Rajasthan Vidya Sambal Yojana 2026: राजस्थान में गेस्ट फैकल्टी के 76,791 पदों पर बंपर भर्ती, बिना परीक्षा होगा चयन
Rajasthan Guest Faculty Recruitment 2026: राजस्थान में विद्या संबल योजना के तहत 76,791 पदों पर भर्ती। बिना लिखित परीक्षा मेरिट से होगा चयन। जानें पूरी प्रक्रिया।

- Rajasthan Guest Faculty Recruitment 2026: विद्या संबल योजना से भरे जाएंगे शिक्षकों के रिक्त पद, देखें आवेदन प्रक्रिया और योग्यता
- Rajasthan Guest Faculty Bharti: विद्या संबल योजना के तहत 76,791 पदों पर भर्ती, बिना लिखित परीक्षा सीधे मेरिट से चयन
- Rajasthan Teacher Bharti: राजस्थान में गेस्ट फैकल्टी के 76,791 पदों पर भर्ती शुरू, विद्या संबल योजना से दूर होगी शिक्षकों की कमी
राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और संस्कृत शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों को भरने के लिए 'विद्या संबल योजना' के तहत बड़े पैमाने पर गेस्ट फैकल्टी (अतिथि शिक्षक) भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। शैक्षिक सत्र 2026-27 के दौरान लगभग 76,791 पदों पर योग्य और अनुभवी अभ्यर्थियों को शिक्षण कार्य के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य संस्थानों में विषय अध्यापकों की कमी को तत्काल दूर करना और विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना है। इस भर्ती की सबसे अहम विशेषता यह है कि इसमें चयन बिना किसी लिखित परीक्षा के केवल शैक्षणिक योग्यता और निर्धारित मेरिट के आधार पर जिला स्तरीय समितियों द्वारा किया जा रहा है।
राजस्थान सरकार ने सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों और आवासीय छात्रावासों में शिक्षकों और प्राध्यापकों की कमी से निपटने के लिए विद्या संबल योजना 2026 को प्रभावी ढंग से लागू किया है। इसके अंतर्गत राज्य भर में करीब 76,791 पदों पर गेस्ट फैकल्टी की अस्थाई नियुक्तियां की जा रही हैं। इस पहल से जहां एक तरफ शिक्षण संस्थानों में पठन-पाठन की व्यवस्था तुरंत पटरी पर लौटेगी, वहीं दूसरी तरफ शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर चुके युवाओं, उच्च शिक्षित बेरोजगारों और सेवानिवृत्त अध्यापकों को अध्यापन का सीधा अवसर मिल रहा है।
सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न जिलों और शिक्षण संस्थानों ने अपनी आवश्यकतानुसार विषयवार रिक्तियों की सूची जारी करना शुरू कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों से ऑफलाइन माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित प्रारूप में फॉर्म भरकर संबंधित स्कूल, कॉलेज अथवा नोडल केंद्र में व्यक्तिगत रूप से आवश्यक प्रमाण पत्रों के साथ जमा कर रहे हैं।
इस योजना के तहत चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और त्वरित रखा गया है। उम्मीदवारों के चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा अथवा साक्षात्कार आयोजित नहीं किया जा रहा है। जिला स्तर पर गठित चयन समिति न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और अतिरिक्त अर्हताओं के अंकों के आधार पर पारदर्शी मेरिट सूची तैयार कर रही है।
मानदेय की बात करें तो विद्यालय स्तर पर ग्रेड-3 शिक्षक, अनुदेशक और प्रयोगशाला सहायक को ₹300 प्रति घंटा (अधिकतम ₹21,000 प्रतिमाह), वरिष्ठ अध्यापक (ग्रेड-2) को ₹350 प्रति घंटा (अधिकतम ₹25,000 प्रतिमाह) और स्कूल व्याख्याता (ग्रेड-1) को ₹400 प्रति घंटा (अधिकतम ₹30,000 प्रतिमाह) दिया जाएगा। वहीं उच्च शिक्षा और महाविद्यालयों में सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) को ₹800 प्रति घंटा (अधिकतम ₹45,000 प्रतिमाह), एसोसिएट प्रोफेसर को ₹1,000 प्रति घंटा और प्रोफेसर को ₹1,200 प्रति घंटा तक मानदेय निर्धारित किया गया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था नियमित शिक्षकों के पदस्थापन या सत्र समाप्ति तक की एक सुगम वैकल्पिक व्यवस्था है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में बाधित न हो। अधिकारियों के मुताबिक, राजस्थान के मूल निवासियों और अनुभवी शिक्षकों को नियमों के अनुसार प्राथमिकता दी जा रही है।
दूसरी ओर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और शिक्षक संघों ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे तात्कालिक राहत बताया है। हालांकि कई अभ्यर्थी संगठनों ने यह मांग भी दोहराई है कि सरकार को गेस्ट फैकल्टी व्यवस्था के साथ-साथ इन रिक्तियों पर शीघ्र नियमित भर्ती प्रक्रिया भी पूरी करनी चाहिए ताकि युवाओं को स्थायी रोजगार सुनिश्चित हो सके।
विद्या संबल योजना का सबसे सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के सरकारी शिक्षण संस्थानों पर पड़ेगा, जहां लंबे समय से गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और संस्कृत जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई थी। गेस्ट फैकल्टी के आने से बोर्ड परीक्षाओं और विश्वविद्यालय परीक्षाओं के परिणाम में सुधार आने की उम्मीद है। इसके अलावा, राज्य के हजारों योग्य युवाओं को सम्मानजनक मानदेय के साथ अध्यापन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जो उनके भविष्य के शिक्षण करियर में सहायक सिद्ध होगा।
जिला स्तरीय चयन समितियां प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी पूरी करने के बाद अंतिम मेरिट सूची और पदस्थापन आदेश जारी कर रही हैं। चयनित शिक्षकों को आवंटित संस्थानों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए जाएंगे। शिक्षा निदेशालय ने सभी संस्था प्रधानों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि पदभार ग्रहण करते ही कक्षाओं का संचालन व्यवस्थित रूप से शुरू किया जाए।
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