Nepal Flood Alert: नेपाल की भोटे कोशी नदी में जलस्तर और बहाव बढ़ा, प्रशासन ने रसुवा में जारी किया हाई अलर्ट
नेपाल में भोटे कोशी नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने से रसुवा व आसपास के जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश मिले हैं।

- Nepal Flood: भोटे कोशी नदी में बढ़ा जलस्तर, रसुवा समेत निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी
- Nepal Flash Flood Update: रसुवा में भोटे कोशी नदी का उफान तेज, तटीय क्षेत्रों में खतरे की चेतावनी
- नेपाल में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, भोटे कोशी नदी में तेज बहाव के बाद रसुवा में अलर्ट जारी
नेपाल के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम और नदियों के बदलते मिजाज के बीच एक बार फिर बाढ़ की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने रविवार को रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी के जलस्तर और बहाव की गति में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद हाई अलर्ट घोषित किया है। सीमावर्ती और निचले इलाकों में नदी के तेज गर्जन और बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन ने राहत-बचाव दलों समेत स्थानीय नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। रसुवा के अलावा नुवाकोट, धादिंग और चितवन जैसे निचले मैदानी व तटीय क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
नेपाल के उत्तरी हिमालयी क्षेत्र में स्थित रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी का जलस्तर और प्रवाह अचानक तेज हो गया है। नदी के बहाव की तेज आवाज और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने तत्काल सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में प्राकृतिक हलचल के कारण नदी का बहाव उग्र रूप ले रहा है, जिससे किनारे बसे गांवों और बस्तियों पर खतरा मंडराने लगा है।
प्रशासनिक स्तर पर नदी के प्रवाह मार्ग में आने वाले सभी संवेदनशील क्षेत्रों को खाली कराने और लोगों को ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। यह स्थिति ऐसे समय में बनी है जब क्षेत्र में पहले से ही मौसम की अनिश्चितता और भूस्खलन का खतरा बना हुआ था।
भोटे कोशी नदी
भोटे कोशी नदी का उद्गम तिब्बत (चीन) के ग्लेशियर क्षेत्रों से होता है और यह नेपाल की संकरी घाटियों से होते हुए आगे बढ़ती है। अत्यंत खड़ी ढलानों और संकरे रास्तों से गुजरने के कारण जब भी ऊपरी इलाकों में बारिश या ग्लेशियर पिघलने की घटना होती है, तो इसका जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ता है और निचले इलाकों में विनाशकारी रूप धारण कर लेता है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, रविवार सुबह रसुवा के जिला प्रशासन कार्यालय को सूचना मिली कि भोटे कोशी नदी के ऊपरी हिस्से से भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर आ रहा है और नदी के बहाव में असामान्य गर्जना सुनाई दे रही है। इसके तुरंत बाद नेपाल आपदा प्राधिकरण (NDRRMA) ने आपातकालीन बुलेटिन जारी किया।
चेतावनी जारी होते ही रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन जिलों के प्रशासनिक अमले को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया। भोटे कोशी नदी घाटी और उससे जुड़े क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों, सेना, सशस्त्र पुलिस बल और स्वयंसेवी राहत दलों को तुरंत अलर्ट मोड पर रखा गया है। नदी के किनारों पर रहने वाले लोगों को लाउडस्पीकर और डिजिटल संचार माध्यमों के जरिए आगाह किया जा रहा है कि वे पानी के तेज बहाव से दूर रहें।
नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर लगातार चौबीसों घंटे उपग्रह और स्थानीय निगरानी तंत्र के जरिए नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पानी का प्रवाह सामान्य स्तर पर नहीं लौट आता, तब तक नदी तटवर्ती इलाकों में किसी भी प्रकार की आवाजाही को प्रतिबंधित किया जा रहा है।
स्थानीय निकायों और सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है। पड़ोसी जिलों के प्रशासन को भी जलभराव की स्थिति में त्वरित निकासी योजना तैयार रखने को कहा गया है।
भोटे कोशी नदी में पानी का बहाव बढ़ने से स्थानीय जनजीवन और बुनियादी ढांचे पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन का खतरा और अधिक तीव्र हो गया है, जिससे कई संपर्क मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। नदी किनारे बनी जलविद्युत परियोजनाओं के कार्यस्थलों पर एहतियातन काम रोक दिया गया है और वहां तैनात कर्मियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
इसके अलावा, क्षेत्र में पहले से जारी राहत और पुनर्वास कार्यों की गति भी प्रभावित हो सकती है, क्योंकि बढ़ते जलस्तर के कारण नदी पार करने वाले पुलों और पगडंडियों पर आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
मौसम विभाग और आपदा एजेंसियों ने आने वाले घंटों में मौसम के मिजाज को देखते हुए और अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। तिब्बत सीमा से सटे ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में पानी के जमाव और बहाव पर सीमा पार समन्वय के जरिए भी जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि दर्ज की जाती है, तो नदी के निकटवर्ती बस्तियों से लोगों को सुरक्षित शिविरों में ले जाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा। निचले जिलों में जल निगरानी चौकियों को हर घंटे की रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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