Maharashtra FDA Officer Incident: छत्रपति संभाजीनगर में रिश्वत के आरोप पर FDA अधिकारी को लोगों ने जबरन खिलाए एक्सपायर्ड बिस्कुट
Maharashtra News: छत्रपति संभाजीनगर में रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद भीड़ ने FDA अधिकारी को घेरकर एक्सपायर्ड बिस्कुट खिलाए। मामले की जांच जारी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

- Maharashtra News: एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदार को बचाने का आरोप, भीड़ ने FDA अधिकारी का किया घेराव
- Maharashtra FDA News: रिश्वत लेकर कार्रवाई न करने का आरोप, गुस्साई भीड़ ने FDA अधिकारी को जबरन खिलाए एक्सपायर्ड बिस्कुट
- Maharashtra Incident: रिश्वतखोरी के आरोपों के बीच भीड़ ने FDA अधिकारी को घेरा, जबरन खिलाए एक्सपायर्ड बिस्कुट, वीडियो वायरल
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के वैजापुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के एक अधिकारी को स्थानीय नागरिकों के भारी विरोध और हंगामे का सामना करना पड़ा। आरोप है कि एक स्थानीय दुकान से एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ खाने के बाद दो साल के बच्चे की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसकी शिकायत पर जांच करने पहुंचे अधिकारी पर दुकानदार से कथित तौर पर रिश्वत लेकर मामले को दबाने का आरोप लगा। इस बात से आक्रोशित लोगों ने अधिकारी को घेर लिया और जब्त किए गए एक्सपायर्ड बिस्कुट जबरन उनके मुंह में ठूंसने का प्रयास किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के वैजापुर इलाके में स्थित एक स्थानीय पान व किराना दुकान पर एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बेचने का मामला सामने आया। कथित तौर पर दुकान से खरीदा गया नमकीन चिवड़ा खाने से दो साल के एक मासूम बच्चे की अचानक तबीयत खराब हो गई और उसे चक्कर आने लगे। गंभीर हालत में बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने इसकी लिखित शिकायत खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग से की। जब विभाग का एक अधिकारी मौके पर जांच के लिए पहुंचा, तो लोगों ने उस पर निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय दुकानदार से कथित तौर पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद जब FDA अधिकारी दुकान की जांच करने पहुंचे, तो संबंधित संदिग्ध नमकीन वहां से पहले ही हटा दिया गया था। हालांकि, निरीक्षण के दौरान दुकान से एक्सपायर्ड तारीख वाले बिस्कुट और अन्य खाद्य उत्पादों के कई पैकेट बरामद हुए। नागरिकों का आरोप है कि अधिकारी ने सामग्री तो जब्त कर ली, लेकिन दुकानदार के खिलाफ कोई कड़ी कानूनी कार्रवाई या दुकान को सील करने का कदम नहीं उठाया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने दुकानदार को बचाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत ली। इसके बाद गुस्साए नागरिकों ने अधिकारी को चारों तरफ से घेर लिया। भीड़ में शामिल लोगों ने कहा कि यदि यह सामग्री सुरक्षित है तो वे इसे खुद खाकर दिखाएं। इसी दौरान कुछ लोगों ने जबरन एक्सपायर्ड बिस्कुट अधिकारी के मुंह में डालने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों द्वारा बनाया गया इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय नागरिकों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की लापरवाही के कारण दुकानों पर धड़ल्ले से एक्सपायर्ड और अमानक सामग्री बेची जा रही है, जिससे मासूम बच्चों और आम लोगों का स्वास्थ्य गंभीर खतरे में पड़ रहा है। नागरिकों ने मांग की है कि दोषी दुकानदार और कथित तौर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारी दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
दूसरी ओर, प्रशासनिक और पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले का संज्ञान लिया गया है। किसी भी सरकारी कर्मचारी के साथ ड्यूटी के दौरान दुर्व्यवहार या कानून अपने हाथ में लेने को स्वीकार नहीं किया जा सकता। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और रिश्वतखोरी के आरोपों दोनों की निष्पक्षता से जांच की जा रही है।
इस घटना ने राज्य में खाद्य सुरक्षा मानकों की निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर अधिकारियों की कार्यशैली पर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर दुकानदारों द्वारा एक्सपायरी डेट के उत्पादों की बिक्री को लेकर लोगों में भारी रोष देखा जा रहा है। साथ ही, इस वाकये ने यह भी रेखांकित किया है कि जब प्रशासनिक तंत्र से त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई नहीं मिलती, तो जनता का आक्रोश अप्रत्याशित रूप ले सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने अन्य क्षेत्रों में भी जांच अभियान तेज करने के संकेत दिए हैं।
पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग वायरल वीडियो की फुटेज और गवाहों के बयानों की समीक्षा कर रहे हैं। दुकान से बरामद खाद्य सामग्री के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है ताकि रासायनिक और सुरक्षा मानकों का सटीक आकलन हो सके। इसके अतिरिक्त, विभाग द्वारा संबंधित अधिकारी पर लगे रिश्वतखोरी के आरोपों की आंतरिक जांच कराने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे कानून हाथ में न लें और किसी भी अनियमितता की स्थिति में वरिष्ठ अधिकारियों से औपचारिक शिकायत दर्ज कराएं।
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