Bittu Tabahi MP: अजनार नदी साफ करने वाले 20 साल के 'बिट्टू तबाही' से मिले सीएम मोहन यादव, जताई गर्व की अनुभूति
MP News: राजगढ़ के 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ 'बिट्टू तबाही' ने अकेले अजनार नदी को साफ कर मिसाल पेश की है। सीएम मोहन यादव ने भोपाल में उनसे मुलाकात कर प्रशंसा की।

- MP News: अकेले दम पर अजनार नदी चमकाने वाले सुरेंद्र चौधरी से मिले CM मोहन यादव, भोपाल निवास पर हुई मुलाकात
- अकेले ही अजनार नदी साफ कर डाली! सोशल मीडिया पर छाया 20 साल का युवा, CM मोहन यादव ने भोपाल बुलाकर बढ़ाया हौसला
- MP News Update: अजनार नदी की सफाई करने वाले युवा सुरेंद्र सिंह चौधरी 'बिट्टू तबाही' से मिले सीएम मोहन यादव, दी बधाई
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ जिले के बियाओरा निवासी 20 वर्षीय युवा सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ 'बिट्टू तबाही' से अपने भोपाल स्थित आधिकारिक निवास पर विशेष मुलाकात की है। बियाओरा की अजनार नदी को अकेले ही कचरे से मुक्त कराने और उसे नया जीवन देने के भागीरथ प्रयास के चलते सुरेंद्र सिंह का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस अनोखे और प्रेरणादायी कार्य से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उन्हें राजधानी भोपाल आमंत्रित किया और उनके मजबूत संकल्प की दिल खोलकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश को उनके इस उत्कृष्ट प्रयास पर गर्व है, जो समाज और युवाओं के लिए पर्यावरण संरक्षण की एक बड़ी नजीर पेश करता है।
राजगढ़ जिले के बियाओरा क्षेत्र से बहने वाली अजनार नदी लंबे समय से गंदगी, प्लास्टिक और ठोस कचरे की समस्या से जूझ रही थी। इस स्थिति को बदलने के लिए स्थानीय 20 वर्षीय युवा सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें क्षेत्र में 'बिट्टू तबाही' के नाम से भी जाना जाता है, ने बिना किसी सरकारी या सामाजिक मदद के अकेले ही नदी सफाई का बीड़ा उठाया। लगातार मेहनत करके उन्होंने नदी के एक बड़े हिस्से से कचरा बाहर निकालकर पानी को प्रवाहमान बनाया। जब इस जल संरक्षण अभियान का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रसारित हुआ, तो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संज्ञान लेते हुए उन्हें भोपाल अपने आवास पर मुलाकात के लिए आमंत्रित किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
सुरेंद्र सिंह चौधरी ने पर्यावरण सुरक्षा और नदी पुनर्जीवन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए कई दिनों तक लगातार अजनार नदी में उतरकर सफाई अभियान चलाया। बिना किसी भारी मशीनरी या बड़े समूह की मदद के, केवल अपने हाथों और संकल्प के बल पर उन्होंने नदी में जमा थर्माकोल, प्लास्टिक की बोतलों और घरेलू कचरे को हटाया। इस दौरान उन्होंने अपनी इस मेहनत को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया और लोगों का ध्यान इस सकारात्मक कार्य की ओर गया।
नेटिजन्स और पर्यावरण प्रेमियों द्वारा इस प्रयास की व्यापक प्रशंसा के बाद यह मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आमंत्रित किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने सुरेंद्र से उनके अनुभव, नदी सफाई के दौरान आई चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में आत्मीयता से चर्चा की।
सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ 'बिट्टू तबाही' से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सार्वजनिक रूप से उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में समाज और प्रकृति के प्रति ऐसा समर्पण दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि सुरेंद्र ने साबित कर दिया है कि अगर मन में दृढ़ संकल्प हो, तो एक अकेला व्यक्ति भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरे मध्य प्रदेश को सुरेंद्र के इस कार्य पर गर्व है और राज्य सरकार ऐसे जमीनी प्रयासों को प्रोत्साहित करती रहेगी।
वहीं, मुख्यमंत्री से सम्मान मिलने के बाद भावुक दिखे सुरेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि अजनार नदी को साफ करने का विचार उनकी मातृभूमि और पर्यावरण के प्रति कर्तव्य की भावना से आया था। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से मिली सराहना से उनका हौसला और बढ़ा है और वे आगे भी जल स्रोतों को स्वच्छ बनाने तथा युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का काम जारी रखेंगे। 20 वर्षीय युवा के इस प्रयास और राज्य के मुखिया द्वारा दिए गए सम्मान का असर अब पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। इस घटनाक्रम ने राज्य के युवाओं के बीच जल संरक्षण और पर्यावरण स्वच्छता को लेकर एक नई बहस और प्रेरणा को जन्म दिया है।
अजनार नदी के इस कायाकल्प अभियान ने न केवल बियाओरा शहर में स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि नदियों और जलाशयों की सुरक्षा केवल सरकारी तंत्र के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। इसमें जनभागीदारी और व्यक्तिगत प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दिए गए प्रोत्साहन के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि स्थानीय प्रशासन भी अजनार नदी को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त बनाने और उसमें दोबारा गंदगी न फेंकने को लेकर सख्त कदम उठाएगा। इसके साथ ही, राज्य सरकार भविष्य में 'बिट्टू तबाही' जैसे युवा पर्यावरण योद्धाओं को राज्यस्तरीय स्वच्छता और जल संरक्षण अभियानों का ब्रांड एंबेसडर या मुख्य चेहरा बना सकती है, ताकि मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी नदियों और तालाबों के पुनरुद्धार के लिए युवाओं को प्रेरित किया जा सके।
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