भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में थाई कार्गो जहाज मयूरी नारी पर हमले की कड़ी निंदा की।

होर्मुज स्ट्रेट में थाई झंडे वाले कार्गो जहाज मयूरी नारी (Mayuree Naree) पर हमला हुआ, जिसने वैश्विक शिपिंग रूट्स की सुरक्षा पर

Mar 12, 2026 - 18:13
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भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में थाई कार्गो जहाज मयूरी नारी पर हमले की कड़ी निंदा की।
भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में थाई कार्गो जहाज मयूरी नारी पर हमले की कड़ी निंदा की।
  • कांडला पोर्ट जा रहे जहाज पर हमला: भारत ने पश्चिम एशिया संघर्ष में कमर्शियल शिपिंग को टारगेट करने पर चिंता जताई
  • विदेश मंत्रालय का बयान: मासूम नागरिकों की जान खतरे में डालने और नेविगेशन की स्वतंत्रता बाधित करने से बचना चाहिए

11 मार्च 2026 को होर्मुज स्ट्रेट में थाई झंडे वाले कार्गो जहाज मयूरी नारी (Mayuree Naree) पर हमला हुआ, जिसने वैश्विक शिपिंग रूट्स की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा पोर्ट से रवाना हुआ था और भारत के गुजरात स्थित कांडला पोर्ट की ओर जा रहा था। हमले में जहाज को अज्ञात प्रोजेक्टाइल्स से निशाना बनाया गया, जिससे इंजन रूम में आग लग गई और जहाज को गंभीर क्षति पहुंची। जहाज पर कुल 23 क्रू मेंबर्स थे, जिनमें से 20 को ओमानी नेवी ने बचाया, जबकि तीन अभी भी लापता हैं और संभवतः इंजन रूम में फंसे हुए माने जा रहे हैं। हमले के बाद जहाज से काला धुआं उठता हुआ दिखा और क्रू मेंबर्स को जीवन राफ्ट्स पर समुद्र में कूदना पड़ा। यह घटना पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच हुई, जहां समुद्री मार्गों पर हमले बढ़ रहे हैं और वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल निर्यात का प्रमुख चोकपॉइंट है, जहां से रोजाना लाखों बैरल तेल गुजरता है, और ऐसे हमले ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डालते हैं।

भारत ने इस घटना की तुरंत निंदा की और विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि 11 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट में थाई जहाज मयूरी नारी पर हमले की रिपोर्ट्स देखी गई हैं। जहाज कांडला, भारत जा रहा था। भारत इस तथ्य की निंदा करता है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच कमर्शियल शिपिंग को मिलिट्री अटैक्स का निशाना बनाया जा रहा है। मंत्रालय ने जोर दिया कि कमर्शियल शिपिंग को टारगेट करना और मासूम सिविलियन क्रू मेंबर्स की जान खतरे में डालना या नेविगेशन और कॉमर्स की स्वतंत्रता में बाधा डालना टाला जाना चाहिए। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि इस संघर्ष के शुरुआती चरण में कई ऐसे हमलों में कीमती जानें गई हैं, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, और हमलों की तीव्रता तथा घातकता बढ़ती ही जा रही है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर भी इसकी पुष्टि की और हमले की रिपोर्ट्स का जिक्र किया। भारत ने स्पष्ट किया कि ऐसे कृत्य अस्वीकार्य हैं और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं।

हमले की जिम्मेदारी ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ली है। IRGC कमांडर ने दावा किया कि जहाज ने ईरान की चेतावनियों को अनदेखा किया, जिसके कारण इसे निशाना बनाया गया। हमले में ड्रोन या अनमैन्ड सरफेस वेसल (USV) का इस्तेमाल हुआ, जो जहाज के रडार और प्रोपेलर एरिया को टारगेट करने के लिए डिजाइन किया गया था। इससे जहाज इमोबिलाइज हो गया और आग लग गई। यह हमला उसी दिन हुआ जब होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के क्षेत्र में तीन अन्य जहाजों पर भी हमले रिपोर्ट हुए, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। थाई नेवी ने हमले की जांच शुरू की और कारणों की पुष्टि की जा रही है। जहाज Precious Shipping Pcl कंपनी का था, जो ड्राई बल्क कैरियर है और सामान्य कमर्शियल कार्गो ले जा रहा था।

यह घटना पश्चिम एशिया संघर्ष के व्यापक संदर्भ में आई है, जहां ईरान और उसके विरोधी ताकतों के बीच टकराव बढ़ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर हमले पहले भी हो चुके हैं, लेकिन इसकी तीव्रता बढ़ रही है। भारत ने पहले भी ऐसे हमलों में भारतीय क्रू मेंबर्स की मौत पर चिंता जताई है—कई भारतीय सीफेयरर्स की जान जा चुकी है। मंत्रालय ने दोहराया कि मासूम नागरिकों पर हमले अस्वीकार्य हैं और फ्रीडम ऑफ नेविगेशन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। भारत की यह प्रतिक्रिया उसके वैश्विक व्यापार हितों से जुड़ी है, क्योंकि कांडला पोर्ट भारत के प्रमुख पोर्ट्स में से एक है और थाईलैंड से आने वाले कार्गो महत्वपूर्ण हैं। हमले के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू हुआ। ओमानी रॉयल नेवी ने 20 क्रू मेंबर्स को बचाया, जो समुद्र में कूद गए थे। तीन लापता क्रू मेंबर्स की तलाश जारी है, और उन्हें इंजन रूम में फंसा माना जा रहा है। थाई सरकार ने घटना पर चिंता जताई और जांच की बात कही। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों जैसे UKMTO ने हमलों की पुष्टि की और जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी। यह घटना वैश्विक शिपिंग कंपनियों के लिए चिंता का विषय बनी, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से तेल और कार्गो का बड़ा हिस्सा गुजरता है। भारत की निंदा अन्य देशों की प्रतिक्रियाओं के साथ मेल खाती है, जहां कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि संघर्ष में कमर्शियल जहाजों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। यह बयान भारत की न्यूट्रल पोजीशन को दर्शाता है, जहां वह क्षेत्रीय शांति और सुरक्षित व्यापार का समर्थन करता है। अभी तक कोई नया हमला रिपोर्ट नहीं हुआ, लेकिन क्षेत्र में अलर्ट जारी है।

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