर मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। विश्व खाद्य कार्यक्रम और विश्व केंद्रीय रसोई जैसी मानवीय एजेंसियों ने गाजा में खाद्य और चिकित्सा आपूर्ति की कमी की चेतावनी दी है। इजरायल द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण मानवीय सहायता के लिए बहुत कम वितरण केंद्र उपलब्ध हैं, और लोगों को सहायता प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। मई 2025 में, तेल अल-सुल्तान में एक मानवीय सहायता केंद्र पर इजरायली बलों द्वारा गोलीबारी में 10 लोग मारे गए थे, जिसकी व्यापक निंदा हुई थी। गाजा के अस्पतालों में बिजली, दवाइयों, और गहन चिकित्सा बेड की भारी कमी है। अल-शिफा अस्पताल के निदेशक मुहम्मद अबू सलमिया ने बताया कि हमलों के बाद घायलों का इलाज करना "लगभग असंभव" हो गया है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव दल पर्याप्त उपकरणों के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। इजरायल और हमास के बीच चल रही यह हिंसा शांति वार्ता की संभावनाओं को और कमजोर कर रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमास को पूरी तरह नष्ट करना और बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। दूसरी ओर, हमास ने युद्धविराम और गाजा में मानवीय सहायता की बहाली की मांग की है। मध्यस्थ देश, जैसे मिस्र और कतर, दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दोनों पक्षों की कठोर शर्तों के कारण प्रगति रुकी हुई है।
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